
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की समिति ने ‘मिशन कर्मयोगी’ के तहत अधिकारियों के क्षमता निर्माण के लिए तीन-स्तरीय रोडमैप तैयार किया है।
मुख्य बातें
- समिति अध्यक्ष पी. आर. मेश्राम ने सांख्यिकी सचिव डॉ. सौरभ गर्ग को क्षमता निर्माण रिपोर्ट सौंपी।
- यह प्रशिक्षण ढांचा मिशन कर्मयोगी के योग्यता-आधारित क्षमता निर्माण (CBCB) मॉडल पर आधारित है।
- रिपोर्ट में ‘सिस्टम ऑफ टुडे’, ‘सिस्टम ऑफ टुमॉरो’ और 7 क्षमता स्तंभों का रोडमैप शामिल है।
- राष्ट्रीय सांख्यिकी प्रणाली प्रशिक्षण अकादमी (NSSTA) के संस्थागत ढांचे को सुदृढ़ किया जाएगा।
भारतीय सांख्यिकी सेवा (ISS) के अधिकारियों की दक्षता बढ़ाने और प्रशिक्षण प्रणाली को नए दौर के अनुरूप ढालने के उद्देश्य से गठित समिति ने अपनी विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी है। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) में डेटा गवर्नेंस के महानिदेशक तथा समिति के अध्यक्ष पी. आर. मेश्राम ने यह रिपोर्ट मंत्रालय के सचिव डॉ. सौरभ गर्ग को सौंपी। इस रिपोर्ट में सरकारी आंकड़ों के प्रबंधन, एडवांस्ड एनालिटिक्स और साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण को सुदृढ़ करने के लिए व्यावहारिक सुझाव दिए गए हैं।
भारतीय सांख्यिकी सेवा का नया प्रशिक्षण ढांचा क्या है?
भारतीय सांख्यिकी सेवा के अधिकारियों के लिए प्रस्तावित नया प्रशिक्षण ढांचा ‘मिशन कर्मयोगी’ के योग्यता-आधारित मॉडल पर आधारित है। यह ढांचा राष्ट्रीय सांख्यिकी प्रणाली प्रशिक्षण अकादमी में मौजूदा व्यवस्था की समीक्षा करता है और भविष्य की डेटा आवश्यकताओं के अनुरूप सात क्षमता स्तंभों के माध्यम से अधिकारियों को आधुनिक डेटा गवर्नेंस के लिए तैयार करता है।
समिति की रिपोर्ट का मुख्य ढांचा और रोडमैप
रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया में सांख्यिकी क्षेत्र के वरिष्ठ अधिकारियों, नॉलेज पार्टनर्स और उद्योग जगत के जानकारों के साथ विचार-विमर्श किया गया है। समिति ने सांख्यिकी प्रशिक्षण की वर्तमान आवश्यकताओं, अंतरराष्ट्रीय स्तर की सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों और मिशन कर्मयोगी के दिशानिर्देशों का गहराई से अध्ययन किया। इसके आधार पर तीन परस्पर जुड़े घटकों वाला रोडमैप तैयार किया गया है।
पहला घटक ‘सिस्टम ऑफ टुडे’ है, जो ग्रेटर नोएडा स्थित राष्ट्रीय सांख्यिकी प्रणाली प्रशिक्षण अकादमी (NSSTA) में चल रहे मौजूदा प्रशिक्षण पारिस्थितिकी तंत्र का मूल्यांकन करता है। इसमें वर्तमान संस्थागत व्यवस्थाओं और कार्यप्रणालियों की समीक्षा की गई है ताकि मौजूदा कमियों की पहचान की जा सके।
दूसरा घटक ‘द सिस्टम ऑफ टुमॉरो’ कहलाता है। यह भविष्य की जरूरतों पर केंद्रित योग्यता-आधारित ढांचा है। इसमें सात प्रमुख क्षमता स्तंभों को चिह्नित किया गया है जो अधिकारियों की कार्यशैली और डेटा प्रबंधन क्षमता में निखार लाएंगे।
तीसरा घटक रणनीतिक सिफारिशों से जुड़ा है। यह वर्तमान व्यवस्था से भविष्य की परिकल्पित प्रणाली की ओर बढ़ने का व्यावहारिक मार्ग प्रस्तुत करता है। इसके तहत मानव संसाधन प्रबंधन, प्रशिक्षण वितरण प्रणाली और प्रशासनिक संस्थागत क्षमता को मजबूत करने की बात कही गई है।
योग्यताओं के आधार पर क्षमता निर्माण का मॉडल
भारतीय सांख्यिकी सेवा के अधिकारियों के लिए तैयार किया गया यह नया मॉडल भूमिका-आधारित शिक्षा पर केंद्रित है। अब तक प्रशिक्षण में सामान्य विषयों पर अधिक जोर रहता था, लेकिन नई व्यवस्था में हर अधिकारी की विशिष्ट भूमिका और उत्तरदायित्व के अनुसार क्षमता निर्माण किया जाएगा।
मंत्रालय का मानना है कि ‘विकसित भारत @ 2047’ के राष्ट्रीय लक्ष्य को हासिल करने के लिए सटीक और गुणवत्तापूर्ण आंकड़ों की आवश्यकता होगी। नीतिगत फैसले लेने के लिए केवल बुनियादी डेटा संग्रहण पर्याप्त नहीं है, बल्कि एडवांस्ड एनालिटिक्स, डेटा विज़ुअलाइज़ेशन, बिग डेटा एनालिसिस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों का उपयोग आवश्यक हो चुका है।
यह भी जानें: भारतीय सांख्यिकी सेवा और NSSTA की भूमिका
भारतीय सांख्यिकी सेवा (ISS) भारत सरकार के अधीन एक केंद्रीय सिविल सेवा (ग्रुप A) है। इस सेवा का गठन 1961 में किया गया था। इस सेवा के अधिकारी देश की सांख्यिकीय प्रणाली के संचालन, राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण (NSSO), केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (CSO), राष्ट्रीय आय के अनुमान, मुद्रास्फीति (CPI), और औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण आर्थिक और सामाजिक आंकड़ों के संकलन तथा विश्लेषण का काम करते हैं।
राष्ट्रीय सांख्यिकी प्रणाली प्रशिक्षण अकादमी (NSSTA) सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के तहत प्राथमिक प्रशिक्षण संस्थान है। उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में स्थित यह अकादमी भारतीय सांख्यिकी सेवा के परिवीक्षाधीन अधिकारियों के साथ-साथ केंद्र और राज्य सरकारों के सांख्यिकीय कर्मियों को भी आधुनिक सांख्यिकी का प्रशिक्षण प्रदान करती है। नए सुधारों के लागू होने से NSSTA को एक आधुनिक उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
सांख्यिकी मंत्रालय की सिफारिशों के प्रमुख बिंदु
समिति द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट में कई खास बातें शामिल की गई हैं, जिन्हें चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा:
- मिशन कर्मयोगी से जुड़ाव: प्रशिक्षण व्यवस्था को पूरी तरह से सिविल सेवा क्षमता निर्माण के राष्ट्रीय कार्यक्रम के सीबीसीबी ढांचे के अनुरूप बनाया गया है।
- सात क्षमता स्तंभ: अधिकारियों के कार्यात्मक, अधिकार-क्षेत्र संबंधी और व्यावहारिक कौशल को बढ़ाने के लिए सात प्रमुख स्तंभ तय किए गए हैं।
- भूमिका-आधारित मूल्यांकन: अधिकारियों के पद और जिम्मेदारी के अनुसार प्रशिक्षण आवश्यकताओं का सटीक आकलन किया जाएगा।
- संस्थागत मजबूती: राष्ट्रीय सांख्यिकी प्रणाली प्रशिक्षण अकादमी (NSSTA) के ढांचे और बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा।
- प्रौद्योगिकी का समावेश: उन्नत डेटा एनालिटिक्स, मशीन लर्निंग और बिग डेटा टूल्स को पाठ्यक्रम का अनिवार्य हिस्सा बनाया जाएगा।
साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण में डेटा का महत्व
आधुनिक दौर में सरकारी नीतियों की सफलता काफी हद तक विश्वसनीय डेटा पर निर्भर करती है। गरीबी उन्मूलन की योजनाएं हों, स्वास्थ्य और शिक्षा का बजट आवंटन हो या रोजगार के आंकड़े – सभी क्षेत्रों में सटीक डेटा की भूमिका प्राथमिक होती है। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के सचिव डॉ. सौरभ गर्ग ने रिपोर्ट स्वीकार करते हुए कहा कि इन सिफारिशों से भारतीय सांख्यिकी प्रणालियों का आधार मजबूत होगा।
जब भारतीय सांख्यिकी सेवा के अधिकारी नवीनतम तकनीकों और विश्लेषण पद्धतियों से लैस होंगे, तो सरकार को नीतियों के निर्माण और उनके जमीनी प्रभाव के आकलन में अधिक सटीकता मिलेगी। इससे सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? भारतीय सांख्यिकी सेवा क्षमता निर्माण रिपोर्ट किसने सौंपी है?
उत्तर। यह रिपोर्ट सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय में डेटा गवर्नेंस के महानिदेशक और समिति के अध्यक्ष पी. आर. मेश्राम ने मंत्रालय के सचिव डॉ. सौरभ गर्ग को सौंपी है।
प्रश्न? इस क्षमता निर्माण ढांचे का मुख्य आधार क्या है?
उत्तर। यह ढांचा केंद्र सरकार के ‘मिशन कर्मयोगी’ के योग्यता-आधारित क्षमता निर्माण (CBCB) मॉडल पर आधारित है, जिसका उद्देश्य अधिकारियों को ‘विकसित भारत@2047’ की डेटा आवश्यकताओं के लिए तैयार करना है।
प्रश्न? NSSTA का पूरा नाम और स्थान क्या है?
उत्तर। NSSTA का पूरा नाम राष्ट्रीय सांख्यिकी प्रणाली प्रशिक्षण अकादमी (National Statistical Systems Training Academy) है, जो उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में स्थित है।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






