
साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) ने बिलासपुर मुख्यालय में आयोजित दूसरे विश्वकर्मा पुरस्कार समारोह में 75 नियमित और संविदा कर्मियों को सम्मानित किया।
मुख्य बातें
- एसईसीएल ने दूसरे विश्वकर्मा पुरस्कार समारोह में 75 कर्मचारियों को सम्मानित किया।
- यह आयोजन विश्वकर्मा जयंती और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर हुआ।
- स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत सफाई कर्मियों को भी विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
- अभियान के तहत 3,300 मीट्रिक टन कबाड़ हटाने और 225 जगहों पर सफाई का लक्ष्य है।
साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) ने विश्वकर्मा पुरस्कार समारोह का आयोजन करके अपने उत्कृष्ट कर्मचारियों को सम्मानित किया है। प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) के अनुसार, कोल इंडिया लिमिटेड की सहायक कंपनी साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) ने बिलासपुर स्थित अपने मुख्यालय में विश्वकर्मा जयंती और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर दूसरे एसईसीएल विश्वकर्मा पुरस्कार समारोह का आयोजन किया। इस विशेष समारोह में खनन, संचालन, रखरखाव, पर्यवेक्षण और अन्य तकनीकी गतिविधियों में अपना उत्कृष्ट योगदान देने वाले कुल 75 नियमित एवं संविदा कर्मियों को सम्मानित किया गया।
एसईसीएल विश्वकर्मा पुरस्कार समारोह और इसके मायने
एसईसीएल विश्वकर्मा पुरस्कार देश के ऊर्जा क्षेत्र में रीढ़ की हड्डी माने जाने वाले खनिकों और तकनीकी कर्मचारियों के श्रम को मान्यता देता है। इस कार्यक्रम के दौरान, कोयला एवं खान मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी का कोयला कर्मियों के लिए एक विशेष संदेश पढ़कर सुनाया गया। इस संदेश में देश की ऊर्जा सुरक्षा और विकास में कोयला कर्मियों के योगदान को स्वीकार किया गया और उनकी कड़ी मेहनत एवं समर्पण की सराहना की गई। कार्यक्रम में श्री बिरंची दास (निदेशक मानव संसाधन), श्री रमेश चंद्र महापात्रा (निदेशक तकनीकी/संचालन), और श्री नृपेन्द्र नाथ (निदेशक तकनीकी/परियोजना एवं योजना) सहित व्यापार संघों के प्रतिनिधि और परिचालन क्षेत्रों के कर्मचारी शामिल हुए।
विशेष अभियान 6.0 और स्वच्छता कर्मियों का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान चल रहे ‘स्वच्छता ही सेवा – विशेष अभियान 6.0’ के तहत सफाई कर्मचारियों को भी सम्मानित किया गया। एसईसीएल के सभी केंद्रों पर साफ-सफाई एवं स्वच्छता बनाए रखने वाले सफाई कर्मचारियों को सम्मानित कर काम के सम्मान तथा स्वच्छता के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी के महत्व पर बल दिया गया। इस पहल के माध्यम से साफ-सुथरा एवं व्यवस्थित कार्यस्थल बनाए रखने में उनके योगदान को सराहा गया।
यह भी जानें: एसईसीएल के स्वच्छता और कचरा प्रबंधन के लक्ष्य
विशेष अभियान 6.0 के तहत, एसईसीएल ने सफाई, कचरा प्रबंधन, जगह का बेहतर उपयोग और रिकॉर्ड प्रबंधन के लिए कड़े और मापनीय लक्ष्य निर्धारित किए हैं। कंपनी ने इन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं।
- सफाई के लिए लगभग 40 लाख वर्ग फीट में फैली 225 जगहों का चयन किया गया है।
- कुल 3,300 मीट्रिक टन कबाड़ को हटाने का स्पष्ट लक्ष्य रखा गया है।
- ई-कचरे को सही तरीके से इकट्ठा करने, अलग-अलग करने और निपटान पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
- अभियान में 500 भौतिक फाइलों की समीक्षा और 200 भौतिक फाइलों को हटाने का लक्ष्य है।
- 7,000 ई-फाइलों की समीक्षा और 3,000 ई-फाइलों को बंद करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
एसईसीएल और कोल इंडिया का पृष्ठभूमि परिचय
साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) कोल इंडिया लिमिटेड की प्रमुख सहायक कंपनियों में से एक है, जो छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में कोयला खनन का काम संभालती है। देश की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने में एसईसीएल की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह भारत के कुल कोयला उत्पादन में एक बड़ा हिस्सा योगदान करती है। विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर ऐसे पुरस्कार समारोह आयोजित करने से कर्मचारियों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और कार्यस्थल पर सुरक्षा तथा दक्षता को बढ़ावा मिलता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? एसईसीएल विश्वकर्मा पुरस्कार समारोह कहां आयोजित किया गया था? उत्तर। यह समारोह बिलासपुर स्थित एसईसीएल मुख्यालय में आयोजित किया गया था।
प्रश्न? इस समारोह में कुल कितने कर्मचारियों को सम्मानित किया गया? उत्तर। खनन, संचालन और तकनीकी गतिविधियों में उत्कृष्ट योगदान के लिए कुल 75 नियमित एवं संविदा कर्मियों को सम्मानित किया गया।
प्रश्न? विशेष अभियान 6.0 के तहत एसईसीएल का मुख्य लक्ष्य क्या है? उत्तर। इसके तहत 225 जगहों की सफाई, 3,300 मीट्रिक टन कबाड़ हटाना और ई-कचरे का सही निपटान शामिल है।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






