
पीआईबी के अनुसार, इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी तथा वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने अमेरिका के उत्तरी कैरोलिना के चैपल हिल में आयोजित जी20 नवाचार मंत्री बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया।
मुख्य बातें
- इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने 1-2 सितंबर 2026 को अमेरिका के चैपल हिल में जी20 नवाचार मंत्री बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया।
- इस बैठक की मेजबानी अमेरिकी वाणिज्य विभाग और व्हाइट हाउस के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी नीति कार्यालय (ओएसटीपी) ने की थी।
- बैठक के दौरान मंत्रियों ने उभरती प्रौद्योगिकियों के लिए कैरोलिना सिद्धांतों और छह प्रमुख स्तंभों पर सहमति व्यक्त की।
- राज्य मंत्री ने अमेरिकी वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लटनिक, यूरोपीय आयोग, फ्रांस, जर्मनी और अफ्रीकी संघ के प्रतिनिधियों के साथ द्विपक्षीय चर्चाएं कीं।
केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने हाल ही में अमेरिका के उत्तरी कैरोलिना के चैपल हिल में आयोजित जी20 नवाचार बैठक में हिस्सा लिया और भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया। पीआईबी के अनुसार, यह महत्वपूर्ण मंत्रिस्तरीय बैठक 1 से 2 सितंबर 2026 के दौरान संपन्न हुई, जिसकी मेजबानी अमेरिकी वाणिज्य विभाग और व्हाइट हाउस के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी नीति कार्यालय द्वारा संयुक्त रूप से की गई थी। इस उच्चस्तरीय आयोजन में भारत की सक्रिय भागीदारी से वैश्विक तकनीकी मंच पर देश का प्रभाव और अधिक मजबूत हुआ है।
जी20 नवाचार बैठक में किन प्रमुख मुद्दों पर बनी सहमति?
केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने चैपल हिल में आयोजित जी20 नवाचार बैठक में हिस्सा लेते हुए वैश्विक तकनीकी विकास पर जोर दिया। बैठक के समापन पर सभी देशों ने सर्वसम्मति से एक नवाचार मंत्रिस्तरीय वक्तव्य जारी किया। इस संयुक्त वक्तव्य में इस बात पर जोर दिया गया कि उभरती हुई प्रौद्योगिकियों में अर्थव्यवस्था को गति देने, उत्पादकता में सुधार लाने और नागरिकों के लिए नए अवसर पैदा करने की अपार क्षमताएं मौजूद हैं।
बैठक के छह मुख्य स्तंभ और कैरोलिना सिद्धांत
पीआईबी की रिपोर्ट के अनुसार, इस मंत्रिस्तरीय सम्मेलन में कुल छह प्रमुख स्तंभों पर व्यापक सहमति बनी है, जो भविष्य की दिशा तय करेंगे:
- नवाचार-समर्थक नीतिगत ढांचे का निर्माण करना।
- अवसर और समृद्धि के लिए प्रौद्योगिकी का प्रसार।
- कुशल तकनीकी कार्यबल का विकास करना।
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के लिए बौद्धिक संपदा नीतियां तैयार करना।
- मानकों के लिए एआई और एआई के लिए मानक तय करना।
- औद्योगिक नवाचार और आपूर्ति श्रृंखलाओं में निवेश को बढ़ावा देना।
इसके अलावा, मंत्रियों ने उभरती प्रौद्योगिकियों के लिए कैरोलिना सिद्धांतों पर भी मुहर लगाई। इन सिद्धांतों का मुख्य उद्देश्य सभी देशों से मूलभूत अनुसंधान में निवेश बढ़ाने, व्यावसायीकरण के रास्तों को मजबूत करने और विश्वसनीय प्रौद्योगिकी को तेजी से अपनाने का आह्वान करना है।
अंतरराष्ट्रीय नेताओं और मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय चर्चाएं
सम्मेलन के इतर, भारतीय राज्य मंत्री ने कई देशों के प्रमुख प्रतिनिधियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं। अमेरिकी वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लटनिक के साथ हुई चर्चा में सेमीकंडक्टर, एआई और डेटा सेंटर के क्षेत्रों में आपसी सहयोग को और अधिक मजबूत करने पर विचार-विमर्श किया गया। उन्होंने आईएसएम 2.0 में अधिक अमेरिकी निवेश को प्रोत्साहित करने का प्रस्ताव भी रखा। इसके अलावा, यूरोपीय आयोग की कार्यकारी उपाध्यक्ष हेन्ना विर्ककुनेन, फ्रांस की डिजिटल कार्य मंत्री ऐनी ले हेनानफ और जर्मनी के संसदीय राज्य सचिवों के साथ भी डिजिटल व तकनीकी साझेदारी को लेकर गहन बातचीत हुई।
ड्यूक विश्वविद्यालय का दौरा और भविष्य की तकनीक
जी20 बैठकों के समापन के बाद, केंद्रीय राज्य मंत्री ने ड्यूक विश्वविद्यालय का दौरा किया। वहां उन्होंने संकाय सदस्यों और वरिष्ठ नेतृत्व के साथ इंजीनियरिंग, कंप्यूटर विज्ञान, रोबोटिक्स और स्वास्थ्य सेवा जैसे क्षेत्रों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। प्रैट स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग की रोबोटिक्स प्रयोगशाला के दौरे ने भारत और अमेरिका के बीच अकादमिक तथा अनुसंधान सहयोग की असीम संभावनाओं को उजागर किया।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? जी20 नवाचार बैठक 2026 का आयोजन कहाँ किया गया था?
उत्तर। यह बैठक अमेरिका के उत्तरी कैरोलिना राज्य के चैपल हिल में आयोजित की गई थी।
प्रश्न? इस बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किसने किया था?
उत्तर। भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने किया था।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






