
पीएम आवास योजना 2.0 के तहत 18.77 लाख घर मंजूर किए गए हैं। सीएसएमसी की 9वीं बैठक में उत्तर प्रदेश और बिहार समेत 6 राज्यों के लिए 29,000 नए मकान स्वीकृत हुए।
मुख्य बातें
- पीएम आवास योजना 2.0 के तहत अब तक 18.77 लाख से अधिक मकानों को मंजूरी दी जा चुकी है।
- 10 सितंबर 2026 को सीएसएमसी की 9वीं बैठक में यूपी, बिहार, गुजरात समेत 6 राज्यों के लिए 29,000 नए घर स्वीकृत किए गए।
- कुल स्वीकृत मकानों में से 92% (17.19 लाख) का स्वामित्व महिलाओं या संयुक्त नाम पर दर्ज है।
- ₹9 लाख तक की वार्षिक पारिवारिक आय वाले EWS, LIG और MIG परिवार इस योजना के दायरे में आते हैं।
- दोनों चरणों (PMAY-U और PMAY-U 2.0) को मिलाकर कुल 1.25 करोड़ से अधिक मकान मंजूर किए जा चुके हैं।
केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने पीएम आवास योजना 2.0 (PMAY-U 2.0) के तहत 18.77 लाख से अधिक मकानों के निर्माण को मंजूरी दी है। 10 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित केंद्रीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति (CSMC) की 9वीं बैठक में यह फैसला लिया गया। इस उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय में शहरी विकास विभाग के सचिव सत्येंद्र सिंह ने की।
पीएम आवास योजना 2.0 के तहत स्वीकृतियां और नया आंकड़ा
पीएम आवास योजना 2.0 के तहत केंद्र सरकार ने देश भर में 18.77 लाख पक्के मकानों के निर्माण को स्वीकृति दी है। 10 सितंबर 2026 को हुई केंद्रीय स्वीकृति और निगरानी समिति की 9वीं बैठक में 6 राज्यों के लिए 29,000 से अधिक नए मकान स्वीकृत किए गए। इस योजना के तहत मंजूर कुल मकानों में से 92 फीसदी घरों का मालिकाना हक महिलाओं को दिया गया है।
मंत्रालय द्वारा जारी सूचना के अनुसार बैठक में ‘आवास के लिए सभी’ (HFA) के संयुक्त सचिव और मिशन निदेशक कुमार रविकांत सिंह, संयुक्त सचिव तथा वित्तीय सलाहकार संजीत और भाग लेने वाले राज्यों के मिशन निदेशक मौजूद रहे। समिति ने अलग-अलग राज्यों से आए प्रस्तावों की समीक्षा के बाद नए मकानों के आवंटन को मंजूरी दी।
इन 6 राज्यों में मंजूर हुए 29,000 से अधिक नए घर
बैठक में पीएम आवास योजना 2.0 के दो प्रमुख घटकों—लाभार्थी आधारित निर्माण (BLC) और भागीदारी में किफायती आवास (AHP)—के तहत कुल 29,000 से अधिक मकानों को हरी झंडी दिखाई गई। इन नए मकानों का लाभ देश के छह राज्यों को मिलेगा:
- उत्तर प्रदेश: शहरी गरीबों और बेघर परिवारों के लिए लाभार्थी आधारित निर्माण के तहत नए प्रस्ताव स्वीकृत हुए।
- बिहार: राज्य के शहरी क्षेत्रों में पक्के मकानों के निर्माण के लिए बजटीय और प्रशासनिक मंजूरी मिली।
- असम: पूर्वोत्तर राज्य असम के पात्र लाभार्थियों को बीएलसी श्रेणी में मकान बनाने की अनुमति दी गई।
- गुजरात: राज्य में शहरी कमजोर वर्गों के लिए किफायती आवास परियोजनाओं को आगे बढ़ाया गया।
- तेलंगाना: साझेदारी में किफायती आवास (AHP) मॉडल के तहत नए मकानों का निर्माण किया जाएगा।
- त्रिपुरा: सीमावर्ती राज्य त्रिपुरा में पात्र ईडब्लूएस परिवारों के लिए नए पक्के घर मंजूर किए गए।
पीएम आवास योजना में महिलाओं को मिला 92% मालिकाना हक
योजना के नियमों के तहत सरकार घरों के महिला स्वामित्व को प्राथमिकता दे रही है। स्वीकृत मकान या तो परिवार की महिला के नाम पर दर्ज किए जा रहे हैं या फिर संयुक्त स्वामित्व के तहत पति-पत्नी दोनों के नाम पंजीकृत हो रहे हैं। आंकड़ों के मुताबिक, पीएम आवास योजना 2.0 में स्वीकृत 18.77 लाख मकानों में से 17.19 लाख मकान (92%) महिलाओं के नाम आवंटित किए गए हैं।
इसके अलावा समाज के अलग-अलग वंचित और जरूरतमंद वर्गों के लिए भी आंकड़े जारी किए गए हैं:
- वरिष्ठ नागरिक: 1.80 लाख मकान बुजुर्गों की जरूरतों को ध्यान में रखकर आवंटित हुए।
- अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC): 8.22 लाख पक्के मकानों की मंजूरी इस वर्ग को मिली।
- अनुसूचित जाति (SC): 3.25 लाख मकान अनुसूचित जाति के लाभार्थियों के लिए स्वीकृत किए गए।
- अनुसूचित जनजाति (ST): 1.02 लाख मकानों की स्वीकृति अनुसूचित जनजाति वर्ग को दी गई।
पीएम आवास योजना 2.0 की पात्रता और आय सीमा के नियम
यह योजना शहरी क्षेत्रों में रहने वाले उन परिवारों को लक्षित करती है जिनके पास अपना पक्का मकान नहीं है। योजना के दायरे में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS), निम्न आय वर्ग (LIG) और मध्यम आय वर्ग (MIG) के ऐसे परिवार आते हैं जिनकी वार्षिक पारिवारिक आय ₹9 लाख तक है।
लाभार्थी अपनी जरूरत के हिसाब से चार अलग-अलग विकल्पों का चुनाव कर सकते हैं। वे स्वयं की जमीन पर घर बना सकते हैं, बनी-बनाई आवास परियोजनाओं में फ्लैट खरीद सकते हैं, सरकारी किफायती किराए के मकानों में रह सकते हैं या फिर बैंक से लिए गए होम लोन पर ब्याज सब्सिडी का लाभ उठा सकते हैं।
राज्यों को निर्देश और बैठकों की नई समय-सारणी
बैठक को संबोधित करते हुए शहरी विकास सचिव सत्येंद्र सिंह ने निर्देश दिया कि योजना के क्रियान्वयन में आ रही किसी भी बाधा को तुरंत चिन्हित कर सुलझाया जाए। उन्होंने कहा कि पीएम आवास योजना 2.0 की नियमित निगरानी के लिए अब हर महीने के दूसरे सप्ताह में सीएसएमसी की बैठक आयोजित होगी।
सचिव ने सभी राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को हिदायत दी कि वे हर महीने के अंत तक अपनी स्वीकृत परियोजनाएं केंद्र के पास जमा कराएं। इससे अगले महीने की सीएसएमसी बैठक में प्रस्तावों की तुरंत समीक्षा करके उन्हें समय पर मंजूरी दी जा सकेगी।
यह भी जानें: योजना का अब तक का कुल रिपोर्ट कार्ड
पीएम आवास योजना (शहरी) और इसके दूसरे चरण पीएम आवास योजना 2.0 को मिलाकर अब तक 1.25 करोड़ से अधिक मकानों की कुल स्वीकृति दी जा चुकी है। इनमें से 1 करोड़ से अधिक पक्के मकानों का निर्माण कार्य पूरा करके लाभार्थियों को चाबियां सौंपी जा चुकी हैं।
पीएम आवास योजना 2.0 के तहत स्वीकृतियों की कुल संख्या 20 लाख के आंकड़े के करीब पहुंच रही है। सरकार का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में झुग्गियों या कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों को पक्की छत और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न: पीएम आवास योजना 2.0 में आवेदन के लिए आय सीमा क्या है?
उत्तर: योजना के तहत ₹9 लाख तक की वार्षिक पारिवारिक आय वाले EWS, LIG और MIG वर्ग के परिवार आवेदन के पात्र हैं।
प्रश्न: 9वीं सीएसएमसी बैठक में किन राज्यों के लिए नए मकान मंजूर हुए?
उत्तर: 10 सितंबर 2026 की बैठक में उत्तर प्रदेश, बिहार, असम, गुजरात, तेलंगाना और त्रिपुरा के लिए 29,000 से अधिक मकान मंजूर किए गए।
प्रश्न: पीएम आवास योजना 2.0 में महिलाओं की भागीदारी कितनी है?
उत्तर: स्वीकृत कुल 18.77 लाख मकानों में से 92% यानी 17.19 लाख मकान महिलाओं के एकल या संयुक्त स्वामित्व में हैं।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






