
नई दिल्ली के यशोभूमि में आयोजित सेमिकॉन इंडिया 2026 के समापन सत्र में स्वदेशी चिप डिजाइन, एआई और कार्यबल विकास से जुड़ी 15 बड़ी घोषणाएं की गईं।
मुख्य बातें
- सेमिकॉन इंडिया 2026 का समापन नई दिल्ली के यशोभूमि में 15 प्रमुख घोषणाओं के साथ हुआ।
- डिजिटल इंडिया RISC-V ग्रैंड चैलेंज के तहत तीन टीमों को कुल 60 लाख रुपये के पुरस्कार दिए गए।
- ईवाई और आईसीएसई की रिपोर्ट के अनुसार, भारत का सेमीकंडक्टर बाजार 2035 तक 200 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है।
- सी-डैक ने एआई एक्सीलेंस लैब ‘परम विद्या’ और क्वांटम सिमुलेशन प्लेटफॉर्म ‘परम शावक-क्यूएस’ लॉन्च किए।
सेमिकॉन इंडिया 2026 का समापन आज यशोभूमि, नई दिल्ली में आयोजित एक उच्च-स्तरीय सत्र के साथ हुआ, जिसमें देश की तकनीकी क्षमताओं को बढ़ाने के लिए कुल 15 प्रमुख घोषणाएं और साझेदारियां सामने आईं। प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) के अनुसार, इन पहलों का मुख्य उद्देश्य सेमीकंडक्टर डिजाइन, स्वदेशी कंप्यूटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कार्यबल विकास के क्षेत्रों को मजबूत करना है। इस तीन दिवसीय आयोजन में सरकारी संस्थानों, उद्योग जगत के दिग्गजों और शैक्षणिक संस्थानों ने मिलकर भारत के तकनीकी भविष्य का खाका तैयार किया है।
सेमिकॉन इंडिया 2026 की मुख्य बातें और समापन घोषणाएं
सेमिकॉन इंडिया 2026 के समापन सत्र में स्वदेशी प्रोसेसर, एआई प्लेटफॉर्म और कौशल विकास के लिए कई ऐतिहासिक समझौते किए गए। देश के भीतर ही सेमीकंडक्टर का मजबूत इकोसिस्टम तैयार करने के लिए विभिन्न मंत्रालयों और तकनीकी संस्थानों ने मिलकर काम करने का संकल्प लिया है। पहले के दिनों में हुई घोषणाओं को जोड़ते हुए इस आयोजन में कुल मिलाकर कई बड़े व्यावसायिक और शैक्षणिक करार पूरे किए गए।
- डिजिटल इंडिया RISC-V ग्रैंड चैलेंज के विजेताओं को कुल 60 लाख रुपये के पुरस्कार दिए गए।
- सेमी-कंडक्टर लेबोरेटरी मोहाली ने फैब ऑटोमेशन के लिए ‘एससीएल डीएमआईएस’ प्रणाली लॉन्च की।
- सी-डैक और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड ने हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग के लिए हाथ मिलाया।
- ईवाई और आईसीएसई ने वर्ष 2035 तक बाजार को 200 अरब डॉलर तक ले जाने की रिपोर्ट जारी की।
डिजिटल इंडिया RISC-V ग्रैंड चैलेंज के विजेता
इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के ‘चिप्स टू स्टार्टअप’ कार्यक्रम के तहत मेकर विलेज द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता में देशभर से 5,045 प्रतिभागियों वाली 1,236 टीमों ने हिस्सा लिया था। इसमें तंजावुर की SASTRA यूनिवर्सिटी की टीम ने पानी साफ करने वाला रोबोट बनाकर प्रथम पुरस्कार हासिल किया। तिरुवनंतपुरम की टीम ने वेगा प्रोसेसर आधारित डिजिटल स्टेथोस्कोप बनाया जिसे दूसरा स्थान मिला, जबकि बेंगलुरु की टीम ने पर्यावरण निगरानी प्रणाली विकसित की।
सॉवरेन कंप्यूटिंग और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए नए समझौते
घरेलू तकनीक को बढ़ावा देने के लिए सी-डैक ने एनएलसी इंडिया लिमिटेड के साथ मिलकर ऊर्जा क्षेत्र में डेटा सेंटर स्थापित करने की घोषणा की। इसके अलावा, सी-डैक ने विश्वविद्यालयों और स्टार्टअप्स के लिए तुरंत उपयोग में आने वाली एआई लैब ‘परम विद्या’ और क्वांटम सिमुलेशन प्लेटफॉर्म ‘परम शावक-क्यूएस’ का भी अनावरण किया। ये कदम देश में सॉवरेन डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे।
सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री और वर्कफोर्स के लिए पहल
युवाओं को उद्योग के अनुकूल प्रशिक्षित करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर स्किल्स काउंसिल ऑफ इंडिया ने मैट्रियो लैब्स और ट्रूचिप सॉल्यूशंस के साथ समझौते किए। साथ ही, SEMI और पीचट्री एलीवेट के बीच तकनीकी प्रशिक्षण को लेकर करार हुआ। एनआईईएलआईटी ने एटीएमपी स्किलिंग और डिजिटल ट्विन से जुड़ी पहलों की घोषणा की, जो युवाओं को व्यावहारिक प्रशिक्षण और इमर्सिव सिमुलेशन का अनुभव देंगी।
यह भी जानें: भारत का सेमीकंडक्टर बाजार और इसका भविष्य
विशेषज्ञों और उद्योग रिपोर्टों के अनुसार, भारत का सेमीकंडक्टर क्षेत्र तेजी से विस्तार कर रहा है। EY और ‘इंडिया सेमीकंडक्टर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन’ की इस सम्मेलन में जारी रिपोर्ट बताती है कि भारत का सेमीकंडक्टर बाजार 2026 में लगभग 64 अरब अमेरिकी डॉलर का है, जो 2035 तक बढ़कर 200 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच सकता है। इस वृद्धि का मुख्य आधार घरेलू मांग, कुशल डिजाइन टैलेंट और मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों का बढ़ता दायरा है जो आने वाले समय में देश को वैश्विक हब बना सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? सेमिकॉन इंडिया 2026 का आयोजन कहां किया गया था?
उत्तर। यह आयोजन यशोभूमि, नई दिल्ली में संपन्न हुआ।
प्रश्न? डिजिटल इंडिया RISC-V ग्रैंड चैलेंज में प्रथम पुरस्कार किसे मिला?
उत्तर। प्रथम पुरस्कार SASTRA यूनिवर्सिटी की ‘टीम डिजिटल डॉग्स’ (मीविसाई टेक्नोलॉजीज़) को मिला।
प्रश्न? भारत का सेमीकंडक्टर बाजार 2035 तक कितने का होने का अनुमान है?
उत्तर। रिपोर्ट के अनुसार यह बाजार 200 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच सकता है।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






