रविवार, अक्टूबर 18, 2026

त्रिपुरा से ऑस्ट्रिया और नीदरलैंड के लिए जैविक चावल की पहली खेप रवाना

Date:

त्रिपुरा चावल निर्यात

पीआईबी के अनुसार, एपीडा के सहयोग से त्रिपुरा से 18 मीट्रिक टन एनपीओपी प्रमाणित पारंपरिक चावल की खेप ऑस्ट्रिया और नीदरलैंड को निर्यात की गई है।

मुख्य बातें

  • त्रिपुरा से 2 सितंबर 2026 को 18 मीट्रिक टन पारंपरिक चावल ऑस्ट्रिया और नीदरलैंड भेजा गया।
  • इस खेप में चार किस्में- सुगंधित काली खासा, हरिनारायण, बिरोन और मैमी हांगा चावल शामिल हैं।
  • किसानों को घरेलू बाजार की तुलना में 40 प्रतिशत तक अधिक मूल्य मिलने की उम्मीद है।
  • यह निर्यात कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) की मदद से किया गया।

त्रिपुरा चावल निर्यात की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए 2 सितंबर, 2026 को 18 मीट्रिक टन पारंपरिक चावल की खेप ऑस्ट्रिया और नीदरलैंड के लिए रवाना की गई। पीआईबी के अनुसार, इस पूरी प्रक्रिया में कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण यानी एपीडा ने अहम भूमिका निभाई है। इस निर्यात से स्थानीय किसानों के लिए नए अंतरराष्ट्रीय बाजार खुल रहे हैं और जैविक खेती को बढ़ावा मिल रहा है।

त्रिपुरा चावल निर्यात की मुख्य विशेषताएं और किस्में

एनपीओपी प्रमाणित इस पारंपरिक चावल की खेप में चार विशेष किस्में शामिल हैं। इनमें सुगंधित काली खासा चावल, सुगंधित हरिनारायण चावल, बिरोन चावल यानी सफेद चिपचिपा चावल और मैमी हांगा यानी काला चावल शामिल हैं। इन अनाजों को त्रिपुरा राज्य जैविक कृषि विकास एजेंसी समर्थित किसान उत्पादक कंपनियों से एकत्रित किया गया है। इसका निर्यात सोनीपत की मेसर्स प्रथिति ऑर्गेनिक फूड्स द्वारा किया जा रहा है।

उत्पादकों को मिलेगा 40 प्रतिशत तक अधिक मूल्य

  • त्रिपुरा चावल निर्यात से जुड़े किसानों को घरेलू बाजार के मुकाबले 40 प्रतिशत तक अधिक दाम मिलने की उम्मीद है।
  • यह पहल पिछले महीने आयोजित रिवर्स बायर-सेलर मीट का परिणाम है।
  • ऑस्ट्रिया और नीदरलैंड जैसे यूरोपीय बाजारों में खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता के कड़े नियम होते हैं।
  • यह खेप त्रिपुरा के कृषि विकास और किसानों की समृद्धि का प्रतीक है।

त्रिपुरा सरकार के कृषि मंत्री रतन लाल नाथ, एपीडा अध्यक्ष अभिषेक देव और विभाग के सचिव अपूर्बा रॉय ने इस खेप को हरी झंडी दिखाई। इस अवसर पर अधिकारियों ने कहा कि राज्य सरकार जैविक खेती के तंत्र को मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न? त्रिपुरा चावल निर्यात के तहत कौन से देश चावल ले रहे हैं?

उत्तर। ऑस्ट्रिया और नीदरलैंड को यह चावल भेजा गया है।

प्रश्न? इस निर्यात में कितनी मात्रा भेजी गई है?

उत्तर। कुल 18 मीट्रिक टन पारंपरिक चावल की खेप भेजी गई है।

यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com

अभिषेक सिंह
अभिषेक सिंह
अभिषेक सिंह आज पत्रिका में समाचार एवं व्यापार संपादक हैं। वे अर्थव्यवस्था, भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI), बैंकिंग, शेयर बाजार, सरकारी योजनाओं, रोज़गार और भर्ती से जुड़ी खबरों तथा पाठकों के काम आने वाली व्यावहारिक जानकारी (कैसे करें/स्टेप-बाय-स्टेप गाइड) की रिपोर्टिंग और संपादन करते हैं। वे सुनिश्चित करते हैं कि हर आँकड़ा, तिथि और प्रक्रिया आधिकारिक स्रोत से सत्यापित हो और लेख में मूल विज्ञप्ति या पोर्टल का लिंक दिया जाए। किसी गलती की सूचना के लिए: corrections@aajpatrika.com।

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

एससीओ बैठक 2026: राजनाथ सिंह ताजिकिस्तान में भारत का नेतृत्व करेंगे

एससीओ बैठक 2026 में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ताजिकिस्तान के दुशान्बे जाएंगे। व्यापार, अर्थव्यवस्था और कनेक्टिविटी पर चर्चा होगी, जानें पूरी खबर।

बैंगनी आलू से दूर होगी छिपी भूख, ICAR ने तैयार की नई किस्में

बैंगनी आलू भारत में पोषण सुरक्षा और छिपी भूख से निपटने में मददगार है। जानिए कुफरी जामुनिया की पोषक क्षमता, पैदावार और खेती की पूरी जानकारी।

उत्तराखंड के मुनस्यारी में मत्स्यपालन क्लस्टर का सचिव ने किया दौरा

मत्स्यपालन क्लस्टर मुनस्यारी पहुंचे केंद्रीय सचिव डॉ. अभिलक्ष लिखी ने ट्राउट मछली पालन और किसानों की प्रगति की समीक्षा की। जानिए पूरी खबर।

राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण ने राज्यों को दिए 1.19 करोड़ रुपये

राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण ने 29 राज्य परिषदों को 1.19 करोड़ रुपये वितरित किए हैं। जानिए पूरी जानकारी और राज्यों की सूची।
हमारे बारे में · संपादकीय नीति · सुधार नीति · स्वामित्व एवं वित्त पोषण · गोपनीयता नीति · संपर्क करें
© 2026 Aaj Patrika