
सही एसी तापमान सेट करके आप बिजली के भारी बिल से बच सकते हैं और सेहत भी दुरुस्त रख सकते हैं।
मुख्य बातें
- ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिएंसी (BEE) के अनुसार आदर्श एसी तापमान 24 डिग्री सेल्सियस है।
- तापमान को 24 से 26 डिग्री के बीच रखने पर हर डिग्री पर करीब 6 प्रतिशत बिजली की बचत होती है।
- समय पर एयर फिल्टर की सफाई और सर्विसिंग करने से कूलिंग क्षमता बेहतर बनी रहती है।
एसी तापमान को 24 डिग्री सेल्सियस से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रखना सबसे अच्छा माना जाता है, क्योंकि यह रेंज शरीर के लिए आरामदायक होने के साथ-साथ बिजली की खपत भी कम करती है। गर्मियों के मौसम में एयर कंडीशनर यानी एसी का इस्तेमाल लगभग हर घर में बढ़ जाता है। सही तापमान न पता होने के कारण लोग इसे बहुत कम पर सेट कर देते हैं, जिससे बिजली का बिल तो बढ़ता ही है, साथ ही सेहत पर भी बुरा असर पड़ता है।
एसी तापमान कितना रखें?
ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिएंसी (BEE) ने एयर कंडीशनर का डिफ़ॉल्ट तापमान 24 डिग्री सेल्सियस तय करने की सिफारिश की है। जब आप एसी तापमान को 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच सेट करते हैं, तो कमरे में ठंडक भी बनी रहती है और कंप्रेसर पर ज्यादा दबाव नहीं पड़ता। बहुत कम तापमान पर चलाने से मशीन को लगातार ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, जिससे बिजली की खपत तेजी से बढ़ती है।
बिजली बिल और एसी तापमान का गणित
क्या आप जानते हैं कि एसी का एक डिग्री तापमान घटाने से बिजली का बिल कितना बढ़ता है? सामान्यतः एसी तापमान को 20 डिग्री या 18 डिग्री पर सेट करने से हर एक डिग्री नीचे जाने पर बिजली की खपत 6 प्रतिशत तक बढ़ जाती है। यदि आप 24 डिग्री के बजाय 20 डिग्री पर एसी चलाते हैं, तो महीने के अंत में बिजली का बिल काफी ज्यादा आता है। तापमान को थोड़ा बढ़ाकर और सीलिंग फैन की मदद से हवा को सर्कुलेट करके आप समान ठंडक पा सकते हैं और भारी बिल से बच सकते हैं।
बेहतर कूलिंग के लिए क्या करें?
- एसी तापमान को हमेशा 24 या 25 डिग्री सेल्सियस पर सेट करें।
- कमरे में हवा के बेहतर सर्कुलेशन के लिए सीलिंग फैन को मध्यम गति पर चलाएं।
- हर दो से तीन सप्ताह में एसी के एयर फिल्टर को निकालकर खुद साफ करें।
- गर्मियों में सीधी धूप को रोकने के लिए खिड़कियों पर पर्दे या ब्लाइंड्स का इस्तेमाल करें।
- साल में कम से कम एक बार एसी की प्रोफेशनल सर्विसिंग जरूर करवाएं।
सोते समय एसी तापमान कैसे सेट करें?
रात के समय हमारे शरीर का मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है और तापमान सहन करने की क्षमता बदल जाती है। रात में अचानक ठंडक लगने से सर्दी-जुकाम या जोड़ों में दर्द की समस्या हो सकती है। इसलिए रात को सोते समय स्लीप मोड का इस्तेमाल करना चाहिए। स्लीप मोड धीरे-धीरे हर घंटे तापमान को एक से दो डिग्री बढ़ा देता है, जिससे सुबह के वक्त कमरे में सुहावना मौसम रहता है और आप ठंड से बच जाते हैं।
सेहत पर एसी तापमान का असर
बहुत कम एसी तापमान पर लंबे समय तक बैठने से त्वचा में रूखापन, गले में खराश और मांसपेशियों में जकड़न हो सकती है। इसके अलावा, अत्यधिक ठंडे कमरे से अचानक बाहर, यानी गर्म वातावरण में जाने से थर्मल शॉक का खतरा रहता है। शरीर को तापमान के इस बड़े अंतर को संभालने में परेशानी होती है। इसलिए इनडोर और आउटडोर तापमान का अंतर बहुत ज्यादा नहीं होना चाहिए।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? क्या एसी को 18 डिग्री पर चलाने से कमरा जल्दी ठंडा होता है?
उत्तर। नहीं, एसी का तापमान 18 डिग्री सेट करने से कमरा जल्दी ठंडा नहीं होता, बल्कि कंप्रेसर उतनी ही गति से काम करता है और तापमान तय सीमा तक पहुंचने के बाद भी ज्यादा बिजली खपत करता है।
प्रश्न? एसी के साथ पंखा चलाना क्यों फायदेमंद है?
उत्तर। पंखा चलाने से कमरे में ठंडी हवा चारों तरफ फैलती है, जिससे आपको उच्च तापमान (जैसे 25 या 26 डिग्री) पर भी ज्यादा ठंडक महसूस होती है।
प्रश्न? एसी का एयर फिल्टर कितनी बार साफ करना चाहिए?
उत्तर। गर्मियों के सीजन में जब एसी लगातार चलता है, तो हर 15 से 20 दिन में फिल्टर की सफाई करना जरूरी है ताकि एयर फ्लो में रुकावट न आए।
यह जानकारी केवल सामान्य जागरूकता के लिए है। कोई भी उपाय अपनाने, दवा लेने या स्वास्थ्य से जुड़ा बदलाव करने से पहले योग्य डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें।
यह लेख आज पत्रिका की एक्सप्लेनर डेस्क द्वारा सामान्य जागरूकता के लिए तैयार किया गया है। नियम और प्रक्रियाएं समय-समय पर बदल सकती हैं — कृपया आधिकारिक स्रोत से पुष्टि करें। सुधार/सुझाव: corrections@aajpatrika.com






