
भारतीय रिज़र्व बैंक ने पुडुचेरी को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड पर नए निर्देश जारी किए हैं जिसके तहत ग्राहक अपने खातों से केवल 5000 रुपये तक ही निकाल पाएंगे। यह पाबंदियां 21 अक्टूबर 2026 से प्रभावी हैं।
मुख्य बातें
- पुडुचेरी को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड पर 21 अक्टूबर 2026 के कारोबार की समाप्ति से पाबंदियां लागू।
- ग्राहक अपने खातों से अधिकतम 5000 रुपये तक की ही निकासी कर सकेंगे।
- भारतीय रिज़र्व बैंक के अनुसार बैंक नया कर्ज नहीं दे पाएगा और न ही नए डिपॉजिट स्वीकार कर सकेगा।
- डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (DICGC) के नियमों के तहत योग्य जमाकर्ताओं को 5 लाख रुपये तक का बीमा दावा मिल सकता है।
पुडुचेरी बैंक पर भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने वित्तीय स्थिति और नकदी के मौजूदा स्तर को देखते हुए सख्त पाबंदियां लगा दी हैं। केंद्रीय बैंक द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, यह व्यवस्था 21 अक्टूबर 2026 के कारोबार की समाप्ति से लागू हो चुकी है। इन नए नियमों के बाद से बैंक के ग्राहकों के सामने पैसों की निकासी को लेकर बड़ी सीमा तय कर दी गई है ताकि बैंक के वित्तीय संतुलन को सुधारा जा सके और जमाकर्ताओं के हितों की रक्षा की जा सके।
पुडुचेरी बैंक पर क्या है RBI का नया आदेश?
पुडुचेरी को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड के खाताधारकों के लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि वे अब अपने बचत खाते या चालू खाते से केवल 5,000 रुपये तक की ही अधिकतम निकासी कर सकते हैं। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के अनुसार, इस बैंक का लाइसेंस रद्द नहीं किया गया है, बल्कि वित्तीय स्थिति में सुधार होने तक कामकाज पर कड़े प्रतिबंध रहेंगे। केंद्रीय बैंक ने साफ किया है कि इन छह महीनों के दौरान बैंक बिना पूर्व अनुमति के न तो नया कर्ज दे सकेगा और न ही कोई नया निवेश कर सकेगा।
पाबंदियों का आम लोगों और ग्राहकों पर असर
केंद्रीय बैंक के इस फैसले से पुडुचेरी को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड के ग्राहकों को रोजमर्रा के लेन-देन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। कोई भी नया ऋण जारी नहीं किया जाएगा और बैंक बिना लिखित अनुमति के कोई नया दायित्व भी नहीं ले सकता है। हालांकि, बैंक कर्मचारियों के वेतन, बिजली बिल और किराए जैसे जरूरी और अनिवार्य खर्चों का भुगतान नियमों के दायरे में किया जा सकता है। इसके अलावा, जमाकर्ता अपने ऋणों को जमा राशि के साथ समायोजित (सेट-ऑफ) कर सकते हैं, जिसकी अनुमति तय शर्तों के अधीन दी गई है।
डिपॉजिट इंश्योरेंस और DICGC नियमों की जानकारी
जिन ग्राहकों का पैसा इस बैंक में जमा है, वे डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (DICGC) अधिनियम, 1961 के प्रावधानों के तहत अपने दावे सुरक्षित कर सकते हैं। भारतीय रिज़र्व बैंक के नियमों के अनुसार, योग्य जमाकर्ता 5,00,000 रुपये (पांच लाख रुपये) की मौद्रिक सीमा तक अपना बीमा दावा प्राप्त करने के हकदार हैं। इसके लिए संबंधित खाताधारकों को अपनी सहमति और जरूरी सत्यापन प्रक्रिया पूरी करनी होगी। अधिक जानकारी के लिए ग्राहक बैंक अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं या आधिकारिक वेबसाइट www.dicgc.org.in पर जा सकते हैं।
- प्रतिबंध लागू होने की तारीख: 21 अक्टूबर 2026
- अधिकतम निकासी सीमा: 5,000 रुपये
- बीमा दावा सीमा (DICGC): 5,00,000 रुपये
- निर्देशों की अवधि: छह महीने
RBI की कार्रवाई के पीछे की मुख्य वजह
भारतीय रिज़र्व बैंक ने यह कदम अचानक नहीं उठाया है। पिछले कुछ समय से केंद्रीय बैंक लगातार बैंक के बोर्ड और वरिष्ठ प्रबंधन के साथ संपर्क में था ताकि कामकाज में सुधार लाया जा सके। लेकिन बैंक की ओर से पर्यवेक्षी चिंताओं को दूर करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। जमाकर्ताओं के हितों की सुरक्षा सर्वोपरि होने के कारण बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 35ए के तहत यह पाबंदियां लगानी पड़ीं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? क्या पुडुचेरी बैंक का लाइसेंस रद्द कर दिया गया है?
उत्तर। नहीं, भारतीय रिज़र्व बैंक ने साफ किया है कि इन निर्देशों का यह अर्थ बिल्कुल नहीं है कि बैंक का लाइसेंस रद्द कर दिया गया है। वित्तीय स्थिति में सुधार होने तक बैंक पाबंदियों के दायरे में कामकाज जारी रखेगा।
प्रश्न? खाताधारक अपने खाते से अधिकतम कितने पैसे निकाल सकते हैं?
उत्तर। बैंक की वर्तमान नकदी स्थिति को देखते हुए ग्राहक अपने बचत या चालू खातों से केवल 5,000 रुपये तक की ही निकासी कर सकते हैं।
यह रिपोर्ट RBI (भारतीय रिज़र्व बैंक) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: RBI (भारतीय रिज़र्व बैंक)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






