
अमेरिका के मिल्वौकी में आयोजित जी20 व्यापार मंत्रियों की बैठक के उद्घाटन सत्र में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने हिस्सा लिया और खाद्य सुरक्षा को लेकर कड़ा रुख अपनाया।
मुख्य बातें
- पीयूष गोयल ने संयुक्त राज्य अमेरिका के मिल्वौकी में जी20 व्यापार मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लिया।
- उन्होंने कहा कि खाद्य पदार्थों का इस्तेमाल कभी भी किसी देश पर दबाव बनाने के लिए नहीं किया जाना चाहिए।
- भारत वर्तमान में 800 मिलियन से अधिक लोगों को मुफ्त अनाज उपलब्ध करा रहा है।
- बैठक के दौरान पीयूष गोयल ने कई देशों के प्रमुख मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं।
केन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने संयुक्त राज्य अमेरिका के मिल्वौकी में आयोजित जी20 व्यापार मंत्रियों की बैठक में भाग लेते हुए खाद्य सुरक्षा के मुद्दों पर भारत का सख्त रुख दुनिया के सामने रखा। अमेरिका की अध्यक्षता में विस्कॉन्सिन के मिल्वौकी शहर में इस उच्च स्तरीय आयोजन के उद्घाटन सत्र के दौरान वैश्विक व्यापार और कृषि नीतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में भाग ले रहे अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने कई अहम भू-राजनीतिक और आर्थिक चुनौतियों पर मंथन किया।
जी20 व्यापार मंत्रियों की बैठक में क्या बोले पीयूष गोयल?
जी20 व्यापार मंत्रियों की बैठक में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना और किसानों के लिए अधिक अवसर सृजित करना भारत की नीति का मुख्य अंग है। Google ने इस मंच पर स्पष्ट किया कि खाद्य पदार्थों का इस्तेमाल कभी भी किसी देश पर दबाव बनाने के लिए हथियार के रूप में नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने ग्लोबल साउथ के देशों का जिक्र करते हुए कहा कि वैश्विक टकरावों की वजह से पैदा हुए खाद्य पदार्थों, ईंधन और उर्वरकों के संकट से ये क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं।
भोजन एवं व्यापार से संबंधित सत्र को संबोधित करते हुए मंत्री ने चेतावनी दी कि आज उर्वरकों की कमी आने वाले समय में एक विकराल खाद्य संकट का रूप ले सकती है। कोविड-19 महामारी के कठिन दौर को याद करते हुए उन्होंने बताया कि भारत ने अपने 1.4 बिलियन से अधिक नागरिकों के लिए खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की और कई जरूरतमंद देशों को समय पर अनाज की आपूर्ति की थी। वर्तमान में भी भारत सरकार देश के 800 मिलियन से अधिक नागरिकों को मुफ्त अनाज प्रदान कर रही है।
सार्वजनिक खाद्य भंडार और अंतरराष्ट्रीय समझौते
भारत सरकार देश के भीतर सार्वजनिक खाद्य भंडार (पब्लिक स्टॉकहोल्डिंग) को मजबूती से बनाए रखती है। छोटे और सीमांत किसानों से अनाज की सीधी खरीद की जाती है तथा फसल कम होने की स्थिति में भोजन की उपलब्धता और किफायती दाम सुनिश्चित करने के लिए पारदर्शी उपाय अपनाए जाते हैं। इन घरेलू उपायों को विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के तहत मान्यता मिली हुई है, जिसमें ‘बाली मंत्रिस्तरीय निर्णय’ और ‘जिनेवा मंत्रिस्तरीय घोषणा’ के प्रावधान शामिल हैं।
- संयुक्त राज्य अमेरिका के मिल्वौकी शहर में आयोजित हुई जी20 व्यापार मंत्रियों की बैठक।
- केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने खाद और खाद्य सुरक्षा पर ग्लोबल साउथ की चिंताओं को उठाया।
- भारत में 800 मिलियन से अधिक लोगों को मुफ्त अनाज दिए जाने का जिक्र किया गया।
- बैठक के दौरान अमेरिका, ब्राजील, ब्रिटेन और यूरोपीय संघ के प्रतिनिधियों के साथ द्विपक्षीय चर्चा हुई।
पीयूष गोयल ने मौजूदा व्यवस्थाओं का हवाला देते हुए 2011 में शुरू की गई जी20 कृषि बाजार सूचना प्रणाली और विश्व व्यापार संगठन के 12वें मंत्रिस्तरीय सम्मेलन में अपनाई गई व्यवस्था का समर्थन किया। इस व्यवस्था के तहत विश्व खाद्य कार्यक्रम की खरीद को निर्यात प्रतिबंधों से छूट दी गई है। भारत ने नियमों पर आधारित, निष्पक्ष, भेदभाव-रहित और पारदर्शी बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई, जिसके केंद्र में विश्व व्यापार संगठन है।
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इस उच्च स्तरीय बैठक के दौरान व्यापार मंत्रियों ने ‘बलपूर्वक व्यापारिक कार्रवाइयों के जरिए भोजन को हथियार के तौर पर इस्तेमाल किए जाने से संबंधित जी20 का वक्तव्य’ नामक एक अहम दस्तावेज पर सहमति जताई। इससे पहले दिन में, भारतीय मंत्री ने जी20 देशों के व्यापार मंत्रियों और संयुक्त राज्य अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि राजदूत जेमिसन ग्रीर के साथ विस्कॉन्सिन के मेक्वॉन में रॉकवेल ऑटोमेशन के कार्यालय और कारखाने का दौरा किया था।
इस दौरे और सम्मेलन के इतर भारतीय वाणिज्य मंत्री ने कई प्रमुख देशों के मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी कीं। इनमें ब्राजील के विकास, उद्योग, व्यापार एवं सेवा मंत्री तथा विदेश मंत्री, संयुक्त राज्य अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि, व्यापार एवं आर्थिक सुरक्षा के यूरोपीय आयुक्त, यूनाइटेड किंगडम के व्यापार और नवाचार सेक्रेटरी ऑफ स्टेट, मैक्सिको के अर्थव्यवस्था सचिव तथा पोलैंड गणराज्य के वित्त एवं अर्थव्यवस्था मंत्री शामिल रहे। इसके अलावा मिल्वौकी आर्ट म्यूजियम में आयोजित स्वागत भोज में भी उन्होंने शिरकत की।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? जी20 व्यापार मंत्रियों की बैठक 2026 कहां आयोजित की गई थी? उत्तर। यह बैठक संयुक्त राज्य अमेरिका के विस्कॉन्सिन राज्य के मिल्वौकी शहर में आयोजित की गई थी।
प्रश्न? बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व किसने किया? उत्तर। बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व केन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने किया।
प्रश्न? बैठक का मुख्य मुद्दा क्या था? उत्तर। खाद्य सुरक्षा, उर्वरक संकट और व्यापारिक कार्रवाइयों के दौरान भोजन को हथियार के रूप में उपयोग न करने का मुद्दा बैठक के केंद्र में था।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






