
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कर्नाटक के हुबली स्थित जेजीएमएम मेडिकल कॉलेज और केएलई अस्पताल के नए परिसर का निरीक्षण किया।
मुख्य बातें
- केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 19 सितंबर 2026 को हुबली का दौरा किया।
- यह नया मेडिकल कॉलेज और अस्पताल लगभग 700 करोड़ रुपये की लागत से बना है।
- परिसर में 250 एमबीबीएस सीटें और 1,200 बिस्तरों की सुविधा उपलब्ध है।
- अस्पताल में गरीबों के लिए 300 बिस्तर पूरी तरह आरक्षित रखे गए हैं।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कर्नाटक के हुबली में जेजीएमएम मेडिकल कॉलेज और केएलई हॉस्पिटल एंड मेडिकल रिसर्च सेंटर के नए परिसर का दौरा किया। प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, यह आधुनिक परिसर शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में एक नया मील का पत्थर साबित होगा। मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने दौरे की जानकारी साझा करते हुए संस्थान के योगदान की सराहना की।
अमित शाह ने हुबली में नए मेडिकल कॉलेज परिसर का किया निरीक्षण
अमित शाह ने हुबली में स्थित केएलई जगतगुरु गंगाधर महास्वामी मूरुसवीरमठ (JGMM) मेडिकल कॉलेज और अस्पताल का जायजा लिया। केएलई संस्था पिछले 110 वर्षों से अधिक समय से देश भर में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से राष्ट्र की सेवा कर रही है। इस नए संस्थान के शुरू होने से दक्षिण भारत के इस क्षेत्र में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को एक नई मजबूती मिलेगी।
यह नया मेडिकल कॉलेज और अस्पताल परिसर लगभग 50 एकड़ भूमि पर फैला हुआ है। इस पूरे प्रोजेक्ट की कुल लागत करीब 700 करोड़ रुपये है और इसका कुल बिल्ट-अप एरिया लगभग 20 लाख वर्ग फीट है। संस्थान में छात्रों के लिए 250 एमबीबीएस (बैचलर ऑफ मेडिसिन एंड बैचलर ऑफ सर्जरी) सीटें उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे अधिक से अधिक युवाओं को डॉक्टर बनने का अवसर मिलेगा।
स्वास्थ्य सुविधाओं और अस्पताल की विशेषताएँ
इस आधुनिक अस्पताल परिसर में कुल 1,200 बिस्तरों की व्यवस्था की गई है। इनमें से 300 बिस्तर विशेष रूप से गरीब और जरूरतमंद मरीजों के लिए पूरी तरह आरक्षित रखे गए हैं, जिससे समाज के कमजोर वर्ग को भी विश्व-स्तरीय इलाज मिल सके। यहाँ मरीजों को एक ही छत के नीचे विभिन्न प्रकार की चिकित्सा सेवाएँ सुलभ होंगी।
- सामान्य चिकित्सा, शल्य चिकित्सा, अस्थि रोग, और पल्मोनोलॉजी जैसी बुनियादी स्पेशियलिटीज।
- स्त्री एवं बाल रोग, नेत्र रोग, कान-नाक-गला (ईएनटी), मनोरोग, दंत चिकित्सा और फिजियोथेरेपी।
- कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी, न्यूरोसर्जरी, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी और नेफ्रोलॉजी जैसी सुपर-स्पेशियलिटीज।
- ऑर्गन ट्रांसप्लांटेशन, यूरोलॉजी, ऑन्कोलॉजी, एंडोक्रिनोलॉजी और आधुनिक लैब्स।
- चौबीसों घंटे काम करने वाली हाई-स्पीड इमरजेंसी और ट्रॉमा केयर यूनिट।
- आधुनिक डायलिसिस यूनिट, डिजिटल एक्स-रे, हाई-रिज़ॉल्यूशन सीटी स्कैन और अल्ट्रासोनोग्राफी।
कर्नाटक में हेल्थकेयर के बुनियादी ढांचे का विस्तार
देश के दक्षिणी हिस्से में चिकित्सा सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण की दिशा में यह एक बड़ा कदम माना जा रहा है। हुबली शहर में इस तरह के विशाल मेडिकल हब के बन जाने से उत्तर कर्नाटक के आसपास के जिलों के मरीजों को इलाज के लिए बड़े महानगरों की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा। आपातकालीन और ट्रॉमा केयर सेवाओं के 24 घंटे सक्रिय रहने से दुर्घटनाओं या गंभीर मामलों में तुरंत राहत मिल सकेगी।
सरकार और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के बड़े संस्थान ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं के अंतर को पाटने में मदद करते हैं। मेडिकल छात्रों को उच्च कोटि की व्यावहारिक ट्रेनिंग मिलने से आने वाले समय में देश को और अधिक कुशल चिकित्सक मिलेंगे।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? जेजीएमएम मेडिकल कॉलेज और केएलई अस्पताल कहाँ स्थित है? उत्तर। यह संस्थान कर्नाटक के हुबली (हुब्बल्ली) शहर में स्थित है।
प्रश्न? इस अस्पताल में गरीबों के लिए कितने बिस्तर आरक्षित हैं? उत्तर। यहाँ गरीबों के लिए 300 बिस्तर आरक्षित किए गए हैं।
प्रश्न? इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत कितनी है? उत्तर। यह मेडिकल कॉलेज और अस्पताल लगभग 700 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुआ है।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






