
भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के कार्यालय ने राज्य सरकारों के नोडल अधिकारियों के साथ आई-स्टेम पोर्टल को लेकर पहली बैठक की, जिसका उद्देश्य वैज्ञानिक और आर एंड डी इंफ्रास्ट्रक्चर तक पहुंच को आसान बनाना है।
मुख्य बातें
- बैठक की अध्यक्षता वैज्ञानिक डॉ. (श्रीमती) परविंदर मैनी ने 21 सितंबर 2026 को की।
- इस बैठक में 23 राज्यों और 4 केंद्र शासित प्रदेशों के नोडल अधिकारी शामिल हुए।
- आई-स्टेम प्लेटफॉर्म पर वर्तमान में लगभग 4,000 संस्थानों में 31,000 से अधिक वैज्ञानिक उपकरण पंजीकृत हैं।
- इस पहल का उद्देश्य सार्वजनिक निधि से बने वैज्ञानिक उपकरणों का दोहराव कम करना और बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना है।
भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार (पीएसए) कार्यालय की सचिव, वैज्ञानिक डॉ. (श्रीमती) परविंदर मैनी ने 21 सितंबर 2026 को आई-स्टेम पोर्टल के लिए राज्य सरकारों के नोडल अधिकारियों की पहली बैठक की अध्यक्षता की। इस उच्च स्तरीय बैठक का मुख्य उद्देश्य आई-स्टेम परितंत्र में राज्य सरकारों की भागीदारी को मजबूत करना और राज्यों में सार्वजनिक निधि से बने वैज्ञानिक इंफ्रास्ट्रक्चर को आपस में जोड़ना था। प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार कार्यालय द्वारा परिकल्पित इस राष्ट्रीय मंच का शुभारंभ प्रधानमंत्री द्वारा जनवरी 2020 में किया गया था, जो आज देश के शोध और विकास के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण संसाधन बन चुका है।
आई-स्टेम पोर्टल क्या है और इसके जरिए वैज्ञानिक इंफ्रास्ट्रक्चर तक पहुंच कैसे बेहतर होगी?
आई-स्टेम पोर्टल एक राष्ट्रीय संसाधन के रूप में विकसित किया गया है जो मौजूदा वैज्ञानिक इंफ्रास्ट्रक्चर के उपयोग को बेहतर बनाता है, निवेश के दोहराव को कम करता है और विशेष सुविधाओं तक सुगम पहुंच प्रदान करता है। इस प्लेटफॉर्म पर वर्तमान में लगभग 4,000 संस्थानों में 31,000 से अधिक वैज्ञानिक उपकरण और 65,000 से अधिक पंजीकृत प्रयोक्ता शामिल हैं। इसके साथ ही, इस मंच पर 20 लाख रुपए से अधिक कीमत वाले सार्वजनिक निधि से खरीदे गए उपकरणों की लिस्टिंग की जाती है, जिससे उनका साझा इस्तेमाल और अधिक प्रभावी उपयोग सुनिश्चित होता है।
बैठक में शामिल हुए 23 राज्य और 4 केंद्र शासित प्रदेश
नई दिल्ली में आयोजित इस बैठक में देश के 23 राज्यों और 4 केंद्र शासित प्रदेशों के राज्य सरकार के नोडल अधिकारियों के साथ-साथ पीएसए और आई-स्टेम के वरिष्ठ प्रतिनिधि भी शामिल हुए। इस दौरान राज्य-स्तर के विश्वविद्यालयों, अनुसंधान संस्थानों, प्रयोगशालाओं और अन्य अनुसंधान एवं विकास केंद्रों को राष्ट्रीय आई-स्टेम प्लेटफॉर्म से जोड़ने के तरीकों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में उपस्थित अधिकारियों ने संस्थानों को जोड़ने और उपकरणों की लिस्टिंग की प्रक्रिया को तेज करने पर सहमति जताई।
शोधकर्ताओं और स्टार्टअप्स को मिलेगा सीधा लाभ
इस पहल का सीधा असर देश के शोधकर्ताओं, स्टार्टअप्स, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) और उद्योग जगत पर पड़ेगा। वे अब देश के विभिन्न संस्थानों और राज्यों में उपलब्ध विशेष वैज्ञानिक इंफ्रास्ट्रक्चर को आसानी से खोज सकेंगे और उसका उपयोग करने में सक्षम होंगे। इसके माध्यम से राज्य विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और तकनीकी संस्थानों को विशेष वैज्ञानिक इंफ्रास्ट्रक्चर तक बेहतर पहुंच मिलेगी, जिससे क्षेत्रीय स्तर पर अनुसंधान कार्यों को नई गति मिलेगी।
आई-स्टेम पोर्टल की मुख्य प्राथमिकताएं
- संस्थागत ऑनबोर्डिंग को मजबूत करना और विश्वविद्यालयों तथा प्रयोगशालाओं का पंजीकरण।
- शोधकर्ताओं और स्टार्टअप्स के लिए वैज्ञानिक उपकरणों तक पहुंच बढ़ाना।
- सार्वजनिक रूप से वित्तपोषित मौजूदा उपकरणों के कुशल उपयोग को बढ़ावा देना।
- भविष्य के निवेश में दोहराव को कम करने के लिए राष्ट्रीय इंफ्रास्ट्रक्चर का उपयोग करना।
- राज्य सरकारों और राष्ट्रीय इकोसिस्टम के बीच समन्वय को मजबूत करना।
अन्य पोर्टलों के साथ एपीआई लिंकेज
वैज्ञानिक सचिव डॉ. परविंदर मैनी ने अपने मुख्य भाषण में ‘वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन’ (ONOS) जैसी पहलों के महत्व का भी उल्लेख किया, जिससे उच्च-गुणवत्ता वाले विद्वतापूर्ण संसाधनों तक व्यापक पहुंच बनाने में मदद मिलती है। इसके अलावा, बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि इसी तरह के अन्य मौजूदा पोर्टलों जैसे वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) का एनालिटिक्स पोर्टल को एपीआई लिंकेज के माध्यम से आई-स्टेम के साथ जोड़ा जा रहा है, जिससे डेटा और सुविधाओं का दायरा और अधिक व्यापक हो सके।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? आई-स्टेम पोर्टल का शुभारंभ कब हुआ था? उत्तर। प्रधानमंत्री द्वारा जनवरी 2020 में इसका शुभारंभ किया गया था।
प्रश्न? इस पहली बैठक की अध्यक्षता किसने की? उत्तर। पीएसए कार्यालय की वैज्ञानिक सचिव डॉ. (श्रीमती) परविंदर मैनी ने इस बैठक की अध्यक्षता की।
प्रश्न? इस पोर्टल पर कितने वैज्ञानिक उपकरण पंजीकृत हैं? उत्तर। इस प्लेटफॉर्म पर लगभग 4,000 संस्थानों में 31,000 से अधिक वैज्ञानिक उपकरण शामिल हैं।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






