
भारत निर्वाचन आयोग ने गोवा में चुनावी साक्षरता क्लब 2.0 और ECINet पर चौथे क्षेत्रीय सम्मेलन का आयोजन किया।
मुख्य बातें
- पीआईबी के अनुसार, भारत निर्वाचन आयोग ने गोवा में चुनावी साक्षरता क्लब (ईएलसी 2.0) और ECINet पर अपना चौथा क्षेत्रीय सम्मेलन आयोजित किया।
- मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि ईएलसी युवाओं को सत्य को कायम रखने और लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए सशक्त बनाएगा।
- यह पहल ‘लोकतंत्र सीखें। लोकतंत्र का नेतृत्व करें’ टैगलाइन के साथ स्कूलों और कॉलेजों में शुरू की गई है।
- देश भर में लगभग 15 लाख स्कूल और 25 करोड़ विद्यार्थी इस व्यापक शैक्षिक तंत्र का हिस्सा हैं।
चुनावी साक्षरता क्लब के जरिए युवा मतदाताओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ने के लिए भारत निर्वाचन आयोग ने गोवा में एक बड़ा क्षेत्रीय सम्मेलन आयोजित किया है। पीआईबी के अनुसार, आयोग ने गोवा में चुनावी साक्षरता क्लब (ईएलसी 2.0) और ECINet पर अपने चौथे क्षेत्रीय सम्मेलन का आयोजन किया, जिसका मुख्य उद्देश्य देश के युवा नागरिकों के बीच चुनावी साक्षरता को बढ़ाना है। इस सम्मेलन में छात्रों और शिक्षकों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया और चुनावी प्रक्रियाओं की बारीकियों को समझा।
चुनावी साक्षरता क्लब से लोकतंत्र होगा मजबूत
चुनावी साक्षरता क्लब युवाओं को लोकतंत्र की बुनियादी बातें सिखाने और उन्हें मतदान प्रक्रिया से जोड़ने का एक प्रभावी माध्यम है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने गोवा में आयोजित इस सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि विद्यार्थी देश का भविष्य हैं और ईएलसी विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र को मजबूत करने में अहम सहायक साबित होंगे। उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए यह भी बताया कि देश में होने वाले सभी चुनाव संविधान, कानून और आयोग के तय निर्देशों के तहत ही पूरी पारदर्शिता के साथ आयोजित किए जाते हैं।
ECINet डिजिटल प्लेटफॉर्म की विशेषताएं
चुनाव आयोग द्वारा लॉन्च किया गया ECINet एक एकीकृत डिजिटल मंच है, जो देश भर के मतदाताओं को सभी प्रकार की चुनाव संबंधी सेवाएं और सूचनाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराता है। इस प्लेटफॉर्म की मदद से नामांकन से लेकर मतदान तक की प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाया गया है। ईएलसी 2.0 पहल के तहत एक समर्पित पोर्टल भी तैयार किया गया है, जिसके माध्यम से पूरे साल लगातार चुनावी साक्षरता से जुड़ी गतिविधियां संचालित की जाएंगी ताकि युवाओं को मतदान के प्रति जागरूक किया जा सके।
देश का विशाल शैक्षिक तंत्र और ईएलसी 2.0
भारत का शैक्षिक ढांचा दुनिया के सबसे बड़े नेटवर्क्स में से एक है, जिसमें करोड़ों छात्र और शिक्षक शामिल हैं। इसी विशाल नेटवर्क का लाभ उठाने के लिए चुनावी साक्षरता क्लब को नए सिरे से तैयार किया गया है।
- भारत भर में लगभग 15 लाख स्कूल और करीब 25 करोड़ विद्यार्थी इस तंत्र का हिस्सा हैं।
- उच्च शिक्षा के क्षेत्र में लगभग 1,500 विश्वविद्यालय और 70,000 शिक्षण संस्थान संचालित हैं।
- इन संस्थानों में अनुमानित 4.33 करोड़ विद्यार्थी उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।
- ईएलसी पोर्टल के माध्यम से वर्षभर चुनावी शिक्षा और जागरूकता गतिविधियां चलाई जाएंगी।
मुख्य चुनाव आयुक्त का गोवा दौरा
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार अपने दो दिवसीय गोवा दौरे के दौरान राज्यभर के बूथ स्तरीय अधिकारियों यानी बीएलओ से भी मिले। उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य में बीएलओ के योगदान की सराहना की और उनके साथ संवाद किया। इस दौरान छात्रों ने मुख्य चुनाव आयुक्त के साथ एक प्रश्नोत्तर सत्र में भी हिस्सा लिया, जहां उन्होंने चुनाव प्रणाली से जुड़े कई सवाल पूछे और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? चुनावी साक्षरता क्लब 2.0 का मुख्य उद्देश्य क्या है? उत्तर। इसका मुख्य उद्देश्य युवा और पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं को लोकतंत्र की प्रक्रिया से परिचित कराना और उनमें जागरूकता बढ़ाना है।
प्रश्न? ECINet प्लेटफॉर्म क्या है? उत्तर। यह चुनाव संबंधी सेवाओं और सूचनाओं के लिए एक एकीकृत डिजिटल मंच है जो नामांकन से लेकर मतदान तक की सुविधाएं देता है।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






