
केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने केरल के कोल्लम में शी मार्ट योजना सहित कई सहकारी पहलों का शुभारंभ किया। जानें किन 3 राज्यों में खुलेंगे 300 स्टोर।
मुख्य बातें
- केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में 300 ‘वनिथम शी मार्ट’ स्टोर स्थापित करने की घोषणा।
- 35 रुपये प्रति किलोग्राम की रियायती दर पर प्याज बेचने वाली NAFED-NCCF वैन को हरी झंडी।
- वर्ष 2029 तक 6 करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का नया राष्ट्रीय लक्ष्य तय।
- महिला किसानों को मुफ़्त उड़द-चना बीज किट और 2,000 छात्राओं को छात्रवृत्ति का वितरण।
शी मार्ट योजना का औपचारिक शुभारंभ करते हुए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने केरलम के कोल्लम स्थित पवित्रम कन्वेंशन सेंटर में महिला सशक्तीकरण और सहकारिता क्षेत्र से जुड़ी कई पहलों का उद्घाटन किया। प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) के अनुसार, इस अवसर पर केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस तथा पर्यटन राज्य मंत्री सुरेश गोपी और सहकारिता क्षेत्र के अनेक प्रतिनिधि उपस्थित थे। अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सहकार से समृद्धि’ विजन के तहत ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और महिला-नेतृत्व वाले विकास को गति देने के उद्देश्य से ये कदम उठाए गए हैं।
शी मार्ट योजना क्या है और इसका मुख्य उद्देश्य क्या है?
शी मार्ट योजना महिला स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण महिला उद्यमियों को सीधे बाजार तथा उपभोक्ताओं से जोड़ने की एक सहकारिता आधारित व्यवस्था है। इस पहल के माध्यम से महिला उद्यमियों द्वारा निर्मित उत्पादों को प्रोक्योरमेंट, प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग, पैकेजिंग और खुदरा बिक्री का एकीकृत मंच प्रदान किया जाएगा, जिससे उनकी आय में सीधी बढ़ोतरी होगी।
शी मार्ट योजना का विस्तार और दक्षिण भारत में 300 स्टोर का लक्ष्य
केंद्रीय सहकारिता मंत्री ने घोषणा की कि केंद्रीय बजट में घोषित इस पहल की जमीनी शुरुआत केरलम से की गई है। योजना के विस्तार चरण में केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में 300 से अधिक ‘वनिथम शी मार्ट’ स्टोर स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। इन स्टोरों पर सरकार द्वारा रियायती दरों पर उपलब्ध कराए जाने वाले ‘भारत ब्रांड’ के खाद्यान्नों के साथ-साथ स्थानीय महिला उद्यमियों और सहकारी समितियों द्वारा तैयार उत्पाद भी बेचे जाएंगे।
इस शुरुआत के दौरान नेशनल कोऑपरेटिव कंज्यूमर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (NCCF) और द सेंट्रल फाइनेंशियल क्रेडिट एंड इन्वेस्टमेंट को-ऑपरेटिव (इंडिया) लिमिटेड (CFCICI) के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इसके अलावा, NCCF और भारत लझना सहकारी समिति के बीच दक्षिण भारत के तीन प्रमुख राज्यों में 300 शी मार्ट दुकानें खोलने के लिए सहमति पत्र का आदान-प्रदान किया गया। इस नेटवर्क के जरिए राष्ट्रीय भारतीय विपणन संघ (NAFED), केंद्रीय भंडार और अमूल जैसे बड़े संस्थानों का सहयोग महिला-नेतृत्व वाले उद्यमों को मिलेगा।
सस्ते खाद्यान्न और 35 रुपये प्रति किलो प्याज की बिक्री शुरू
आम जनता और किसानों को राहत देने के लिए केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने कोल्लम में NAFED और NCCF की विशेष मोबाइल वैनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह मोबाइल वैन उपभोक्ताओं को 35 रुपये प्रति किलोग्राम की सब्सिडी दर पर प्याज उपलब्ध कराएगी। इसके साथ ही इन वैनों और ‘वनिथम शी मार्ट शॉप्स’ के जरिए सब्सिडी वाले ‘भारत आटा’ और ‘भारत चावल’ का वितरण भी शुरू किया गया है।
कृषि क्षेत्र में महिला किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए आत्मनिर्भर दलहन मिशन के तहत उड़द और चने के गुणवत्तापूर्ण बीज किट मुफ्त वितरित किए गए। वहीं, ‘नेफेड-कल्याण छात्रवृत्ति योजना’ के अंतर्गत पंजीकृत किसान परिवारों की लगभग 2,000 बालिकाओं को शिक्षा प्रोत्साहन के लिए छात्रवृत्ति राशि के चेक सौंपे गए। सहकारिता क्षेत्र में मछुआरों को जोड़ने के उद्देश्य से NCCF के ‘जनः’ (Janah) ब्रांड और भारतीय मत्स्य प्रवर्तक संघम के बीच सप्लाई चेन लॉजिस्टिक्स इंटीग्रेशन से जुड़ा समझौता भी संपन्न हुआ।
सहकारिता आंदोलन और महिला श्रम बल में वृद्धि
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा अलग सहकारिता मंत्रालय का गठन देश के ग्रामीण और कृषि विकास की दिशा में बड़ा कदम सिद्ध हुआ है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय स्तर पर NAFED से करीब 8 लाख किसान जुड़े हैं, जबकि NCCF से लगभग 6 लाख महिला किसान सीधे तौर पर जुड़ी हुई हैं। केंद्र सरकार आने वाले समय में इन दोनों संस्थाओं का विस्तार कर अधिक से अधिक महिलाओं को इससे जोड़ेगी।
महिला सशक्तीकरण के आंकड़ों का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि वर्ष 2017-18 में भारत में महिला श्रम बल भागीदारी (Female Labour Force Participation) मात्र 23 प्रतिशत थी, जो अब बढ़कर लगभग 40 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। उन्होंने बताया कि वित्तीय समावेशन अभियान के तहत देश में 36 करोड़ से अधिक महिलाओं के बैंक खाते खोले गए हैं। इसके अतिरिक्त, वर्ष 2024 से पहले ही 3 करोड़ ‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य हासिल कर लिया गया है और अब वर्ष 2029 तक 6 करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का नया संकल्प निर्धारित किया गया है।
केरलम की समृद्ध सहकारिता विरासत और ‘ब्लू इकॉनमी’ की संभावनाएं
केरल में सहकारिता के इतिहास को याद करते हुए अमित शाह ने कहा कि आजादी से पहले ही त्रावणकोर, कोच्चि और मालाबार जैसे क्षेत्रों में सहकारिता आंदोलन काफी मजबूत और सुव्यवस्थित रहा है। वर्तमान में केरलम में 23,000 से अधिक सहकारी संस्थाएं सक्रिय रूप से काम कर रही हैं। उन्होंने राज्य के सहकारिता मंत्री को दिल्ली आकर केंद्र सरकार की सभी सहकारिता योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने के लिए आमंत्रित किया।
इसके अलावा, उन्होंने केरलम की ‘ब्लू इकॉनमी’ (समुद्री अर्थव्यवस्था) की अपार संभावनाओं पर बल दिया। राज्य की लंबी तटरेखा, नदियों और बैकवाटर्स का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि मत्स्य पालन, आधुनिक ट्रॉलर की उपलब्धता, प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और निर्यात के क्षेत्र में केंद्र सरकार की ओर से बड़ी वित्तीय योजनाएं उपलब्ध हैं। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर समुद्री व मत्स्य क्षेत्र को केरलम के लिए एक बड़े आर्थिक अवसर में बदल सकते हैं।
शी मार्ट योजना और सहकारिता पहलों की मुख्य बातें
- 300 शी मार्ट स्टोर: केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में महिला उद्यमियों के लिए 300 वनिथम शी मार्ट आउटलेट खोले जाएंगे।
- रियायती प्याज व खाद्यान्न: NAFED व NCCF मोबाइल वैन के जरिए 35 रुपये प्रति किलो की दर पर प्याज, ‘भारत आटा’ और ‘भारत चावल’ की बिक्री शुरू।
- बीज किट व छात्रवृत्ति: आत्मनिर्भर दलहन मिशन के तहत महिला किसानों को उड़द व चना बीज किट और 2,000 छात्राओं को छात्रवृत्ति दी गई।
- लखपति दीदी लक्ष्य: 3 करोड़ लखपति दीदी का लक्ष्य समय से पहले पूरा होने के बाद 2029 तक 6 करोड़ लखपति दीदी बनाने का नया लक्ष्य।
- श्रम बल भागीदारी: महिला श्रम बल भागीदारी 2017-18 के 23 प्रतिशत से बढ़कर लगभग 40 प्रतिशत हुई।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? शी मार्ट योजना का मुख्य लाभ क्या है?
उत्तर। शी मार्ट योजना के जरिए महिला स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण महिला उद्यमियों को अपने उत्पाद सीधे रिटेल मार्केट में बेचने का मंच मिलता है, जिससे बिचौलियों की भूमिका खत्म होती है और उनकी आय बढ़ती है।
प्रश्न? शी मार्ट स्टोर किन-किन राज्यों में खोले जाएंगे?
उत्तर। शुरुआती चरण में केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में 300 से अधिक शी मार्ट स्टोर स्थापित किए जाएंगे।
प्रश्न? NAFED की मोबाइल वैन से प्याज किस कीमत पर उपलब्ध कराया जा रहा है?
उत्तर। NAFED और NCCF की मोबाइल वैन के माध्यम से उपभोक्ताओं को 35 रुपये प्रति किलोग्राम की सब्सिडी दर पर प्याज उपलब्ध कराया जा रहा है।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






