
सामाजिक न्याय मंत्रालय ने माई भारत पोर्टल पर ‘नशा मुक्त युवा, विकसित भारत क्विज़’ शुरू की है, जिसमें 25 नवंबर तक भाग लिया जा सकता है।
मुख्य बातें
- सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने ‘नशा मुक्त युवा, विकसित भारत क्विज़’ शुरू की।
- यह ऑनलाइन प्रतियोगिता 26 अक्टूबर से 25 नवंबर 2026 तक माई भारत पोर्टल पर आयोजित होगी।
- प्रतिभागियों को 10 मिनट में 20 बहुविकल्पीय प्रश्नों के उत्तर देने होंगे।
- क्विज़ पूरा करने वाले सभी नागरिकों को डिजिटल सहभागिता प्रमाणपत्र मिलेगा।
- नशा मुक्त भारत अभियान अब तक 35 करोड़ से अधिक लोगों तक पहुंच चुका है।
नशा मुक्त क्विज़ 2026 का शुभारंभ सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने नशा मुक्त भारत अभियान (NMBA) के तहत किया है। माई भारत पोर्टल (My Bharat Portal) पर आयोजित इस ऑनलाइन प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों के बारे में आम नागरिकों को जागरूक करना है। प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) के अनुसार, यह राष्ट्रीय प्रतियोगिता 26 अक्टूबर 2026 से शुरू होकर 25 नवंबर 2026 तक संचालित होगी। इसमें देश का कोई भी नागरिक ऑनलाइन माध्यम से भाग ले सकता है।
नशा मुक्त क्विज़ 2026 क्या है?
नशा मुक्त क्विज़ सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा आयोजित एक राष्ट्रीय स्तर की ऑनलाइन जागरूकता प्रतियोगिता है। इस क्विज़ में प्रतिभागियों से मादक पदार्थों के सेवन से जुड़े 20 प्रश्न पूछे जाते हैं, जिनका उत्तर 10 मिनट में देना होता है। प्रतियोगिता सबमिट करने पर सभी प्रतिभागियों को एक आधिकारिक डिजिटल सहभागिता प्रमाणपत्र दिया जाता है।
नशा मुक्त क्विज़ में भाग लेने की प्रक्रिया और नियम
इस राष्ट्रीय ऑनलाइन प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए मंत्रालय ने स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उम्मीदवार ‘माई भारत’ के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर सीधे क्विज़ में हिस्सा ले सकते हैं। क्विज़ की समयसीमा और नियमों का विवरण नीचे दिया गया है:
- प्रतियोगिता की अवधि: यह क्विज़ 26 अक्टूबर 2026 से शुरू होकर 25 नवंबर 2026 तक चालू रहेगी।
- प्रश्नों की संख्या: क्विज़ में कुल 20 बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) शामिल होंगे।
- समय सीमा: सभी 20 प्रश्नों का उत्तर देने के लिए प्रतिभागियों को केवल 10 मिनट का समय दिया जाएगा।
- योग्यता: इस प्रतियोगिता में भारत का कोई भी नागरिक, चाहे वह विद्यार्थी हो, युवा हो या वरिष्ठ नागरिक, भाग ले सकता है।
- प्रमाणपत्र और उत्तर: क्विज़ पूरा करके सबमिट करते ही प्रतिभागी को ई-सर्टिफिकेट मिलेगा। साथ ही वे प्रश्नों के सही उत्तर भी देख सकेंगे।
मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने स्पष्ट किया कि इस पहल के जरिए प्रतिभागी मादक पदार्थों के सेवन से बचाव और स्वास्थ्य संबंधी जानकारियों को बेहतर ढंग से समझ सकेंगे। सही उत्तरों का अवलोकन करने से लोगों में तथ्यपरक जानकारी का विस्तार होगा, जिससे वे अपने आसपास के लोगों को भी नशा मुक्ति का संदेश दे सकेंगे।
नशा मुक्त भारत अभियान का विस्तार और इतिहास
नशा मुक्त भारत अभियान की शुरुआत केंद्र सरकार द्वारा 15 अगस्त 2020 को की गई थी। इस अभियान का प्राथमिक लक्ष्य देश में नशीले पदार्थों की मांग को कम करना और रोकथाम से जुड़े जागरूकता कार्यक्रमों को बढ़ावा देना है। शुरुआत में इस कार्यक्रम को देश के 272 अधिक संवेदनशील जिलों में लागू किया गया था। बाद में इसके सकारात्मक परिणामों को देखते हुए इसका दायरा बढ़ाकर देश के सभी जिलों तक कर दिया गया।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, यह अभियान अब तक 35 करोड़ से अधिक लोगों तक अपनी पहुंच बना चुका है। इसमें विशेष रूप से 13 करोड़ से अधिक युवा और 10 करोड़ से अधिक महिलाएं शामिल हुई हैं। इस व्यापक पहुंच से यह स्पष्ट होता है कि अभियान ने जमीनी स्तर पर सामुदायिक भागीदारी को मजबूत किया है। वर्तमान में यह अभियान अपने सातवें वर्ष में प्रवेश कर चुका है।
यह भी जानें: आम नागरिकों पर इस पहल का असर
इस प्रकार की ऑनलाइन गतिविधियों का सीधा प्रभाव समाज के प्रत्येक वर्ग पर पड़ता है। जब युवा मादक पदार्थों के दुष्परिणामों को वैज्ञानिक और व्यावहारिक दृष्टिकोण से समझते हैं, तो वे स्वयं नशीली वस्तुओं से दूर रहते हैं और अपने साथियों को भी सचेत करते हैं।
इस क्विज़ के माध्यम से युवाओं को केवल एक प्रतिभागी नहीं, बल्कि नशा मुक्त भारत का ‘दूत’ (अम्बेसडर) बनाने का प्रयास किया जा रहा है। माई भारत पोर्टल के माध्यम से नागरिक एनएमबीए ई-शपथ ले सकते हैं और ‘नशा मुक्ति मित्र’ के रूप में अपना पंजीकरण भी करा सकते हैं। इसके अलावा, सामाजिक न्याय मंत्रालय ने एनएमबीए मोबाइल ऐप भी विकसित किया है, जिसकी मदद से नशा मुक्ति केंद्रों और सहायता सेवाओं की जानकारी आसानी से प्राप्त की जा सकती है।
नशा मुक्ति के लिए सरकार की रणनीति
भारत सरकार का सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय मादक पदार्थों की रोकथाम के लिए कई स्तरों पर काम कर रहा है। पहला स्तर निवारक शिक्षा और जन-जागरूकता है, जिसके तहत स्कूल, कॉलेज और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अभियान चलाए जाते हैं। दूसरा स्तर उपचार सुविधा है, जिसके तहत नशा पीड़ितों के इलाज के लिए समर्पित केंद्र संचालित किए जाते हैं।
तीसरा स्तर पुनर्वास और सामाजिक पुनर्एकीकरण का है। इसके माध्यम से नशा छोड़ चुके व्यक्तियों को पुनः समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जाता है। चौथा सबसे प्रमुख भाग सामुदायिक भागीदारी है। जब तक स्थानीय निवासी, पंचायतें और युवा संगठन इसमें सक्रिय भूमिका नहीं निभाएंगे, तब तक इस समस्या को पूरी तरह समाप्त नहीं किया जा सकता।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न: नशा मुक्त क्विज़ 2026 में भाग लेने की अंतिम तिथि क्या है?
उत्तर: इस ऑनलाइन क्विज़ में भाग लेने की अंतिम तिथि 25 नवंबर 2026 है।
प्रश्न: इस क्विज़ का आयोजन किस पोर्टल पर किया जा रहा है?
उत्तर: इस प्रतियोगिता का आयोजन भारत सरकार के ‘माई भारत’ पोर्टल (mybharat.gov.in) पर किया जा रहा है।
प्रश्न: क्या नशा मुक्त क्विज़ पूरा करने पर कोई प्रमाण पत्र मिलता है?
उत्तर: हां, क्विज़ सफलतापूर्वक सबमिट करने वाले प्रत्येक प्रतिभागी को सामाजिक न्याय मंत्रालय द्वारा ऑनलाइन सहभागिता प्रमाणपत्र प्रदान किया जाता है।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






