गुरूवार, सितम्बर 3, 2026

सफदरजंग अस्पताल में जेपी नड्डा ने अत्याधुनिक कैंसर व डायग्नोस्टिक केंद्र शुरू किए

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सफदरजंग अस्पताल

स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने सफदरजंग अस्पताल में भारत की पहली एनआईआरएस ब्रेन मैपिंग मूत्राशय जांच सुविधा और परमाणु चिकित्सा केंद्रों का शुभारंभ किया।

मुख्य बातें

  • केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने नई दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में उन्नत मूत्राशय निदान केंद्र, पीईटी-सीटी और स्पेक्ट-सीटी सुविधाओं का उद्घाटन किया।
  • उन्नत मूत्राशय केंद्र में भारत में पहली बार वीयूडीएस को एनआईआरएस ब्रेन मैपिंग के साथ जोड़ा गया है, जिससे सालाना 5,000 मरीजों को लाभ मिलेगा।
  • परमाणु चिकित्सा विभाग की पीईटी-सीटी और स्पेक्ट-सीटी सुविधाओं से हर साल 600-700 मरीजों को किफायती लागत पर कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों का सटीक इलाज मिलेगा।
  • स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल के हार्ट कमांड सेंटर और स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर का दौरा कर विकास परियोजनाओं की समयबद्ध समीक्षा करने के सख्त निर्देश दिए।

नई दिल्ली के प्रतिष्ठित वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज और सफदरजंग अस्पताल में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा ने अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का उद्घाटन किया है। केंद्रीय मंत्री ने अस्पताल के मूत्रविज्ञान विभाग में उन्नत मूत्राशय निदान केंद्र तथा परमाणु चिकित्सा विभाग में पीईटी-सीटी (PET-CT) और स्पेक्ट-सीटी (SPECT-CT) सुविधाओं का औपचारिक शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने अस्पताल की विभिन्न चल रही विकास परियोजनाओं और स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा भी लिया।

सफदरजंग अस्पताल में नई स्वास्थ्य सुविधाओं का उद्घाटन क्यों है खास?

सफदरजंग अस्पताल में शुरू की गई नई नैदानिक सुविधाएँ भारत में सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा अवसंरचना को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा प्रयास हैं। यहां स्थापित उन्नत मूत्राशय निदान केंद्र देश में पहली बार वीडियो यूरोडायनामिक्स के साथ एनआईआरएस आधारित ब्रेन मैपिंग तकनीक का इस्तेमाल कर रहा है। इसके साथ ही, परमाणु चिकित्सा विभाग में स्थापित पीईटी-सीटी और स्पेक्ट-सीटी से कैंसर, कार्डियोलॉजी और न्यूरोलॉजी के मरीजों को बहुत ही किफायती दर पर उन्नत जांच और सटीक इलाज की सुविधा मिलेगी।

स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने उद्घाटन के बाद सफदरजंग अस्पताल में स्थित हार्ट कमांड सेंटर और स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर का भी दौरा किया। उन्होंने इन केंद्रों में मरीजों को दी जा रही चिकित्सीय सेवाओं और परिचालन गतिविधियों की समीक्षा की। समीक्षा बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री ने अस्पताल प्रशासन को निर्माणाधीन परियोजनाओं की नियमित और आवधिक जांच करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी विकास कार्यों के लिए व्यावहारिक और प्राप्त करने योग्य समयसीमा तय की जानी चाहिए ताकि परियोजनाएँ समय पर पूरी हो सकें और आम जनता को इनका त्वरित लाभ मिल सके।

सफदरजंग अस्पताल का उन्नत मूत्राशय निदान केंद्र और इसकी विशेषताएँ

यूरोलॉजी (मूत्रविज्ञान) विभाग में स्थापित उन्नत मूत्राशय निदान केंद्र आधुनिक चिकित्सा तकनीक का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। इस केंद्र की स्थापना वीडियो यूरोडायनामिक्स (VUDS) और नियर इन्फ्रारेड स्पेक्ट्रोस्कोपी (NIRS) के एकीकरण के साथ की गई है। यह प्रणाली मूत्राशय के कार्य का विस्तृत और सूक्ष्म मूल्यांकन करने में सक्षम है। तंत्रिका संबंधी बीमारियों से पीड़ित मरीजों में मूत्राशय विकारों के सटीक निदान के लिए यह सुविधा अत्यधिक उपयोगी साबित होगी।

इस केंद्र की सबसे बड़ी विशेषता वीयूडीएस (VUDS) को एनआईआरएस (NIRS) के माध्यम से ब्रेन मैपिंग के साथ जोड़ना है। भारत में यह प्रयोग पहली बार किया जा रहा है। इस तकनीक की मदद से मूत्राशय के भरने और खाली होने की प्रक्रिया के दौरान मस्तिष्क के रक्त में ऑक्सीजन स्तर के परिवर्तनों का सटीक आकलन किया जा सकता है। इससे डॉक्टरों को यह निर्धारित करने में मदद मिलेगी कि मरीज का मूत्राशय विकार केवल मूत्राशय से संबंधित है, तंत्रिका तंत्र से जुड़ा है या दोनों का संयुक्त कारण है।

स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, सफदरजंग अस्पताल के इस नए केंद्र से प्रतिवर्ष लगभग 5,000 मरीजों को विशेषज्ञ यूरोलॉजी निदान सेवाएँ मिलने की उम्मीद है। इससे सार्वजनिक क्षेत्र में जटिल मूत्रविज्ञान समस्याओं का इलाज करने की क्षमता में काफी वृद्धि होगी।

सफदरजंग अस्पताल में कैंसर और गंभीर बीमारियों के लिए PET-CT व SPECT-CT सेवाएँ

परमाणु चिकित्सा (न्यूक्लियर मेडिसिन) विभाग में पीईटी-सीटी और स्पेक्ट-सीटी सुविधाओं की शुरुआत से अस्पताल की नैदानिक क्षमताओं में भारी इजाफा हुआ है। ये उपकरण कैंसर देखरेख, कार्डियोलॉजी (हृदय रोग), न्यूरोलॉजी (तंत्रिका रोग), गुर्दे की बीमारियों और एंडोक्रिनोलॉजी (अंतःस्रावी रोग) जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सटीक डायग्नोसिस की सुविधा प्रदान करेंगे।

पीईटी-सीटी (PET-CT) सुविधा कैंसर के शुरुआती निदान, रोग के चरण (कैंसर स्टेजिंग) के निर्धारण, सही उपचार योजना बनाने और इलाज के बाद मरीज की निगरानी (फॉलो-अप) में मदद करेगी। यह मेडिकल ऑन्कोलॉजी, रेडिएशन ऑन्कोलॉजी, हेमेटोलॉजी, यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी और पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी में बहुविषयक नैदानिक प्रबंधन को सहारा देगी।

वहीं, स्पेक्ट-सीटी (SPECT-CT) सुविधा के माध्यम से हृदय, गुर्दे, अंतःस्रावी ग्रंथियों, हड्डियों और पाचन तंत्र से जुड़ी जटिल बीमारियों की व्यापक जांच संभव हो सकेगी। सफदरजंग अस्पताल में ये उन्नत परमाणु चिकित्सा सेवाएँ आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मरीजों को बेहद किफायती लागत पर उपलब्ध कराई जाएँगी। अनुमान है कि इन परमाणु चिकित्सा सुविधाओं से प्रतिवर्ष लगभग 600 से 700 मरीजों को सीधा लाभ पहुँचेगा।

सफदरजंग अस्पताल की कार्यप्रणाली और प्रशासनिक निर्देश

उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने सफदरजंग अस्पताल द्वारा वर्षों से अर्जित प्रतिष्ठा और विशिष्ट पहचान की सराहना की। उन्होंने कहा कि सफदरजंग अस्पताल ने देश के स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में एक अनूठा स्थान बनाया है, जहाँ हर दिन देश के कोने-कोने से हजारों गरीब और मध्यम वर्गीय मरीज इलाज कराने आते हैं।

इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्रालय और अस्पताल के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में मुख्य रूप से निम्नलिखित गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए:

  • श्रीमती पुण्य सलीला श्रीवास्तव, सचिव, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय
  • डॉ. कविता रानी शर्मा, निदेशक, वीएमएमसी एवं सफदरजंग अस्पताल
  • डॉ. चारू बंबा, चिकित्सा अधीक्षक, सफदरजंग अस्पताल
  • श्रीमती चित्रा, संयुक्त सचिव (अस्पताल), स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय
  • वीएमएमसी एवं सफदरजंग अस्पताल के वरिष्ठ संकाय सदस्य और वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी

सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली में सफदरजंग अस्पताल की भूमिका

वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज (VMMC) और सफदरजंग अस्पताल भारत के सबसे बड़े और प्रमुख केंद्रीय सरकारी अस्पतालों में से एक है। नई दिल्ली में स्थित यह अस्पताल न केवल दिल्ली-एनसीआर बल्कि उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा, राजस्थान और मध्य प्रदेश के लाखों मरीजों के लिए एक प्रमुख इलाज केंद्र के रूप में कार्य करता है। यहाँ अत्यधिक आधुनिक गहन देखरेख इकाइयाँ (ICU), आपातकालीन सेवाएँ और सुपर-स्पेशियलिटी विभाग कार्यरत हैं।

सफदरजंग अस्पताल में नई डायग्नोस्टिक सुविधाओं का जुड़ना केवल चिकित्सा उपकरणों की बढ़ोतरी नहीं है, बल्कि यह देश के मेडिकल छात्रों और डॉक्टरों के प्रशिक्षण को भी एक नई ऊँचाई पर ले जाएगा। वीएमएमसी में पढ़ाई कर रहे स्नातकोत्तर (Postgraduate) और सुपर-स्पेशियलिटी के छात्रों को इन उन्नत तकनीकों का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होगा, जिससे देश को बेहतर और योग्य विशेषज्ञ डॉक्टर मिल सकेंगे।

निजी अस्पतालों में पीईटी-सीटी स्कैन और जटिल यूरोडायनामिक्स जांच की लागत अत्यधिक होती है, जो आम मरीजों की पहुँच से बाहर होती है। सफदरजंग अस्पताल में इन सेवाओं के बेहद कम दरों पर शुरू होने से गरीब और वंचित वर्ग के मरीजों को आर्थिक तंगी के बिना गुणवत्तापूर्ण और समय पर उपचार मिल सकेगा। इससे मरीजों के सटीक निदान और जीवन रक्षा की संभावनाओं में बड़ा सुधार आएगा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न? सफदरजंग अस्पताल में किन नई सुविधाओं का उद्घाटन किया गया है?
उत्तर। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने सफदरजंग अस्पताल में उन्नत मूत्राशय निदान केंद्र, पीईटी-सीटी (PET-CT) और स्पेक्ट-सीटी (SPECT-CT) सुविधाओं का उद्घाटन किया है।

प्रश्न? सफदरजंग अस्पताल का उन्नत मूत्राशय निदान केंद्र भारत में पहला क्यों है?
उत्तर। यह केंद्र भारत में पहली बार वीडियो यूरोडायनामिक्स (VUDS) को NIRS के माध्यम से ब्रेन मैपिंग के साथ एकीकृत कर मूत्राशय और तंत्रिका संबंधी विकारों का सटीक निदान करता है।

प्रश्न? पीईटी-सीटी और स्पेक्ट-सीटी सुविधाओं से सालाना कितने मरीजों को लाभ होगा?
उत्तर। सफदरजंग अस्पताल के परमाणु चिकित्सा विभाग की इन सुविधाओं से हर साल लगभग 600 से 700 मरीजों को किफायती दरों पर जांच और उपचार का लाभ मिलेगा।

यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com

सौरभ तिवारी
सौरभ तिवारी
सौरभ तिवारी आज पत्रिका में राष्ट्रीय एवं राजनीतिक मामलों के संपादक हैं। वे संसद और विधानसभाओं की कार्यवाही, सरकारी नीतियों, चुनाव, और भारत से जुड़ी बड़ी राष्ट्रीय खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। उनका ज़ोर तथ्य-आधारित, संतुलित और स्रोत-सहित रिपोर्टिंग पर रहता है — हर लेख में वे प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB), संबंधित मंत्रालयों की विज्ञप्तियों और आधिकारिक दस्तावेज़ों का हवाला देते हैं। राय और विश्लेषण को वे समाचार से स्पष्ट रूप से अलग रखते हैं। सुझाव या तथ्य-सुधार के लिए: corrections@aajpatrika.com।

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