
क्रिकेट में लेग बिफोर विकेट (LBW) देने के सही नियम, टप्पा खाने की जगह, इम्पैक्ट और अंपायर्स कॉल की पूरी समझ।
मुख्य बातें
- लेग स्टंप के बाहर टप्पा खाने वाली गेंद पर बल्लेबाज कभी एलबीडब्ल्यू आउट नहीं हो सकता।
- यदि बल्लेबाज शॉट खेलने का प्रयास नहीं करता, तो ऑफ स्टंप के बाहर इम्पैक्ट होने पर भी आउट दिया जा सकता है।
- गेंद का पहले बल्ले या दस्ताने से लगना एलबीडब्ल्यू आउट की संभावना को तुरंत खत्म कर देता है।
- डीआरएस (DRS) में अंपायर्स कॉल मैदान पर मौजूद अंपायर के मूल फैसले को बरकरार रखता है।
क्रिकेट में एलबीडब्ल्यू नियम (Leg Before Wicket) के तहत यदि गेंदबाज की लीगल गेंद बल्लेबाज के बल्ले से लगे बिना सीधे उसके शरीर या पैड से टकराती है और वह गेंद स्टंप्स में जा रही होती है, तो बल्लेबाज को आउट करार दिया जाता है।
एलबीडब्ल्यू नियम क्या है?
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एलबीडब्ल्यू नियम क्रिकेट की आधिकारिक नियमावली (MCC Laws of Cricket) का नियम संख्या 36 है। एलबीडब्ल्यू नियम का मुख्य उद्देश्य बल्लेबाज को अपने पैड या शरीर का इस्तेमाल करके गेंद को स्टंप्स में जाने से रोकने की अनुचित रणनीति से रोकना है। यदि पैड बीच में न होता और गेंद विकेटों से टकराती, तो बल्लेबाज बोल्ड माना जाता।
एलबीडब्ल्यू नियम के अनुसार आउट होने की 5 मुख्य शर्तें
मैदान पर मौजूद अंपायर किसी बल्लेबाज को एलबीडब्ल्यू आउट घोषित करने से पहले पांच विशिष्ट तकनीकी पैमानों की जांच करता है। इनमें से एक भी शर्त का उल्लंघन होने पर बल्लेबाज को आउट नहीं दिया जा सकता।
- वैध गेंद (Legal Delivery): गेंद नो-बॉल नहीं होनी चाहिए। अगर गेंदबाज ने ओवरस्टेप किया है या किसी अन्य कारण से गेंद नो-बॉल घोषित की गई है, तो उस गेंद पर बल्लेबाज एलबीडब्ल्यू आउट नहीं होगा।
- गेंद का टप्पा (Pitching Zone): गेंद का टप्पा (Pitching) ऑफ स्टंप की लाइन में, दोनों स्टंप्स के बीच (In Line) या ऑफ स्टंप के बाहर होना चाहिए। यदि गेंद लेग स्टंप की काल्पनिक रेखा के बाहर टप्पा खाती है, तो अंपायर बल्लेबाज को तुरंत नॉट आउट देगा।
- संपर्क की स्थिति (Impact): जब गेंद बल्लेबाज के पैड या शरीर से टकराती है, तो उस समय गेंद का स्थान ऑफ स्टंप और लेग स्टंप के बीच (In Line) होना चाहिए। हालांकि, यदि बल्लेबाज शॉट खेलने का प्रयास नहीं कर रहा है, तो इम्पैक्ट ऑफ स्टंप के बाहर होने पर भी आउट दिया जा सकता है।
- बल्ले का संपर्क न होना (No Bat First): गेंद पैड से टकराने से पहले बल्लेबाज के बल्ले या दस्ताने (जो ग्रिप को छू रहा हो) से नहीं लगनी चाहिए। यदि गेंद ने पहले बैट को छुआ है, तो एलबीडब्ल्यू की कोई संभावना नहीं रहती।
- विकेट से टकराने की संभावना (Hitting the Stumps): गेंद की दिशा और गति ऐसी होनी चाहिए कि यदि पैड बीच में न आता, तो गेंद सीधे स्टंप्स (विकेटों) से जाकर टकराती।
लेग स्टंप के बाहर टप्पा खाने पर आउट क्यों नहीं दिया जाता?
क्रिकेट में लेग स्टंप के बाहर टप्पा खाने वाली गेंद को ‘पिट्चिंग आउटसाइड लेग’ कहा जाता है। एलबीडब्ल्यू नियम में यह प्रावधान बल्लेबाजों के संरक्षण और खेल में संतुलन बनाए रखने के लिए रखा गया है।
अगर लेग स्टंप के बाहर टप्पा खाने वाली गेंदों पर एलबीडब्ल्यू आउट दिया जाने लगे, तो लेग स्पिनर और नकारात्मक लाइन पर गेंदबाजी करने वाले गेंदबाजों को अनुचित लाभ मिलेगा। वे लगातार बल्लेबाज के पैड को निशाना बनाएंगे और बल्लेबाज के पास रक्षात्मक शॉट खेलने का विकल्प बहुत सीमित रह जाएगा। इसीलिए, यदि गेंद लेग स्टंप के बाहर एक मिलीमीटर भी टप्पा खाती है, तो अंपायर बिना किसी संशय के बल्लेबाज को नॉट आउट देता है।
शॉट खेलने और शॉट न खेलने में अंतर
अंपायर के फैसले में इस बात का बहुत महत्व होता है कि क्या बल्लेबाज ने गेंद पर बल्ला चलाने या शॉट खेलने का वास्तविक प्रयास किया था या नहीं।
यदि बल्लेबाज शॉट खेलने का प्रयास करता है और गेंद ऑफ स्टंप के बाहर उसके पैड पर लगती है, तो उसे आउट नहीं दिया जाएगा क्योंकि इम्पैक्ट ‘आउटसाइड ऑफ’ है। इसके विपरीत, यदि बल्लेबाज अपना बल्ला पीछे कर लेता है, कंधा उठा लेता है या गेंद को छोड़ने का फैसला करता है और गेंद ऑफ स्टंप के बाहर पैड पर लगती है, तो इम्पैक्ट की शर्त हटा दी जाती है। ऐसी स्थिति में यदि गेंद स्टंप्स से टकरा रही है, तो बल्लेबाज को एलबीडब्ल्यू आउट दे दिया जाता है।
डीआरएस और अंपायर्स कॉल (DRS & Umpire’s Call) में एलबीडब्ल्यू नियम
आधुनिक क्रिकेट में डिसीजन रिव्यू सिस्टम (DRS) और बॉल-ट्रैकिंग तकनीक (जैसे हॉक्स-आई) का उपयोग अंपायर के फैसलों की सटीक समीक्षा के लिए किया जाता है। तकनीक के आगमन से एलबीडब्ल्यू नियम को समझना और अधिक पारदर्शी हो गया है।
बॉल-ट्रैकिंग स्क्रीन पर तीन प्रमुख बिंदु दिखाए जाते हैं:
- Pitching (टप्पा): Red (लाल) होने पर वैध टप्पा, Green (हरा) होने पर लेग स्टंप के बाहर।
- Impact (इम्पैक्ट): Red होने पर स्टंप्स की लाइन में, Yellow होने पर अंपायर्स कॉल या बाहर।
- Wickets (विकेट): Red होने पर गेंद स्टंप्स से टकरा रही है, Green होने पर गेंद मिस कर रही है।
अंपायर्स कॉल (Umpire’s Call) वह स्थिति है जहां तकनीक दिखाती है कि गेंद का केवल मामूली हिस्सा (50% से कम) स्टंप्स से टकरा रहा है या इम्पैक्ट का मामूली हिस्सा लाइन में है। ऐसी स्थिति में तकनीक अंपायर के मूल फैसले को गलत साबित नहीं करती। यदि मैदानी अंपायर ने आउट दिया था, तो आउट ही रहेगा; यदि नॉट आउट दिया था, तो नॉट आउट ही रहेगा।
क्या दस्ताना भी बल्ले का हिस्सा माना जाता है?
हाँ, क्रिकेट नियमों के अनुसार दस्ताने को बल्ले का ही विस्तार माना जाता है, लेकिन केवल तब जब वह दस्ताना बल्ले के ग्रिप को छू रहा हो। यदि गेंद उस हाथ के दस्ताने पर लगती है जिसने बल्ले को पकड़ रखा है और उसके बाद पैड पर टकराती है, तो इसे ‘बैट फर्स्ट’ माना जाएगा और एलबीडब्ल्यू आउट नहीं दिया जाएगा। लेकिन यदि बल्लेबाज का हाथ बल्ले से हट चुका है और गेंद उस खुले हाथ या दस्ताने पर लगती है, तो उसे शरीर का हिस्सा माना जाएगा और एलबीडब्ल्यू का नियम लागू होगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न: क्या नो बॉल पर बल्लेबाज एलबीडब्ल्यू आउट हो सकता है?
उत्तर: नहीं, नो बॉल पर बल्लेबाज कभी भी एलबीडब्ल्यू आउट नहीं हो सकता। नो बॉल पर केवल रन आउट, हैंडलिंग द बॉल या ऑब्स्ट्रक्टिंग द फील्ड जैसे मामलों में ही आउट दिया जा सकता है।
प्रश्न: अगर गेंद पहले बैट पर और फिर पैड पर लगे तो क्या आउट होगा?
उत्तर: नहीं, यदि गेंद पैड से टकराने से पहले बल्ले का थोड़ा सा भी किनारा (Edge) लेती है, तो एलबीडब्ल्यू नियम के तहत बल्लेबाज को आउट नहीं दिया जा सकता।
प्रश्न: क्या स्पिन गेंदबाजी पर बिना टप्पा खाए (फुलटॉस) गेंद पर एलबीडब्ल्यू आउट दिया जा सकता है?
उत्तर: हाँ, फुलटॉस गेंद पर भी एलबीडब्ल्यू आउट दिया जा सकता है। ऐसी स्थिति में यह देखा जाता है कि गेंद पैड से कहाँ टकराई और क्या वह सीधे स्टंप्स में जा रही थी।
प्रश्न: एलबीडब्ल्यू नियम किस संस्था द्वारा बनाए और बदले जाते हैं?
उत्तर: क्रिकेट के मूलभूत नियम मैरीलेबोन क्रिकेट क्लब (MCC) द्वारा बनाए जाते हैं, जिन्हें अंतर्राष्ट्रीय मैचों में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) लागू करती है।
यह लेख आज पत्रिका की एक्सप्लेनर डेस्क द्वारा सामान्य जागरूकता के लिए तैयार किया गया है। नियम और प्रक्रियाएं समय-समय पर बदल सकती हैं — कृपया आधिकारिक स्रोत से पुष्टि करें। सुधार/सुझाव: corrections@aajpatrika.com






