
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरस से द्विपक्षीय मुलाकात की।
मुख्य बातें
- मुलाकात नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान हुई।
- संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरस ने चौथी बार ब्रिक्स सम्मेलन की अध्यक्षता करने पर बधाई दी।
- दोनों नेताओं ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद सहित बहुपक्षीय संस्थानों में सुधार पर जोर दिया।
- बैठक में संघर्ष, नौवहन स्वतंत्रता, मानव-केंद्रित एआई और वैश्विक खाद्य सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के मौके पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज नई दिल्ली में संयुक्त राष्ट्र (UN) महासचिव महामहिम श्री एंटोनियो गुटेरस के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। इस उच्च स्तरीय द्विपक्षीय मुलाकात के दौरान वैश्विक कूटनीति, बहुपक्षीय संस्थानों में सुधार और वर्तमान अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक ने भारत और संयुक्त राष्ट्र के बीच चल रहे सहयोग को और मजबूत करने का संदेश दिया है।
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 की मुख्य बातें और यूएन प्रमुख की बधाई
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 के इस आयोजन में संयुक्त राष्ट्र महासचिव गुटेरस ने भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चौथी बार ब्रिक्स सम्मेलन की सफल अध्यक्षता करने पर बधाई दी। प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) के अनुसार, दोनों शीर्ष नेताओं ने वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में बहुध्रुवीयता के अत्यधिक महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने समकालीन भू-राजनीतिक वास्तविकताओं को सटीक रूप से प्रतिबिंबित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) समेत अन्य प्रमुख बहुपक्षीय संस्थानों में त्वरित सुधार की आवश्यकता पर बल दिया।
भविष्य की वैश्विक चुनौतियों और विकास एजेंडा पर मंथन
वार्ता के दौरान दोनों दिग्गजों ने दुनिया भर में जारी विभिन्न संघर्षों, समुद्री नौवहन की स्वतंत्रता, सतत विकास लक्ष्यों (SDGs), मानव-केंद्रित कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में हो रही प्रगति और वैश्विक खाद्य सुरक्षा जैसे गंभीर विषयों पर विचार-विमर्श किया। प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरान संयुक्त राष्ट्र महासचिव गुटेरस को उनके कार्यकाल के शेष समय के लिए अपनी शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
ब्रिक्स और संयुक्त राष्ट्र का यह संवाद आम जनता और देश के लिए क्यों है अहम
यह बैठक भारत की बढ़ती वैश्विक कूटनीतिक धमक और अंतरराष्ट्रीय मामलों में एक जिम्मेदार नेता की भूमिका को दर्शाती है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार की मांग लंबे समय से भारत की विदेश नीति का मुख्य आधार रही है। जब प्रधानमंत्री मोदी जैसे वैश्विक नेता यूएन प्रमुख के साथ सीधे इन मुद्दों पर चर्चा करते हैं, तो इससे वैश्विक मंच पर भारत का पक्ष और अधिक मजबूत होता है। खाद्य सुरक्षा, नवीकरणीय ऊर्जा और मानव-केंद्रित एआई जैसे मुद्दे सीधे तौर पर आम नागरिकों के भविष्य, आर्थिक स्थिरता और पर्यावरण से जुड़े हुए हैं। ऐसे सम्मेलनों में होने वाले नीतिगत संवाद अंततः वैश्विक स्तर पर सप्लाई चेन को सुरक्षित रखने और सतत विकास को गति देने में मदद करते हैं।
ब्रिक्स संगठन और वैश्विक कूटनीति की पृष्ठभूमि
ब्रिक्स (BRICS) दुनिया की उभरती हुई प्रमुख राष्ट्रीय अर्थव्यवस्थाओं का एक प्रभावशाली अंतरराष्ट्रीय समूह है, जिसमें ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका जैसे देश शामिल हैं। भारत इस वैश्विक मंच का एक संस्थापक और बेहद सक्रिय सदस्य रहा है। समय के साथ ब्रिक्स ने ग्लोबल साउथ यानी विकासशील देशों की आवाज को बुलंद करने में एक केंद्रीय भूमिका निभाई है। दूसरी ओर, संयुक्त राष्ट्र वैश्विक शांति, सुरक्षा और मानवाधिकारों की रक्षा करने वाली दुनिया की सबसे बड़ी संस्था है। इन दोनों मंचों का आपस में संवाद स्थापित करना वैश्विक दक्षिण की प्राथमिकताओं को यूएन के एजेंडे में सबसे ऊपर लाने का सबसे प्रभावी जरिया माना जाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी ने किससे मुलाकात की? उत्तर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरस से मुलाकात की।
प्रश्न? इस बैठक में किन मुख्य मुद्दों पर चर्चा हुई? उत्तर। बैठक में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार, नौवहन स्वतंत्रता, मानव-केंद्रित एआई, नवीकरणीय ऊर्जा और वैश्विक खाद्य सुरक्षा पर चर्चा हुई।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






