शनिवार, अक्टूबर 24, 2026

केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने लॉन्च की सीएसएस शील्ड पहल, परिवारों को मिलेगी आर्थिक मदद

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सीएसएस शील्ड

पीआईबी के अनुसार, केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने केंद्रीय सचिवालय सेवा (सीएसएस) फोरम की ‘सीएसएस शील्ड’ पहल का शुभारंभ किया, जिससे दिवंगत अधिकारियों के शोक संतप्त परिवारों को वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।

मुख्य बातें

  • केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने 05 सितंबर 2026 को ‘सीएसएस शील्ड’ पहल का शुभारंभ किया।
  • इस नई पहल के अंतर्गत शोक संतप्त परिवार को कम से कम 15 लाख रुपये की सहायता देने का लक्ष्य है।
  • वर्ष 2020 से अब तक लगभग 65-70 दिवंगत अधिकारियों के परिवारों को 1.30 करोड़ रुपये की सहायता दी जा चुकी है।
  • केंद्रीय सचिवालय सेवा (सीएसएस) के लगभग 13,000 सदस्य इस फोरम से जुड़े हैं।

केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने 05 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में सेवा नियमों को कर्मचारियों और उनके परिवारों के प्रति अधिक संवेदनशील बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। पीआईबी के अनुसार, उन्होंने केंद्रीय सचिवालय सेवा (सीएसएस) फोरम की नई पहल सीएसएस शील्ड का आधिकारिक शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य अचानक हुई क्षति के समय सरकारी कर्मचारियों के परिवारों के साथ खड़े रहने के लिए एक मजबूत और सामूहिक सहायता तंत्र तैयार करना है। मंत्री महोदय ने इस अवसर पर दिवंगत अधिकारियों के परिवारों को आर्थिक मदद भी सौंपी।

सीएसएस शील्ड पहल क्या है और कैसे काम करेगी?

सीएसएस शील्ड केंद्रीय सचिवालय सेवा (सीएसएस) फोरम द्वारा शुरू की गई एक पारस्परिक सहायता पहल है, जिसका मुख्य उद्देश्य सरकारी सेवा के दौरान जान गंवाने वाले अधिकारियों के शोक संतप्त परिवारों को सामूहिक वित्तीय सहायता प्रदान करना है। इस योजना की मूल भावना परिवार के लिए योगदान और गरिमापूर्ण समर्थन देना है। कार्यक्रम के दौरान डॉ. जितेंद्र सिंह ने दिवंगत श्री मोहन चंद्र भट्ट और स्वर्गीय श्री राजेंद्र चंद्र के परिजनों को सहायता राशि प्रदान की। इस तंत्र को लागू करने के लिए सामूहिक इच्छाशक्ति और योगदान देने की तत्परता सबसे जरूरी है।

कोरोना काल से शुरू हुआ था आपसी सहयोग का सफर

यह पहल अचानक नहीं आई, बल्कि इसके पीछे पिछले कुछ वर्षों का एक मजबूत संगठनात्मक अनुभव जुड़ा हुआ है। कोविड-19 महामारी के दौरान जब कई केंद्रीय सचिवालय सेवा के अधिकारियों ने अपनी जान गंवाई, तब एक सुनियोजित और मजबूत आपसी सहयोग प्रणाली की आवश्यकता महसूस हुई थी। फोरम के आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2020 से लेकर अब तक लगभग 65 से 70 दिवंगत अधिकारियों के परिवारों को वित्तीय मदद पहुंचाई जा चुकी है। इसके लिए सहकर्मियों ने सामूहिक रूप से लगभग 1.30 करोड़ रुपये का स्वेच्छा से योगदान दिया है। अब इस पूरी प्रक्रिया को औपचारिक रूप देते हुए इस योजना को एक नया आकार दिया गया है ताकि सहायता में स्थिरता आ सके।

बच्चों के लिए छात्रवृत्ति और भविष्य की योजनाएं

सरकार और फोरम का प्रयास है कि इस योजना के दायरे को समय के साथ और अधिक व्यापक बनाया जाए। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने सुझाव दिया कि जैसे-जैसे इस कोष में भागीदारी और निधि बढ़ेगी, दिवंगत सीएसएस अधिकारियों के बच्चों की शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति योजना को भी इसमें जोड़ा जाना चाहिए। इससे शोक की शुरुआती अवधि बीत जाने के बाद भी परिवारों को आर्थिक संबल मिलता रहेगा। वर्तमान में केंद्रीय सचिवालय सेवा के लगभग 13,000 सदस्य इस व्यवस्था का हिस्सा हैं, जिनकी सहभागिता से आने वाले दिनों में सहायता राशि को 15 लाख रुपये से भी काफी अधिक बढ़ाने की परिकल्पना की गई है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न? सीएसएस शील्ड पहल का मुख्य उद्देश्य क्या है? उत्तर। इस पहल का उद्देश्य केंद्रीय सचिवालय सेवा के दिवंगत अधिकारियों के शोक संतप्त परिवारों को कम से कम 15 लाख रुपये की सामूहिक वित्तीय सहायता प्रदान करना है।

प्रश्न? इस योजना का शुभारंभ किसने किया? उत्तर। इसका शुभारंभ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह द्वारा 05 सितंबर 2026 को किया गया।

प्रश्न? इसमें कुल कितने सदस्य शामिल हैं? उत्तर। केंद्रीय सचिवालय सेवा के लगभग 13,000 सदस्य इस फोरम का हिस्सा हैं जो इस सामूहिक सहायता में योगदान देते हैं।

यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com

सौरभ तिवारी
सौरभ तिवारी
सौरभ तिवारी आज पत्रिका में राष्ट्रीय एवं राजनीतिक मामलों के संपादक हैं। वे संसद और विधानसभाओं की कार्यवाही, सरकारी नीतियों, चुनाव, और भारत से जुड़ी बड़ी राष्ट्रीय खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। उनका ज़ोर तथ्य-आधारित, संतुलित और स्रोत-सहित रिपोर्टिंग पर रहता है — हर लेख में वे प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB), संबंधित मंत्रालयों की विज्ञप्तियों और आधिकारिक दस्तावेज़ों का हवाला देते हैं। राय और विश्लेषण को वे समाचार से स्पष्ट रूप से अलग रखते हैं। सुझाव या तथ्य-सुधार के लिए: corrections@aajpatrika.com।

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