
भारत सरकार के नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा आयोजित 7वाँ एग्रीवोल्टाइक्स विश्व सम्मेलन 2026 नई दिल्ली में सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है।
मुख्य बातें
- नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा 7वाँ एग्रीवोल्टाइक्स विश्व सम्मेलन 2026 आयोजित किया गया।
- सम्मेलन में भारत ने किसानों और ग्लोबल साउथ की प्राथमिकताओं को केंद्र में रखा।
- भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद और आईडब्ल्यूएमआई ने संयुक्त सत्र आयोजित किया।
- 2027 में होने वाले 8वें एग्रीवोल्टाइक्स वर्ल्ड कॉन्फ्रेंस की मेजबानी फ्रांस को सौंपी गई।
भारत सरकार के नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा आयोजित 7वाँ एग्रीवोल्टाइक्स विश्व सम्मेलन 2026 संपन्न हो गया है। इस तीन दिवसीय आयोजन के दौरान भारत ने किसानों और ‘ग्लोबल साउथ’ यानी विकासशील देशों की प्राथमिकताओं को एग्रीवोल्टाइक्स यानी कृषि और सौर ऊर्जा के संयोजन पर हो रही चर्चा के मुख्य केंद्र में रखा। इस सम्मेलन में वैज्ञानिक विमर्श, किसानों के जमीनी अनुभवों और उद्योग जगत की सक्रिय भागीदारी ने इस बात पर ध्यान केंद्रित किया कि कैसे कृषि भूमि का उपयोग खाद्य उत्पादन और सौर ऊर्जा उत्पादन दोनों के लिए एक साथ किया जा सकता है, जिससे किसानों की आय में बढ़ोतरी हो और स्वच्छ ऊर्जा की ओर बदलाव को तेजी से गति मिल सके।
एग्रीवोल्टाइक्स विश्व सम्मेलन 2026 क्या है और इसके क्या हैं मुख्य उद्देश्य?
एग्रीवोल्टाइक्स विश्व सम्मेलन 2026 एक अंतरराष्ट्रीय मंच है जो कृषि और सौर ऊर्जा के एकीकरण पर चर्चा करता है। नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार, इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य अनुसंधान, मैदानी अनुभवों और अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों को जोड़ना था। नीति-निर्माताओं, शोधकर्ताओं, उद्योग जगत के नेताओं और किसानों ने इस बात पर विचार किया कि कैसे एग्रीवोल्टाइक्स तकनीक भारत और विकासशील देशों में खाद्य सुरक्षा, ऊर्जा तक पहुंच और जलवायु परिवर्तन के प्रति लचीलेपन जैसी गंभीर चुनौतियों का समाधान कर सकती है।
इस सम्मेलन में मुख्य रूप से ‘कार्यान्वयन’ पर जोर दिया गया। चर्चाओं के दौरान कृषि-जलवायु क्षेत्रों, उपयुक्त फसलों के चयन, पानी के कुशल उपयोग, नवीन वित्तपोषण और आधुनिक तकनीक जैसे महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया। इन बैठकों में किसानों पर केंद्रित मॉडल को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। चर्चाओं में ऐसे व्यावहारिक समाधानों की आवश्यकता पर बल दिया गया, जिन्हें विभिन्न देश अपनी स्थानीय कृषि परिस्थितियों और विकास प्राथमिकताओं के अनुसार आसानी से अपना सकें।
कृषि और सौर ऊर्जा के संयोजन पर विशेष सत्र
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) और अंतरराष्ट्रीय जल प्रबंधन संस्थान (आईडब्ल्यूएमआई) द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित एक सत्र में इस बात पर गहराई से चर्चा हुई कि कैसे विभिन्न कृषि-जलवायु क्षेत्र एग्रीवोल्टाइक्स को लागू करने में मार्गदर्शन कर सकते हैं। सत्र के दौरान छाया में उगने वाली फसलों, पानी के कुशल उपयोग के पैमानों और विभिन्न कृषि-जलवायु क्षेत्रों में सौर पैनलों के सूक्ष्म-जलवायु प्रभावों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
- कृषि भूमि पर सौर पैनल लगाकर खाद्य और ऊर्जा उत्पादन दोनों को बढ़ावा देना।
- किसानों और किसान उत्पादक संगठन महासंघों के अनुभवों को परियोजना डिजाइन में शामिल करना।
- वैज्ञानिक शोध और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के जरिए लागत प्रभावी और व्यावहारिक मॉडल तैयार करना।
- वर्ष 2027 में होने वाले 8वें सम्मेलन के लिए फ्रांस को आधिकारिक रूप से मेजबानी सौंपना।
इसका असर और भविष्य की राह
जर्मनी के दूतावास के अंतर्गत जीआईजेड के नेतृत्व में आयोजित एक विशेष सत्र में प्रगतिशील किसानों, किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) महासंघों और ग्रामीण उद्यमियों को चर्चा के लिए एक मंच पर लाया गया। प्रतिभागियों ने अपनी एग्रीवोल्टाइक परियोजनाओं के वास्तविक अनुभव साझा किए, जिसमें संचालन से जुड़ी सीख, आय के स्रोतों में विविधता लाना और रखरखाव के तौर-तरीके जैसे विषय शामिल थे। इंटरनेशनल सोलर एलायंस (आईएसए) के महानिदेशक श्री आशीष खन्ना ने शोध, नवाचार और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के जरिए इस क्षेत्र को आगे बढ़ाने के अवसरों की जानकारी दी।
नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के अपर सचिव श्री मयंक तिवारी ने समापन समारोह में प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि निरंतर सहयोग और व्यावहारिक कदमों के जरिए इन चर्चाओं को जमीन पर उतारना बेहद जरूरी है। भारतीय शोध और किसानों के अनुभवों को अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञता के साथ जोड़ने से ‘ग्लोबल साउथ’ की विविध ऊर्जा जरूरतों के अनुकूल समाधान विकसित करने में मदद मिलेगी। समारोह के दौरान विशिष्ट अतिथियों ने इस क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वालों को उत्कृष्टता पुरस्कार और ‘नेशनल एग्रीवोल्टाइक्स पिच-हब अवार्ड’ प्रदान किए।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? 7वाँ एग्रीवोल्टाइक्स विश्व सम्मेलन 2026 कहाँ आयोजित किया गया था? उत्तर। यह सम्मेलन नई दिल्ली में आयोजित किया गया था और इसका समापन 23 अक्टूबर 2026 को हुआ।
प्रश्न? एग्रीवोल्टाइक्स विश्व सम्मेलन 2027 की मेजबानी किसे मिली है? उत्तर। वर्ष 2027 में होने वाले 8वें एग्रीवोल्टाइक्स वर्ल्ड कॉन्फ्रेंस की मेजबानी फ्रांस को सौंपी गई है।
प्रश्न? इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य क्या था? उत्तर। इसका मुख्य उद्देश्य कृषि भूमि पर खाद्य उत्पादन के साथ-साथ सौर ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देना और किसानों की आय बढ़ाना था।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






