
वाणिज्य मंत्रालय के जेम और कपड़ा मंत्रालय की टेक्सटाइल कमेटी ने सार्वजनिक खरीद के जरिए रीसाइक्ल्ड वस्त्रों को बढ़ावा देने के लिए समझौता किया है।
मुख्य बातें
- जेम और टेक्सटाइल कमेटी के बीच मुंबई में 03 सितंबर 2026 को एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।
- यह साझेदारी प्री-और पोस्ट-कंज्यूमर टेक्सटाइल वेस्ट से बने रीसाइक्ल्ड वस्त्रों को बढ़ावा देगी।
- एमओयू पर हस्ताक्षर के समय केंद्रीय कपड़ा मंत्री श्री गिरिराज सिंह भी उपस्थित रहे।
- जेम इन उत्पादों के लिए समर्पित श्रेणियां बनाएगा और ऑनलाइन मार्केट लिंकेज की सुविधा देगा।
सार्वजनिक खरीद के माध्यम से रीसाइक्ल्ड वस्त्र और अपसाइक्ल्ड उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (जेम) और टेक्सटाइल कमेटी ने हाथ मिलाया है। पीआईबी के अनुसार, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले जेम और कपड़ा मंत्रालय के अधीन टेक्सटाइल कमेटी ने यह साझेदारी सर्कुलर टेक्सटाइल इकोनॉमी में उद्यमों के लिए नए बाजार के अवसर पैदा करने के उद्देश्य से की है। इस एमओयू पर हस्ताक्षर मुंबई में आयोजित टेक्सटाइल कमेटी के 62वें स्थापना दिवस समारोह के दौरान किए गए, जिससे इस पहल की औपचारिक शुरुआत हुई।
रीसाइक्ल्ड वस्त्रों की सरकारी खरीद
रीसाइक्ल्ड वस्त्र और अपसाइक्ल्ड उत्पाद अब सरकारी खरीद के माध्यम से खरीदारों के लिए आसानी से उपलब्ध होंगे। यह सहयोग एक ‘वेस्ट-टू-वैल्यू-टू-मार्केट’ इकोसिस्टम का निर्माण करेगा, जिससे कपड़ा कचरे, कतरन और पुराने कपड़ों को गुणवत्तापूर्ण मूल्य वर्धित उत्पादों में बदला जा सकेगा। इस एमओयू के तहत टेक्सटाइल कमेटी रीसाइक्ल्ड वस्त्र उत्पादों के पात्र निर्माताओं की पहचान, सत्यापन, प्रमाणीकरण और उन्हें मान्यता देने का कार्य करेगी। इसके अलावा, समिति हितधारकों के परामर्श, क्षमता निर्माण, बाजार अनुसंधान और तकनीकी विनिर्देशों के विकास में भी सहायता प्रदान करेगी।
जेम पोर्टल की भूमिका और श्रेणियां
जेम पोर्टल इन उत्पादों के लिए समर्पित श्रेणियां बनाएगा और विक्रेता ऑनबोर्डिंग की प्रक्रिया को आसान करेगा। जेम के अपर सीईओ श्री अजीत बी. चव्हाण और टेक्सटाइल कमेटी के सचिव श्री कार्तिकेय धंडा द्वारा इस समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इस कार्यक्रम की शोभा केंद्रीय कपड़ा मंत्री श्री गिरिराज सिंह और महाराष्ट्र सरकार के कपड़ा मंत्री श्री संजय सावकारे की उपस्थिति से बढ़ी। प्रशिक्षण और सहायता मिलने से अंतिम छोर के अपसाइक्लर्स और रीसाइक्लर्स भी सार्वजनिक खरीद प्रक्रिया में प्रभावी ढंग से भाग ले सकेंगे।
यह साझेदारी एक हब-एंड-स्पोक दृष्टिकोण का पालन करती है, जिसके जरिए अंतिम छोर तक पहुंच और रीसाइक्लर्स के एकीकरण को सुगम बनाया जाएगा। महिलाओं, एमएसएमई, स्थानीय उद्यमों, कारीगरों और अन्य सर्कुलर-इकोनॉमी उद्यमों पर ध्यान केंद्रित करते हुए, यह पहल ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ की राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप है।
- साझेदारी की घोषणा: 03 सितंबर 2026 को मुंबई में की गई।
- हस्ताक्षरकर्ता: जेम के अपर सीईओ श्री अजीत बी. चव्हाण और टेक्सटाइल कमेटी के सचिव श्री कार्तिकेय धंडा।
- मुख्य अतिथि: केंद्रीय कपड़ा मंत्री श्री गिरिराज सिंह और महाराष्ट्र के कपड़ा मंत्री श्री संजय सावकारे।
- उद्देश्य: टेक्सटाइल वेस्ट को सर्कुलर इकोनॉमी और टिकाऊ बाजार विकास में बदलना।
सर्कुलर इकोनॉमी और भविष्य की दिशा
जेम के सीईओ श्री मिहिर कुमार ने इस मील के पत्थर के बारे में बात करते हुए बताया कि प्रमाणन, मानकीकरण और बाजार तक पहुंच को आपस में जोड़कर रीसाइक्ल्ड वस्त्र उत्पादों के लिए एक विश्वसनीय मांग पैदा की जाएगी। सरकारी खरीद अपने पैमाने और पहुंच के साथ कार्यालयों, संस्थानों और अन्य सार्वजनिक उपयोग की आवश्यकताओं में ऐसे उत्पादों को अपनाने की गति को तेज कर सकती है। यह पहल भारत के संसाधन-कुशल कपड़ा अर्थव्यवस्था की ओर बदलाव को मजबूत करते हुए संसाधन संरक्षण और जिम्मेदार खपत में योगदान देगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? जेम और टेक्सटाइल कमेटी के बीच समझौता क्यों हुआ है? उत्तर। यह समझौता सार्वजनिक खरीद के माध्यम से रीसाइक्ल्ड वस्त्रों और अपसाइक्ल्ड उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए हुआ है।
प्रश्न? इस एमओयू पर हस्ताक्षर कब और कहाँ हुए? उत्तर। इस एमओयू पर 03 सितंबर 2026 को मुंबई में टेक्सटाइल कमेटी के 62वें स्थापना दिवस के दौरान हस्ताक्षर किए गए।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






