
प्रसार भारती की मुफ्त समाचार फीड सेवा पीबी शब्द का लाभ देश के मीडिया संस्थान मार्च 2027 तक ले सकेंगे। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अधीन आने वाली इस सेवा से 3,600 से अधिक संगठन जुड़े हैं।
मुख्य बातें
- पीबी शब्द प्रसार भारती की एक निःशुल्क समाचार फीड सेवा है जिसे मार्च 2024 में शुरू किया गया था।
- यह सेवा अब मार्च 2027 तक पंजीकृत मीडिया संगठनों के लिए पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध रहेगी।
- इसके जरिए 15 भारतीय भाषाओं में टेक्स्ट, वीडियो, ऑडियो, फोटो और इन्फोग्राफिक्स मिलते हैं।
- वर्तमान में 3,600 से अधिक मीडिया संगठन और डिजिटल प्रकाशक इस प्लेटफॉर्म का उपयोग कर रहे हैं।
पीआईबी के अनुसार, प्रसार भारती की निःशुल्क समाचार फीड सेवा पीबी शब्द (प्रसार भारती – शेयर्ड ऑडियो-विजुअल्स फॉर ब्रॉडकास्ट एंड डिसेमिनेशन) का विस्तार कर दिया गया है। मार्च 2024 में शुरू की गई इस मल्टीमीडिया सेवा को अब मार्च 2027 तक पूरी तरह से निःशुल्क कर दिया गया है। देश के छोटे और बड़े मीडिया संगठनों को प्रामाणिक सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।
पीबी शब्द सेवा क्या है और इससे किसे फायदा होगा?
पीबी शब्द एक बहु-प्रारूप समाचार फीड प्लेटफॉर्म है जो 15 भारतीय भाषाओं में टेक्स्ट, वीडियो, ऑडियो, फोटोग्राफ और इन्फोग्राफिक्स प्रदान करता है। यह सेवा मार्च 2027 तक निःशुल्क है और देश भर के 3,600 से अधिक मीडिया संगठनों, डिजिटल प्रकाशकों तथा कंटेंट क्रिएटर्स को अपनी सेवाएं दे रही है। इसके तहत किसी भी सामग्री पर प्रसार भारती का लोगो नहीं होता और न ही क्रेडिट लाइन की अनिवार्यता है।
प्रसार भारती और पीबीएनएस की पृष्ठभूमि
प्रसार भारती भारत का सार्वजनिक सेवा प्रसारक है, जिसे संसद के प्रसार भारती कानून, 1990 के तहत 23 नवंबर 1997 को स्थापित किया गया था। यह निगम अपने दो प्रमुख घटकों— आकाशवाणी और दूरदर्शन — के माध्यम से कार्य करता है। मूल रूप से प्रसार भारती न्यूज़ सर्विस (पीबीएनएस) केवल आंतरिक न्यूज़रूम संसाधनों और अपने स्वयं के बुलेटिनों के लिए एक समाचार वायर के रूप में काम करती थी। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने मार्च 2024 में इसका दायरा बढ़ाते हुए इसे एक खुले सार्वजनिक मंच के रूप में लॉन्च किया।
मजबूत जमीनी नेटवर्क और कवरेज
इस मंच को देश के सबसे बड़े समाचार संकलन तंत्र का समर्थन प्राप्त है। जमीनी स्तर पर सटीक और समयबद्ध खबरें जुटाने के लिए एक विस्तृत नेटवर्क काम करता है:
- आकाशवाणी समाचार: 46 क्षेत्रीय समाचार इकाइयां और 92 भाषाओं में प्रतिदिन 607 बुलेटिन।
- दूरदर्शन समाचार: 31 क्षेत्रीय समाचार इकाइयां और 22 भाषाओं में 145 से अधिक बुलेटिन।
- फिल्ड नेटवर्क: देशभर में 1,500 से अधिक रिपोर्टर, संवाददाता और स्ट्रिंगर तैनात।
- संपादकीय डेस्क: चौबीस घंटे कार्यरत 60 समर्पित डेस्क जो सामग्री की बहु-स्तरीय जांच करते हैं।
कौन कर सकता है पंजीकरण और क्या हैं शर्तें?
पंजीकृत समाचार पत्र और पत्रिकाएँ वैध आरएनआई प्रमाण-पत्र के माध्यम से इसके लिए पंजीकरण कर सकती हैं। टेलीविजन और रेडियो चैनलों के लिए वैध अपलिंक और डाउनलिंक प्रमाण-पत्र जरूरी हैं, जबकि डिजिटल प्रकाशक अपने पैन कार्ड की प्रति जमा करके जुड़ सकते हैं। प्रत्येक पंजीकृत संस्थान को एक लॉगिन दिया जाता है, जिससे न्यूज़रूम के भीतर पत्रकार सामग्री डाउनलोड कर सकते हैं। इस सेवा के उपयोग से छोटे क्षेत्रीय प्रकाशकों को भारी भरकम लागत के बिना राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की खबरें मिल जाती हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? पीबी शब्द सेवा का उपयोग करने के लिए क्या कोई शुल्क देना होगा?
उत्तर। नहीं, मार्च 2027 तक पंजीकृत मीडिया संगठनों के लिए यह सेवा पूरी तरह से निःशुल्क है और कोई सदस्यता शुल्क नहीं लिया जाता है।
प्रश्न? यह समाचार सामग्री कितने प्रारूपों और भाषाओं में उपलब्ध है?
उत्तर। यह सामग्री टेक्स्ट, वीडियो, ऑडियो, फोटोग्राफ और इन्फोग्राफिक्स के रूप में 15 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध कराई जाती है।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






