
वाणिज्य विभाग के अपर सचिव नितिन कुमार यादव के नेतृत्व में भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने मनीला में आयोजित 23वें आसियान-भारत आर्थिक मंत्री परामर्श बैठक में हिस्सा लिया।
मुख्य बातें
- बैठक फिलीपींस की राजधानी मनीला में आयोजित की गई थी।
- वर्ष 2025-26 में भारत और आसियान के बीच द्विपक्षीय व्यापार 128.38 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुँच गया।
- भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व वाणिज्य विभाग के अपर सचिव नितिन कुमार यादव ने किया।
- चर्चाओं में आसियान-भारत वस्तु व्यापार समझौते की समीक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया।
आसियान भारत आर्थिक मंत्री परामर्श और पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन के आर्थिक मंत्रियों की बैठकों में भारत ने अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) के अनुसार, वाणिज्य विभाग के अपर सचिव नितिन कुमार यादव के नेतृत्व में भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने फिलीपींस के मनीला में आयोजित इन महत्वपूर्ण बैठकों में हिस्सा लिया। इन वार्ताओं का मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय और वैश्विक आर्थिक विकास के मुद्दों पर चर्चा करना तथा आपसी व्यापारिक संबंधों को नई दिशा देना था।
आसियान भारत व्यापार समझौते की समीक्षा और आंकड़े
भारत और आसियान के बीच द्विपक्षीय व्यापार वर्ष 2025-26 में 128.38 अरब अमेरिकी डॉलर के आंकड़े को पार कर गया है। इस दौरान भारत के कुल वैश्विक व्यापार में आसियान की हिस्सेदारी 10.55 प्रतिशत दर्ज की गई, जो दोनों पक्षों के बीच गहरे आर्थिक जुड़ाव को दर्शाती है। बैठकों के दौरान आसियान-भारत वस्तु व्यापार समझौते की चल रही समीक्षा प्रक्रिया पर विशेष जोर दिया गया। भारत का उद्देश्य इस समझौते को अधिक संतुलित, उपयोग में आसान और व्यापार को सुगम बनाने वाला बनाना है ताकि मौजूदा व्यापार असंतुलन को प्रभावी ढंग से दूर किया जा सके।
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आसियान भारत बैठक में किन मुख्य मुद्दों पर हुई चर्चा?
आसियान भारत वार्ताओं में द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाने, ऊर्जा सुरक्षा और औद्योगिक समूहों के विकास पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। आसियान सचिवालय ने 2027 के लिए क्षेत्रीय और वैश्विक आर्थिक दृष्टिकोण प्रस्तुत किया, जबकि आसियान और पूर्वी एशिया के लिए आर्थिक अनुसंधान संस्थान ने ऊर्जा सुरक्षा और औद्योगिक क्लस्टर से जुड़ा शोध पत्र पेश किया।
बैठक में शामिल देश और अन्य प्रतिनिधिमंडल
फिलीपींस की राजधानी मनीला में हुई इन बैठकों में आसियान के सभी 11 सदस्य देशों के आर्थिक मंत्रियों या उनके प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इन देशों में निम्नलिखित राष्ट्र शामिल हैं:
- ब्रुनेई और कंबोडिया
- इंडोनेशिया और लाओस
- मलेशिया और म्यांमार
- फिलीपींस और सिंगापुर
- थाईलैंड, तिमोर-लेस्ते और वियतनाम
इन देशों के अलावा ऑस्ट्रेलिया, चीन, जापान, न्यूजीलैंड, कोरिया, रूस और संयुक्त राज्य अमेरिका जैसे पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन के अन्य साझेदार भी इन बैठकों का हिस्सा बने।
इसका असर और व्यावसायिक मंच की गतिविधियां
मुख्य बैठकों से इतर भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने फिलीपींस में कार्यरत भारतीय कारोबारियों से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने 22 सितंबर 2026 को स्थानीय भारतीय व्यवसायों के साथ बैठक कर वस्तुओं और सेवाओं के निर्यात में आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों पर चर्चा की। इसके बाद 23 सितंबर 2026 को आयोजित आसियान-भारत व्यावसायिक मंच 2026 में भी भारतीय अधिकारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। इन प्रयासों का उद्देश्य निर्यातकों को पेश आ रही बाधाओं को कम करना और क्षेत्रीय आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करना है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? आसियान भारत आर्थिक मंत्री परामर्श बैठक कहाँ आयोजित की गई थी?
उत्तर। यह बैठक फिलीपींस के मनीला शहर में आयोजित की गई थी।
प्रश्न? वर्ष 2025-26 में भारत और आसियान का द्विपक्षीय व्यापार कितना रहा?
उत्तर। इस अवधि के दौरान दोनों पक्षों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 128.38 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुँच गया।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






