
ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेज़ेश्कियान ने राष्ट्रपति भवन में द्रौपदी मुर्मु से द्विपक्षीय बातचीत की। बैठक में सांस्कृतिक संबंधों, ब्रिक्स सहयोग और क्षेत्रीय शांति पर चर्चा हुई।
मुख्य बातें
- ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेज़ेश्कियान की यह पहली भारत यात्रा है।
- राष्ट्रपति भवन में 12 सितंबर 2026 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से हुई उच्चस्तरीय मुलाकात।
- भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के दौरान ईरान द्वारा दिए गए सहयोग के लिए आभार जताया गया।
- दोनों देशों ने आपसी सांस्कृतिक जुड़ाव और लोगों के बीच संबंधों को मजबूत करने पर बल दिया।
- पश्चिम एशिया में स्थायी शांति के लिए कूटनीति और संवाद को मुख्य रास्ता बताया गया।
ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेज़ेश्कियान ने 12 सितंबर 2026 को राष्ट्रपति भवन में भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु से उच्चस्तरीय द्विपक्षीय मुलाकात की। यह डॉ. पेज़ेश्कियान की ईरान के शीर्ष पदभार संभालने के बाद पहली भारत यात्रा है। इस औपचारिक बैठक के दौरान दोनों देशों के शीर्ष नेताओं ने आपसी संबंधों को मजबूत करने पर विचार-विमर्श किया।
ईरान के राष्ट्रपति की राष्ट्रपति भवन में द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात
ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेज़ेश्कियान ने 12 सितंबर 2026 को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से शिष्टाचार मुलाकात की। इस बैठक में भारत और ईरान के बीच वर्षों पुराने घनिष्ठ सांस्कृतिक संबंधों और आपसी हितों से जुड़े कई द्विपक्षीय मुद्दों पर विस्तार से बातचीत की गई।
प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) द्वारा जारी आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने भारतीय धरती पर ईरान के शीर्ष नेता का गर्मजोशी से स्वागत किया। भारत यात्रा पर आए ईरानी प्रतिनिधिमंडल और भारत के राष्ट्रपति सचिवालय के अधिकारियों की मौजूदगी में यह बैठक आयोजित हुई।
ईरान के राष्ट्रपति की पहली भारत यात्रा और वार्ता का एजेंडा
राष्ट्रपति पेज़ेश्कियान का यह दौरा भारत-ईरान राजनयिक संबंधों के लिहाज से बेहद खास माना जा रहा है। पद संभालने के बाद भारत की अपनी पहली यात्रा पर आए ईरान के राष्ट्रपति का स्वागत करते हुए राष्ट्रपति मुर्मु ने बहुपक्षीय मंचों पर दोनों देशों के बीच बने आपसी समन्वय की सराहना की।
बैठक के दौरान राष्ट्रपति मुर्मु ने विशेष रूप से भारत की ब्रिक्स (BRICS) अध्यक्षता के दौरान ईरान की ओर से मिले पूर्ण समर्थन और सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। ईरान हाल के वर्षों में ब्रिक्स समूह का नया सदस्य बना है। ऐसे में भारत और ईरान के बीच अंतरराष्ट्रीय मंचों पर समन्वय लगातार बढ़ा है।
द्विपक्षीय सहयोग और सांस्कृतिक संबंधों की समीक्षा
भारत और ईरान के संबंध केवल व्यापारिक या राजनीतिक नहीं हैं, बल्कि यह ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से भी अत्यंत गहरे हैं। दोनों राष्ट्राध्यक्षों की इस वार्ता में सदियों पुराने सांस्कृतिक जुड़ाव को रेखांकित किया गया।
- सांस्कृतिक विरासत: भारत और फारस (ईरान) की सभ्यतागत सांझ और भाषाई निकटता को बातचीत में सराहा गया।
- जन-साधारण का जुड़ाव: दोनों देशों के नागरिकों के बीच आपसी संपर्क, शिक्षा और पर्यटन के माध्यम से प्रगाढ़ होते संबंधों पर ध्यान केंद्रित किया गया।
- बहुपक्षीय मंच: ब्रिक्स और अन्य वैश्विक संगठनों के माध्यम से विकासशील देशों के साझा हितों को उठाने पर सहमति जताई गई।
- शांतिपूर्ण समाधान: वैश्विक एवं क्षेत्रीय तनावों के दौर में बातचीत को सबसे असरदार माध्यम स्वीकार किया गया।
क्षेत्रीय शांति और कूटनीति के लिए भारत का रुख
पश्चिम एशिया की वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए इस मुलाकात के वैश्विक राजनीतिक मायने भी काफी बड़े हैं। वार्ता के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने पूरे क्षेत्र में स्थायी शांति और स्थिरता की बहाली के प्रति भारत की स्पष्ट प्रतिबद्धता दोहराई।
भारत ने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी प्रकार के तनाव या संघर्ष का समाधान केवल शांतिपूर्ण संवाद और कूटनीति के माध्यम से ही किया जाना चाहिए। सैन्य संघर्ष के बजाय टेबल टॉक और निरंतर राजनयिक वार्ता से ही वैश्विक शांति संभव है।
इसका असर: भारत-ईरान संबंधों का भविष्य
ईरान के राष्ट्रपति की इस यात्रा से मध्य पूर्व और दक्षिण एशिया के बीच संपर्क को नया आधार मिलने की उम्मीद है। भारत और ईरान रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सहयोगी रहे हैं। भारत के लिए ईरान चाबहार पोर्ट और अंतरराष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारे (INSTC) के जरिए मध्य एशिया और यूरोप तक पहुंचने का एक प्रमुख मार्ग है।
राष्ट्रपति भवन में हुई इस मुलाकात से दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय राजनीतिक जुड़ाव को मजबूती मिलेगी। व्यापार, ऊर्जा और बुनियादी ढांचे के विकास में आपसी सहयोग को इससे नया बल मिल सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न: ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेज़ेश्कियान ने भारत की राष्ट्रपति से कब मुलाकात की?
उत्तर: ईरान के राष्ट्रपति ने 12 सितंबर 2026 को राष्ट्रपति भवन में भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की।
प्रश्न: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने ईरान को किस बात के लिए धन्यवाद दिया?
उत्तर: राष्ट्रपति मुर्मु ने भारत की ब्रिक्स (BRICS) अध्यक्षता के दौरान ईरान द्वारा दिए गए समर्थन और बहुपक्षीय सहयोग के लिए आभार जताया।
प्रश्न: भारत ने क्षेत्रीय शांति को लेकर क्या संदेश दिया?
उत्तर: भारत ने स्पष्ट किया कि वह क्षेत्र में स्थायी शांति का पक्षधर है और सभी तरह के संघर्षों का समाधान संवाद और कूटनीति के माध्यम से होना चाहिए।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






