
केंद्रीय नागर विमानन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू ने एनओसी प्रक्रिया को सरल और स्वचालित बनाने के उपायों की समीक्षा की है और 15 दिनों के भीतर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
मुख्य बातें
- केंद्रीय नागर विमानन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू ने एनओसी प्रक्रिया की समीक्षा की।
- एनओसी प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और स्वचालित बनाने के लिए 15 दिनों के भीतर कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
- दिल्ली, मुंबई और हैदराबाद जैसे महानगरों में सही भवन ऊंचाई की व्यवहार्यता पर चर्चा हुई।
- वर्तमान एनओसी प्रणाली वीएफआर के लिए 20 किमी और आईएफआर के लिए 56 किमी के दायरे को कवर करती है।
एनओसी प्रक्रिया को सरल और स्वचालित बनाने की दिशा में नागर विमानन मंत्रालय ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है, जिसके तहत 15 दिनों के भीतर समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। पीआईबी के अनुसार, केंद्रीय नागर विमानन मंत्री श्री किंजरापु राममोहन नायडू ने नागर विमानन मंत्रालय और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य देश के नागर विमानन क्षेत्र में व्यापार करने में आसानी को बढ़ावा देना और प्रक्रियाओं को अधिक सुगम बनाना था, जिसमें अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करने की प्रणाली पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। मंत्रालय का यह कदम देश के बुनियादी ढांचे के विकास और निर्माण परियोजनाओं को गति देने में मददगार साबित होगा।
एनओसी प्रक्रिया में सुधार और स्वचालित प्रणाली
बैठक के दौरान, श्री राममोहन नायडू ने इस बात पर जोर दिया कि एनओसी प्रक्रिया को पूरी तरह से सरल, पारदर्शी, स्वचालित और समयबद्ध बनाया जाना चाहिए ताकि इसमें न्यूनतम मानवीय हस्तक्षेप हो। प्रस्तावित सुधारों का प्राथमिक उद्देश्य आम जनता, विभिन्न समितियों, बिल्डरों और उद्योग जगत के सदस्यों को अधिक से अधिक सुविधा प्रदान करना है। इसके साथ ही, यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि इन प्रशासनिक सुधारों से विमानन सुरक्षा से संबंधित सभी नियामक आवश्यकताओं का पूरी तरह से पालन होता रहे। सरकार का मानना है कि डिजिटल और स्वचालित प्रणालियों के आ जाने से भ्रष्टाचार की गुंजाइश कम होती है और नागरिकों के समय की भी भारी बचत होती है।
प्रमुख शहरों और भवन ऊंचाई की व्यवहार्यता
मंत्री महोदय ने प्रारंभिक चरण में ही आवेदकों को विशेष रूप से दिल्ली, मुंबई और हैदराबाद जैसे देश के प्रमुख महानगरों में सही और निर्धारित भवन ऊंचाई उपलब्ध कराने की व्यवहार्यता पर भी विस्तार से चर्चा की। इस प्रकार के दूरदर्शी दृष्टिकोण से आवेदकों और अन्य महत्वपूर्ण हितधारकों को विचारपूर्ण निर्णय लेने में मदद मिलेगी। साथ ही, वे शुरुआत से ही लागू होने वाले ऊंचाई प्रतिबंधों के अनुसार अपने भवन निर्माण और विकास योजनाओं की सही योजना बना सकेंगे। वैमानिकी अध्ययन से संबंधित प्रक्रिया पर भी विचार-विमर्श किया गया, ताकि अनुमोदन प्रक्रिया को और अधिक त्वरित बनाया जा सके।
विकेंद्रीकरण और एनओसीएएस का दायरा
अनापत्ति प्रमाण पत्र आवेदन प्रणाली (एनओसीएएस) के मौजूदा भौगोलिक क्षेत्र की भी इस बैठक में व्यापक समीक्षा की गई। वर्तमान समय में, एनओसी विजुअल फ्लाइट रूल्स (वीएफआर) संचालन के लिए 20 किलोमीटर और इंस्ट्रुमेंटल फ्लाइट रूल्स (आईएफआर) संचालन के लिए 56 किलोमीटर के दायरे को कवर करती है। बैठक में इस बात पर भी विचार किया गया कि शहरी स्थानीय निकाय स्तर पर, जहां भी संभव हो, एनओसी जारी करने की व्यवहार्यता को लागू किया जाए। इससे व्यक्तियों और उद्योगों को एनओसी प्राप्त करने के लिए सीधे तौर पर एएआई से संपर्क करने की आवश्यकता में कमी आएगी और स्थानीय स्तर पर ही काम आसान हो जाएगा।
आर्थिक विकास और सुरक्षा का संतुलन
श्री राममोहन नायडू ने संबंधित सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि वे एनओसी प्रक्रिया को सरल बनाने, पूरी तरह से स्वचालित करने और विकेंद्रीकृत करने के तौर-तरीकों की गहराई से जांच करें। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि इन सभी बदलावों के लिए 15 दिनों की सख्त समय सीमा के भीतर आवश्यक कार्रवाई पूरी की जाए। मंत्री ने इस बात पर बल दिया कि इन सुधारों का व्यापक उद्देश्य प्रस्तावों की शीघ्र मंजूरी देना है, जिसमें सभी प्रासंगिक डेटा और सही ऊंचाई की जानकारी सार्वजनिक रूप से वेबसाइट पर पारदर्शी तरीके से उपलब्ध हो। एक सरल और पूर्वानुमानित एनओसी ढांचा महत्वपूर्ण अवसंरचना परियोजनाओं के समय पर कार्यान्वयन को सुगम बनाएगा, जिससे देश में निवेश, आर्थिक गतिविधि, रोजगार सृजन और समग्र जीडीपी वृद्धि को भारी बढ़ावा मिलेगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? एनओसी प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए किसने निर्देश दिए हैं?
उत्तर। केंद्रीय नागर विमानन मंत्री श्री किंजरापु राममोहन नायडू ने एनओसी प्रक्रिया को सरल बनाने के निर्देश दिए हैं।
प्रश्न? अधिकारियों को कितने दिनों के भीतर कार्रवाई करने को कहा गया है?
उत्तर। संबंधित अधिकारियों को 15 दिनों की समय सीमा के भीतर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






