
नursing के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए एएनएम जीएनएम कोर्स सबसे लोकप्रिय और भरोसेमंद विकल्प माने जाते हैं।
मुख्य बातें
- एएनएम कोर्स की अवधि आमतौर पर 2 साल की होती है, जिसे 10वीं या 12वीं के बाद किया जा सकता है।
- जीएनएम कोर्स 3 से 3.5 साल का डिप्लोमा है, जो मुख्य रूप से 12वीं (विज्ञान या अन्य संकाय) पास छात्रों के लिए है।
- भारतीय नर्सिंग परिषद (INC) और राज्य नर्सिंग काउंसिल से मान्यता प्राप्त संस्थानों से ही यह कोर्स करें।
- कोर्स पूरा होने के बाद रजिस्टर्ड नर्स और मिडवाइफ (RNRM) के रूप में पंजीकरण अनिवार्य होता है।
एएनएम जीएनएम कोर्स स्वास्थ्य सेवा और नर्सिंग के क्षेत्र में कदम रखने के लिए सबसे लोकप्रिय डिप्लोमा कार्यक्रम हैं, जिन्हें भारतीय नर्सिंग परिषद (INC) द्वारा विनियमित किया जाता है। यदि आप मेडिकल फील्ड में कम समय में करियर शुरू करना चाहते हैं, तो ये दोनों कोर्स आपके लिए सही विकल्प साबित हो सकते हैं। इन दोनों पाठ्यक्रमों की अपनी अलग विशेषताएं, योग्यता मानदंड और करियर के अवसर हैं।
एएनएम जीएनएम कोर्स क्या है?
एएनएम जीएनएम कोर्स दो अलग-अलग नर्सिंग डिप्लोमा हैं जो छात्रों को प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल, रोगी की देखभाल और चिकित्सा सहायता के लिए प्रशिक्षित करते हैं। एएनएम का अर्थ ‘ऑक्सीलरी नर्स मिडवाइफ्री’ है जो ग्रामीण स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं देने पर केंद्रित है। वहीं, जीएनएम का अर्थ ‘जनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफ्री’ है, जो अस्पतालों में व्यापक नर्सिंग केयर और प्रबंधन की ट्रेनिंग देता है।
एएनएम कोर्स की योग्यता और अवधि
एएनएम (Auxiliary Nurse Midwifery) कोर्स की अवधि 2 वर्ष होती है। इस कोर्स को करने के लिए उम्मीदवार को किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं कक्षा पास होना जरूरी है, हालांकि कुछ संस्थान 10वीं पास छात्रों को भी प्रवेश देते हैं। यह कोर्स विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य की देखभाल के लिए डिजाइन किया गया है।
जीएनएम कोर्स की योग्यता और अवधि
जीएनएम (General Nursing and Midwifery) कोर्स की अवधि 3 साल से 3.5 साल (जिसमें इंटर्नशिप शामिल है) होती है। इसके लिए उम्मीदवार का 12वीं पास होना अनिवार्य है। कई राज्य और संस्थान 12वीं में जीवविज्ञान (Biology) या कला/वाणिज्य विषयों के साथ न्यूनतम अंकों की मांग करते हैं। जीएनएम पूरा करने के बाद छात्र अस्पतालों और बड़े चिकित्सा संस्थानों में स्टाफ नर्स के रूप में काम कर सकते हैं।
एएनएम जीएनएम कोर्स के लिए प्रवेश प्रक्रिया
- संबंधित राज्य की नर्सिंग काउंसिल या प्रवेश परीक्षा बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी होने वाले नोटिफिकेशन की जांच करें।
- अपनी पात्रता के अनुसार एएनएम या जीएनएम पाठ्यक्रम के लिए ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरें।
- राज्य स्तरीय नर्सिंग प्रवेश परीक्षा में शामिल हों या कक्षा 12वीं के अंकों के आधार पर तैयार होने वाली मेरिट लिस्ट का इंतजार करें।
- काउंसलिंग प्रक्रिया के दौरान अपनी पसंद का कॉलेज चुनें और दस्तावेजों का सत्यापन कराएं।
- आवंटित संस्थान में निर्धारित शुल्क जमा करके अपना प्रवेश सुनिश्चित करें।
ज़रूरी दस्तावेज़ और मान्यता जांच
प्रवेश के समय कुछ अहम दस्तावेजों की आवश्यकता होती है, जिनमें 10वीं और 12वीं की अंक तालिका, पहचान पत्र (आधार कार्ड), पासपोर्ट साइज फोटो और मूल निवास प्रमाण पत्र शामिल हैं। दाखिला लेने से पहले यह सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है कि संस्थान भारतीय नर्सिंग परिषद (INC) और संबंधित राज्य नर्सिंग काउंसिल से मान्यता प्राप्त हो। फर्जी या गैर-मान्यता प्राप्त संस्थानों से किए गए कोर्स के बाद नर्सिंग काउंसिल में पंजीकरण नहीं मिलता है।
कोर्स के बाद करियर और आगे की पढ़ाई
कोर्स पूरा होने के बाद छात्रों को राज्य नर्सिंग रजिस्ट्रेशन काउंसिल में रजिस्टर्ड नर्स (RN) या रजिस्टर्ड मिडवाइफ (RM) के रूप में पंजीकरण कराना होता है। इसके बाद सरकारी अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC), और निजी अस्पतालों में नौकरियां मिलती हैं। अनुभवी एएनएम और जीएनएम पेशेवर चाहें तो पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग (Post Basic B.Sc Nursing) के जरिए अपनी पढ़ाई भी आगे बढ़ा सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? एएनएम और जीएनएम में मुख्य अंतर क्या है? उत्तर। एएनएम 2 साल का कोर्स है जो ग्रामीण स्वास्थ्य देखभाल पर केंद्रित है, जबकि जीएनएम 3 से 3.5 साल का कोर्स है जो अस्पताल आधारित व्यापक नर्सिंग सिखाता है।
प्रश्न? क्या लड़के एएनएम कोर्स कर सकते हैं? उत्तर। अधिकांश संस्थानों में एएनएम कोर्स केवल महिलाओं के लिए आरक्षित होता है, जबकि जीएनएम कोर्स में लड़के और लड़कियां दोनों आवेदन कर सकते हैं।
प्रश्न? कोर्स के बाद नौकरी मिलने की क्या संभावना है? उत्तर। भारत में स्वास्थ्य क्षेत्र के विस्तार के कारण सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में नर्सों की मांग लगातार बनी रहती है।
यह जानकारी केवल सामान्य जागरूकता के लिए है। प्रवेश नियमों और पात्रता से जुड़ी सटीक जानकारी के लिए हमेशा संबंधित राज्य की नर्सिंग काउंसिल या भारतीय नर्सिंग परिषद की आधिकारिक वेबसाइट देखें।
यह लेख आज पत्रिका की एक्सप्लेनर डेस्क द्वारा सामान्य जागरूकता के लिए तैयार किया गया है। नियम और प्रक्रियाएं समय-समय पर बदल सकती हैं — कृपया आधिकारिक स्रोत से पुष्टि करें। सुधार/सुझाव: corrections@aajpatrika.com






