
प्रो कबड्डी लीग के नियम, मैच फॉर्मेट, प्वाइंट सिस्टम और खिलाड़ियों के चयन की पूरी प्रक्रिया को आसान हिंदी में समझें।
मुख्य बातें
- प्रो कबड्डी लीग फ्रैंचाइज़ी आधारित टूर्नामेंट है जो घरेलू और बाहरी (होम-एंड-अवे) फॉर्मेट पर खेला जाता है।
- मैच जीतने पर 3 अंक मिलते हैं, टाई होने पर दोनों टीमों को 1-1 अंक दिया जाता है।
- लीग चरण के बाद शीर्ष छह टीमें प्लेऑफ और फाइनल मुकाबले के लिए क्वालिफाई करती हैं।
- खिलाड़ियों का चयन हर सीजन से पहले होने वाली मेगा नीलामी (ऑक्शन) के जरिए किया जाता है।
प्रो कबड्डी लीग (PKL) भारत में खेली जाने वाली एक पेशेवर फ्रैंचाइज़ी आधारित कबड्डी प्रतियोगिता है, जो आईपीएल (IPL) की तर्ज पर शुरू की गई थी। इस लीग की शुरुआत साल 2014 में हुई थी और तब से यह देश का दूसरा सबसे ज्यादा देखा जाने वाला खेल टूर्नामेंट बन गया है। इसमें देश-विदेश के शीर्ष खिलाड़ी अलग-अलग शहरों का प्रतिनिधित्व करने वाली टीमों के लिए खेलते हैं।
प्रो कबड्डी लीग क्या है?
प्रो कबड्डी लीग एक वार्षिक खेल प्रतियोगिता है जिसमें देश के विभिन्न राज्यों और शहरों की फ्रेंचाइजी टीमें खिताब के लिए आपस में मुकाबला करती हैं। यह टूर्नामेंट भारतीय पारंपरिक खेल कबड्डी को आधुनिक और व्यावसायिक रूप देने के उद्देश्य से शुरू किया गया था। इसमें लीग चरण, एलिमिनेटर, सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबले होते हैं, जिसके बाद विजेता टीम का फैसला होता है।
प्रो कबड्डी लीग का फॉर्मेट और सीज़न संरचना
प्रो कबड्डी लीग का सीजन आमतौर पर कई महीनों तक चलता है। लीग चरण के दौरान सभी टीमें एक-दूसरे के खिलाफ मैच खेलती हैं। इसमें ‘होम-एंड-अवे’ या कारवां फॉर्मेट का उपयोग किया जाता है, जहां सभी मैच एक या चुनिंदा शहरों के न्यूट्रल वेन्यू पर भी आयोजित किए जाते हैं। लीग स्टेज के अंत में अंक तालिका की शीर्ष छह टीमें प्लेऑफ चरण में प्रवेश करती हैं। शीर्ष दो टीमें सीधे सेमीफाइनल में पहुंचती हैं, जबकि तीसरे से छठे स्थान की टीमें एलिमिनेटर मुकाबले खेलती हैं।
मैच के दौरान मिलने वाले अंक (पॉइंट सिस्टम)
लीग चरण में टीमों की रैंकिंग तय करने के लिए एक निश्चित अंक प्रणाली लागू होती है। मैच जीतने वाली टीम को 3 अंक मिलते हैं। यदि मुकाबला टाई हो जाता है, तो दोनों टीमों को 1-1 अंक दिया जाता है। हारने वाली टीम को कोई अंक नहीं मिलता, लेकिन अगर हार का अंतर 7 या उससे कम अंकों का होता है, तो पराजित टीम को 1 ‘लकी पॉइंट’ (बोनस अंक) मिल सकता है।
खिलाड़ियों की नीलामी (ऑक्शन) कैसे होती है?
हर नए सीजन से पहले सभी फ्रेंचाइजी टीमों के लिए खिलाड़ियों की नीलामी आयोजित की जाती है। इस नीलामी में ए, बी, सी और डी कैटेगरी के तहत खिलाड़ियों को बांटा जाता है। टीमें अपने तय बजट के भीतर अपनी पसंद के रेडर, डिफेंडर और ऑलराउंडर खिलाड़ियों को खरीदती हैं। कुछ खिलाड़ियों को फ्रेंचाइजी ‘रिटेन’ भी करती हैं जो पिछले सीजन से उनके साथ जुड़े होते हैं।
कबड्डी के मुख्य नियम और स्कोरिंग
प्रो कबड्डी लीग के दौरान खेल को रोमांचक बनाने के लिए विशेष नियमों का पालन किया जाता है। एक रेड में ‘सुपर रेड’ (तीन या अधिक अंक) और डिफेंस में ‘सुपर टैकल’ (तीन या उससे कम खिलाड़ियों द्वारा रेडर को आउट करना) के लिए अतिरिक्त अंक मिलते हैं। लगातार दो खाली रेड के बाद तीसरी रेड ‘डू-ऑर-डाई रेड’ होती है, जिसमें रेडर को अंक लाना अनिवार्य होता है, वरना वह आउट माना जाता है। जब विरोधी टीम के सभी खिलाड़ी आउट हो जाते हैं, तो टीम को ‘ऑल-आउट’ के 2 अतिरिक्त अंक मिलते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? प्रो कबड्डी लीग में कुल कितनी टीमें हिस्सा लेती हैं?
उत्तर। इस लीग में आमतौर पर 12 टीमें भाग लेती हैं जो देश के अलग-अलग राज्यों और शहरों का प्रतिनिधित्व करती हैं।
प्रश्न? क्या विदेशी खिलाड़ी भी इस लीग में खेल सकते हैं?
उत्तर। हां, ईरान, दक्षिण कोरिया, नेपाल और बांग्लादेश जैसे देशों के कई शीर्ष खिलाड़ी नीलामी के जरिए विभिन्न टीमों के लिए खेलते हैं।
प्रश्न? एक मैच कितने समय का होता है?
उत्तर। प्रो कबड्डी लीग का एक मैच कुल 40 मिनट का होता है, जिसे 20-20 मिनट के दो हिस्सों (हाफ) में बांटा गया है और बीच में 5 मिनट का ब्रेक होता है।
यह लेख आज पत्रिका की एक्सप्लेनर डेस्क द्वारा सामान्य जागरूकता के लिए तैयार किया गया है। नियम और प्रक्रियाएं समय-समय पर बदल सकती हैं — कृपया आधिकारिक स्रोत से पुष्टि करें। सुधार/सुझाव: corrections@aajpatrika.com






