
वाराणसी और अमृतसर के बाद अहमदाबाद बना देश का तीसरा एयरपोर्ट, जहाँ से यात्रियों को दिल्ली में बिना दोबारा चेक-इन और इमिग्रेशन के मिलेगी सीधी ग्लोबल कनेक्टिविटी।
मुख्य बातें
- अहमदाबाद वाराणसी और अमृतसर के बाद हब एंड स्पोक फ्रेमवर्क से जुड़ने वाला भारत का तीसरा एयरपोर्ट बना।
- यात्रियों के लिए इमिग्रेशन, चेक-इन और बैगेज चेक-थ्रू की औपचारिकताएं अहमदाबाद में ही पूरी होंगी।
- एयर इंडिया की AI 1117 और AI 1121 उड़ानों के माध्यम से यूरोप, अमेरिका और एशिया के कई देशों से कनेक्टिविटी मिलेगी।
- नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने इस योजना को आगे सूरत सहित 22 अन्य हवाई अड्डों तक विस्तारित करने का लक्ष्य रखा है।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अनुसार अहमदाबाद से हब एंड स्पोक मॉडल के तहत अंतरराष्ट्रीय उड़ान संचालन की आधिकारिक शुरुआत कर दी गई है। वाराणसी और अमृतसर के बाद अहमदाबाद देश का ऐसा तीसरा हवाई अड्डा बन गया है जिसे अंतरराष्ट्रीय यात्री आवाजाही को सुगम बनाने के लिए भारत के इस विशेष फ्रेमवर्क में शामिल किया गया है। 01 सितंबर 2026 को आयोजित इस शुभारंभ कार्यक्रम में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री श्री राम मोहन नायडू, गुजरात के मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल, नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री श्री मुरलीधर मोहोल और गुजरात के उपमुख्यमंत्री श्री हर्ष संघवी मौजूद रहे। पीआईबी के अनुसार अहमदाबाद एयरपोर्ट को हब एंड स्पोक ढांचे से जोड़कर देश में एकीकृत और निर्बाध एविएशन नेटवर्क बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है।
हब एंड स्पोक मॉडल से अहमदाबाद में अंतरराष्ट्रीय यात्रा हुई आसान
नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा शुरू की गई यह सेवा अहमदाबाद और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है। हब एंड स्पोक मॉडल लागू होने से पहले, अहमदाबाद से पेरिस, टोरंटो, लंदन या सिडनी जैसे विदेशी शहरों की यात्रा करने वाले यात्रियों को काफी जटिल प्रक्रियाओं से गुज़रना पड़ता था। यात्रियों को सबसे पहले दिल्ली के लिए घरेलू उड़ान लेनी पड़ती थी, अलग-अलग टिकट बुकिंग करानी होती थी और दिल्ली पहुँचने पर अपना सामान खुद संभालना पड़ता था। इसके अलावा उन्हें दिल्ली एयरपोर्ट पर लंबी इमिग्रेशन लाइनों में खड़ा होना पड़ता था, जिससे कनेक्टिंग फ्लाइट छूटने का जोखिम बना रहता था।
अब इस नए फ्रेमवर्क के लागू होने से यात्रियों को इन सभी समस्याओं से मुक्ति मिल जाएगी। नए नियम के तहत, चेक-इन, इमिग्रेशन और बैगेज चेक-थ्रू की सभी औपचारिकताएं शुरुआती हवाई अड्डे यानी अहमदाबाद में ही पूरी कर ली जाएँगी। यात्री का सामान सीधे उसके अंतिम अंतरराष्ट्रीय गंतव्य तक पहुँचाया जाएगा, जिससे यात्रा समय में काफी बचत होगी और यात्रियों का अनुभव बेहतर होगा।
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का नया नेटवर्क और शेड्यूल
अहमदाबाद से हब एंड स्पोक उड़ानों की शुरुआत से वैश्विक कनेक्टिविटी में अभूतपूर्व सुधार होगा। एयर इंडिया की विशेष उड़ानों के जरिए यात्रियों को दुनिया के प्रमुख हिस्सों से सीधे जोड़ा जा रहा है।
- फ्लाइट AI 1117: यह सेवा अहमदाबाद से यात्रियों को यूरोप, दक्षिण-पूर्व एशिया और मध्य पूर्व के 22 विभिन्न अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों से जोड़ेगी।
- फ्लाइट AI 1121: शाम को 20:15 बजे रवाना होने वाली यह सेवा उत्तरी अमेरिका, पूर्वी एशिया, दक्षिण-पूर्व एशिया, ऑस्ट्रेलिया और यूरोप के 17 प्रमुख शहरों तक आसान पहुँच प्रदान करेगी।
- अहमदाबाद का महत्व: पिछले वर्षों के आंकड़ों के अनुसार, लगभग 1.6 करोड़ यात्रियों ने अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को पकड़ने के लिए अहमदाबाद से दिल्ली की यात्रा की थी, जिसे देखते हुए अहमदाबाद को इस नेटवर्क से जोड़ना बेहद महत्वपूर्ण निर्णय है।
- आगामी विस्तार: इस चरणबद्ध योजना के तहत आने वाले समय में सूरत सहित देश के 22 अन्य हवाई अड्डों को भी इस ढांचे के तहत शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है।
हब एंड स्पोक मॉडल कैसे करता है काम?
नागरिक उड्डयन क्षेत्र में हब एंड स्पोक मॉडल एक अत्यंत कुशल और आधुनिक प्रणाली मानी जाती है। इसमें एक बड़े और केंद्रीय हवाई अड्डे को ‘हब’ के रूप में चुना जाता है (जैसे इस मामले में दिल्ली है), जबकि क्षेत्रीय या टियर-II और टियर-III शहरों के हवाई अड्डों को ‘स्पोक’ कहा जाता है।
इस प्रक्रिया के अंतर्गत, यात्री अपने स्थानीय या शुरुआती स्पोक हवाई अड्डे पर ही कस्टम, इमिग्रेशन और बैगेज सुरक्षा जाँच की समस्त प्रक्रियाएं पूरी कर लेते हैं। जब यात्री कनेक्टिंग फ्लाइट के लिए दिल्ली जैसे केंद्रीय हब हवाई अड्डे पर पहुँचते हैं, तो उन्हें दोबारा इमिग्रेशन या कस्टम्स की प्रक्रिया से नहीं गुज़रना पड़ता। वे बिना किसी बाधा के सीधे अपने अंतरराष्ट्रीय बोर्डिंग गेट पर जा सकते हैं। इस सुव्यवस्थित प्रक्रिया से विदेशी ट्रांजिट हवाई अड्डों पर भारत की निर्भरता काफी कम होगी और स्वदेशी एविएशन नेटवर्क अधिक मजबूत होगा।
गुजरात की अर्थव्यवस्था और व्यापार पर सकारात्मक प्रभाव
अहमदाबाद से अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी के मजबूत होने का सीधा लाभ गुजरात के मजबूत कारोबारी तंत्र को मिलेगा। गुजरात के कपड़ा (टेक्सटाइल), फार्मास्युटिकल, रत्न एवं आभूषण (हीरा उद्योग), और इंजीनियरिंग उद्योगों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक सीधी और सुगम पहुँच मिलेगी।
इसके अतिरिक्त, हीरा निर्यातकों, हस्तशिल्प कारीगरों, निवेशकों, पर्यटकों और उच्च शिक्षा के लिए विदेश जाने वाले छात्रों को भी अब यात्रा में कोई असुविधा नहीं होगी। अहमदाबाद 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी की दिशा में भी अग्रसर है, और यह आधुनिक एविएशन इंफ्रास्ट्रक्चर दुनिया भर से आने वाले वैश्विक दर्शकों का स्वागत करने में अहम भूमिका निभाएगा।
2030 और 2047 के लिए भारत का एविएशन विजन
नागरिक उड्डयन मंत्रालय की यह पहल भारत सरकार की ‘इंटरनेशनल एविएशन हब स्ट्रैटेजी’ का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। सरकार का मुख्य लक्ष्य वर्ष 2030 तक भारत को भारतीय यात्रियों के लिए एक पसंदीदा एविएशन हब बनाना और वर्ष 2047 तक भारत को दुनिया का एक प्रमुख ग्लोबल एविएशन हब बनाना है।
मंत्रालय द्वारा किए गए अध्ययनों से पता चलता है कि देश में एविएशन हब्स के तेजी से विकास से रोजगार और अर्थव्यवस्था में अभूतपूर्व वृद्धि देखने को मिलेगी:
- 2030 तक का प्रभाव: इस रणनीति से लगभग 4 लाख (0.4 मिलियन) प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे और भारत की जीडीपी (GDP) में अतिरिक्त 30 बिलियन अमेरिकी डॉलर का योगदान होगा।
- 2047 तक का दीर्घकालिक प्रभाव: वर्ष 2047 तक यह ढांचा लगभग 1.6 करोड़ (16 मिलियन) प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष नौकरियों को सहयोग देगा और भारतीय अर्थव्यवस्था में लगभग 1.4 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर का योगदान देगा।
वाराणसी (25 जून 2026) और अमृतसर (28 जुलाई 2026) के बाद अहमदाबाद में हब एंड स्पोक व्यवस्था का संचालन भारतीय नागर विमानन इतिहास में एक नया मील का पत्थर साबित होगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न: हब एंड स्पोक मॉडल से यात्रियों को क्या मुख्य फायदा होगा?
उत्तर: इस मॉडल से यात्रियों को अहमदाबाद एयरपोर्ट पर ही इमिग्रेशन और सामान चेक-इन की सुविधा मिल जाएगी, जिससे दिल्ली में दोबारा प्रक्रिया नहीं करनी पड़ेगी और सामान सीधे अंतिम गंतव्य तक पहुँचेगा।
प्रश्न: अहमदाबाद से पहले किन शहरों में हब एंड स्पोक सुविधा शुरू की गई थी?
उत्तर: नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने 25 जून 2026 को वाराणसी और 28 जुलाई 2026 को अमृतसर से इस हब एंड स्पोक सेवा की शुरुआत की थी, जिसके बाद अहमदाबाद तीसरा शहर बना है।
प्रश्न: हब एंड स्पोक सेवा के तहत कौन सी एयरलाइन उड़ानें संचालित कर रही है?
उत्तर: अहमदाबाद से एयर इंडिया की उड़ानें AI 1117 और AI 1121 के माध्यम से दुनिया के विभिन्न अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों के लिए यह सेवा उपलब्ध कराई जा रही है।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






