बुधवार, सितम्बर 2, 2026

कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मिले तेलंगाना के कृषि मंत्री, खेती को लेकर अहम चर्चा

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कृषि मंत्री

नई दिल्ली में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और तेलंगाना के कृषि मंत्री टी. नागेश्वर राव के बीच हुई अहम बैठक में राज्य के कृषि मुद्दों और केंद्र सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन पर व्यापक चर्चा की गई।

मुख्य बातें

  • केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से तेलंगाना के कृषि मंत्री टी. नागेश्वर राव ने नई दिल्ली स्थित कृषि भवन में मुलाकात की।
  • तेलंगाना के कृषि मंत्री ने राज्य में दलहन की खरीद और ऑयल पाम से जुड़े विभिन्न मुद्दे उठाए।
  • केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत तेलंगाना को 100 प्रतिशत राशि और कृषोन्नति योजना के तहत 329 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं।
  • बैठक में SATHI Portal के क्रियान्वयन को प्राथमिकता देने का भी आग्रह किया गया जो बीजों की ट्रेसेबिलिटी और आपूर्ति श्रृंखला को डिजिटल करता है।

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से आज नई दिल्ली स्थित कृषि भवन में तेलंगाना के कृषि मंत्री टी. नागेश्वर राव ने एक महत्वपूर्ण मुलाकात की। पीआईबी के अनुसार, इस उच्चस्तरीय बैठक के दौरान तेलंगाना में कृषि क्षेत्र से संबंधित विभिन्न विषयों पर व्यापक और विस्तृत चर्चा की गई। इस दौरान दोनों नेताओं ने किसानों के कल्याण और राज्य में कृषि ढांचे को मजबूत करने को लेकर कई अहम मुद्दों पर विचार-विमर्श किया, जिससे आने वाले समय में किसानों को सीधा लाभ मिल सके।

कृषि मंत्री स्तर की बैठक में उठे ये प्रमुख मुद्दे

बैठक की शुरुआत में तेलंगाना के कृषि मंत्री ने राज्य में दलहन की खरीद और ऑयल पाम की खेती सहित कृषि क्षेत्र से जुड़े कई गंभीर मामलों को केंद्रीय कृषि मंत्री के समक्ष प्रमुखता से रखा। उन्होंने राज्य के किसानों की समस्याओं का हवाला देते हुए केंद्र सरकार से उचित सहयोग की मांग की। केंद्रीय कृषि मंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत सरकार देश भर के किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इसके लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

बातचीत के दौरान यह जानकारी दी गई कि केंद्र सरकार किसानों के हित में तुअर यानी अरहर, उड़द और मसूर की 100 प्रतिशत खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर पूरी पारदर्शिता के साथ सुनिश्चित करती है। इसके अतिरिक्त, अन्य दलहन फसलों की 25 प्रतिशत तक की खरीद प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान यानी पीएम-आशा के माध्यम से की जाती है। तेलंगाना के मंत्री ने राज्य में ऑयल पाम के लिए एक विशेष रिसर्च स्टेशन स्थापित करने का भी अनुरोध किया और इसके लिए एमएसपी निर्धारित करने की बात उठाई।

केंद्र की योजनाओं और वित्तीय मदद का ब्योरा

केंद्रीय कृषि मंत्री ने तेलंगाना सरकार से आग्रह किया कि वे राज्य में दलहन मिशन और ऑयलसीड मिशन के क्रियान्वयन की प्रक्रिया में तेजी लाएं ताकि किसानों को समय पर योजनाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत तेलंगाना राज्य को शत-प्रतिशत यानी 100 प्रतिशत राशि पहले ही जारी की जा चुकी है। इसके साथ ही, कृषोन्नति योजना के अंतर्गत राज्य को 329 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि भी आवंटित की जा चुकी है।

बैठक में डिजिटल कृषि और तकनीकी सुधारों पर भी विशेष जोर दिया गया। केंद्रीय मंत्री ने तेलंगाना के कृषि मंत्री से राज्य में साथी पोर्टल के क्रियान्वयन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आग्रह किया। यह पोर्टल बीज के पूरे जीवन चक्र को आपस में जोड़ने और एकीकृत करने का काम करता है। इसके माध्यम से बीज उत्पादन से लेकर प्रमाणन, लाइसेंसिंग, बीज इन्वेंट्री और प्रमाणित विक्रेताओं के जरिए किसानों तक बीज की बिक्री की पूरी आपूर्ति श्रृंखला को डिजिटल तथा पूरी तरह स्वचालित किया जाता है। साथ ही, यह बीजों की सही ट्रेसेबिलिटी सुनिश्चित करने में भी बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

कृषि विकास और समन्वय का महत्व

देश में कृषि क्षेत्र की रीढ़ को मजबूत करने के लिए केंद्र और राज्यों के बीच आपसी समन्वय का होना अत्यंत आवश्यक है। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य भी केंद्र और राज्य सरकारों के बीच तालमेल को और अधिक बेहतर बनाना था। आधुनिक युग में कृषि केवल पारंपरिक खेती तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि इसमें तकनीक, डिजिटल प्लेटफॉर्म, वैज्ञानिक अनुसंधान और बेहतर बीज प्रबंधन का समावेश होना अनिवार्य हो गया है।

तेलंगाना जैसे राज्यों में कृषि की अपार संभावनाएं हैं, विशेषकर ऑयल पाम और दलहन फसलों के क्षेत्र में। केंद्र सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदम और राज्यों को मिल रही वित्तीय सहायता से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक नई गति मिल रही है। इस प्रकार की उच्चस्तरीय बैठकों से यह सुनिश्चित होता है कि नीतिगत फैसले जमीन स्तर पर कितनी जल्दी और प्रभावी ढंग से लागू हो रहे हैं, जिससे अंततः अन्नदाता को उसका पूरा हक मिल सके।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न? केंद्रीय कृषि मंत्री से किसने मुलाकात की थी? उत्तर। तेलंगाना के कृषि मंत्री टी. नागेश्वर राव ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की।

प्रश्न? बैठक में किस पोर्टल के क्रियान्वयन पर जोर दिया गया? उत्तर। बैठक में SATHI Portal के क्रियान्वयन को प्राथमिकता देने का आग्रह किया गया जो बीजों के जीवन चक्र को डिजिटल बनाता है।

यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com

सौरभ तिवारी
सौरभ तिवारी
सौरभ तिवारी आज पत्रिका में राष्ट्रीय एवं राजनीतिक मामलों के संपादक हैं। वे संसद और विधानसभाओं की कार्यवाही, सरकारी नीतियों, चुनाव, और भारत से जुड़ी बड़ी राष्ट्रीय खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। उनका ज़ोर तथ्य-आधारित, संतुलित और स्रोत-सहित रिपोर्टिंग पर रहता है — हर लेख में वे प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB), संबंधित मंत्रालयों की विज्ञप्तियों और आधिकारिक दस्तावेज़ों का हवाला देते हैं। राय और विश्लेषण को वे समाचार से स्पष्ट रूप से अलग रखते हैं। सुझाव या तथ्य-सुधार के लिए: corrections@aajpatrika.com।

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