
राजस्व आसूचना निदेशालय (DRI) ने मिजोरम में म्यांमार सीमा से तस्करी कर लाई गई 8.64 करोड़ रुपये की 43.2 लाख विदेशी सिगरेट जब्त कर ट्रक चालक को गिरफ्तार किया है।
मुख्य बातें
- राजस्व आसूचना निदेशालय (DRI) ने मिजोरम में 8.64 करोड़ रुपये की 43.2 लाख विदेशी सिगरेट जब्त कीं।
- सिगरेट की यह खेप म्यांमार सीमा से सटे जोखावथर इलाके से अवैध रूप से आइजोल भेजी जा रही थी।
- चंफाई-आइजोल सड़क पर स्थित तुइरियल गांव के पास एक ट्रक से ‘पैट्रॉन’ ब्रांड के 432 डिब्बे बरामद हुए।
- पैक पर कोटपा अधिनियम 2003 के तहत अनिवार्य स्वास्थ्य चेतावनियों का अभाव पाया गया।
- सीमा शुल्क अधिनियम 1962 की धारा 110 के तहत कार्रवाई करते हुए ट्रक चालक को गिरफ्तार किया गया।
मिजोरम सिगरेट तस्करी के खिलाफ राजस्व आसूचना निदेशालय (DRI) ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक को अंजाम दिया है। पूर्वोत्तर सीमा के रास्ते भारत के भीतर अवैध रूप से पहुंचाई जा रही विदेशी सिगरेट की एक विशाल खेप को केंद्रीय एजेंसियों ने धर दबोचा है। पीआईबी के अनुसार, खुफिया सूचना के आधार पर चलाए गए इस विशेष ऑपरेशन में कुल 8.64 करोड़ रुपये मूल्य की 43.2 लाख विदेशी सिगरेट जब्त की गई हैं। यह पूरी खेप म्यांमार से मिजोरम के रास्ते देश के अन्य हिस्सों में खपाने के लिए ले जाई जा रही थी। इस मामले में एक ट्रक को जब्त करते हुए उसके चालक को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया है।
मिजोरम सिगरेट तस्करी से जुड़ी इस कार्रवाई का ब्योरा क्या है?
मिजोरम सिगरेट तस्करी मामले में राजस्व आसूचना निदेशालय (DRI) की आइजोल क्षेत्रीय इकाई ने तुइरियल गांव के पास एक संदिग्ध ट्रक को रोककर 8.64 करोड़ रुपये कीमत की 43.2 लाख विदेशी सिगरेट जब्त की हैं। म्यांमार सीमा के जोखावथर इलाके से तस्करी कर लाई गई यह खेप आइजोल भेजी जा रही थी, जिसे सीमा शुल्क अधिनियम 1962 के तहत जब्त कर ट्रक चालक को हिरासत में लिया गया है।
तुइरियल गांव में ऐसे पकड़ी गई सिगरेट की बड़ी खेप
राजस्व आसूचना निदेशालय की आइजोल इकाई को सूचना मिली थी कि भारी मात्रा में विदेशी मूल की सिगरेट एक ट्रक में लादकर चंफाई के रास्ते आइजोल ले जाई जा रही है। खबर मिलते ही अधिकारियों की एक टीम ने चंफाई-आइजोल मार्ग पर चौकसी बढ़ा दी। जैसे ही संदिग्ध वाहन तुइरियल गांव के पास पहुंचा, अधिकारियों ने उसे रोक लिया।
वाहन की गहन जांच करने पर ट्रक के भीतर छिपाकर रखे गए 432 बड़े डिब्बे मिले। इन डिब्बों को खोलने पर ‘पैट्रॉन’ (Patron) ब्रांड की कुल 43,20,000 सिगरेट की स्टिक्स बरामद हुईं। इतनी बड़ी संख्या में विदेशी सिगरेट की मौजूदगी देखकर जांच टीम भी हैरान रह गई। मौके पर मौजूद दस्तावेज फर्जी पाए गए, जिसके बाद सिगरेट और वाहन दोनों को कब्जे में ले लिया गया।
म्यांमार सीमा का जोखावथर रूट और सिगरेट तस्करी का नेटवर्क
जांच में पता चला कि इस विदेशी सिगरेट को भारत-म्यांमार सीमा पर स्थित जोखावथर इलाके से भारतीय सीमा में दाखिल कराया गया था। जोखावथर, मिजोरम के चंफाई जिले में स्थित एक सीमावर्ती कस्बा है, जो म्यांमार के साथ एक अंतरराष्ट्रीय व्यापार और आवाजाही बिंदु के रूप में कार्य करता है। पहाड़ियों और घने जंगलों से घिरा यह सीमावर्ती क्षेत्र तस्करों के लिए अवैध माल भारत में लाने का पसंदीदा मार्ग बनता जा रहा है।
म्यांमार की ओर से अवैध रूप से लाए गए तंबाकू उत्पाद, सिगरेट, विदेशी सामान और अन्य वस्तुएं जोखावथर के रास्ते मिजोरम में प्रवेश करती हैं। वहां से सड़क मार्ग का उपयोग करके इन्हें राज्य की राजधानी आइजोल और फिर देश के बाकी राज्यों में भेजने का नेटवर्क सक्रिय रहता है। इस सफल जब्ती से सीमा पार चल रहे अवैध सिगरेट सिंडिकेट को बड़ा आर्थिक झटका लगा है।
कोटपा कानून और सीमा शुल्क अधिनियम की धारा 110 का उल्लंघन
अधिकारियों द्वारा जब जब्त की गई पैट्रॉन सिगरेट के डिब्बों की जांच की गई, तो पाया गया कि उन पर भारत सरकार द्वारा तय स्वास्थ्य चेतावनियां दर्ज नहीं थीं। भारत में तंबाकू उत्पादों की बिक्री के लिए सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद (विज्ञापन निषेध एवं व्यापार तथा वाणिज्य, उत्पादन, आपूर्ति एवं वितरण विनियमन) अधिनियम, 2003 (COTPA) के तहत पैकेट के मुख्य भाग पर वैधानिक चित्र और चेतावनियां छापना अनिवार्य है।
तस्करी के जरिए लाई जाने वाली विदेशी सिगरेट इन स्वास्थ्य मानकों को पूरी तरह नजरअंदाज करती हैं। इसके कारण यह न केवल सरकारी राजस्व और उत्पाद शुल्क (GST/Customs Duty) का भारी नुकसान पहुंचाती हैं, बल्कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए भी अधिक जोखिम पैदा करती हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 की धारा 110 के प्रावधानों के अंतर्गत सिगरेट की खेप और परिवहन में इस्तेमाल ट्रक को जब्त कर लिया गया। धारा 110 सीमा शुल्क अधिकारियों को अवैध या अवैध रूप से आयातित वस्तुओं को जब्त करने का अधिकार देती है।
पूर्वोत्तर में तस्करी पर डीआरआई का बड़ा एक्शन
राजस्व आसूचना निदेशालय (DRI) भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के तहत केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) की प्रमुख तस्करी-रोधी एजेंसी है। पूर्वोत्तर राज्यों में म्यांमार, बांग्लादेश और चीन से सटी अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के कारण तस्करी की आशंका हमेशा बनी रहती है।
डीआरआई लगातार पूर्वोत्तर के राज्यों में विदेशी सिगरेट, सोना, नशीले पदार्थ और दुर्लभ वन्यजीवों की अवैध तस्करी पर निगरानी रखता है। इस ताजा कार्रवाई से साफ है कि भारतीय एजेंसियां सीमावर्ती राज्यों में तस्करों के नेटवर्क को ध्वस्त करने और अवैध व्यापार पर लगाम लगाने के लिए अपनी निगरानी व्यवस्था को लगातार सख्त कर रही हैं।
जब्ती से जुड़े मुख्य आंकड़े और तथ्य
- कुल जब्त सिगरेट: 43,20,000 स्टिक्स (43.2 लाख)
- अनुमानित बाजार मूल्य: 8.64 करोड़ रुपये
- बरामद सिगरेट ब्रांड: पैट्रॉन (Patron)
- जब्ती का स्थान: तुइरियल गांव, चंफाई-आइजोल रोड, मिजोरम
- तस्करी का मूल मार्ग: जोखावथर (भारत-म्यांमार सीमा)
- कार्रवाई करने वाली संस्था: राजस्व आसूचना निदेशालय (DRI), आइजोल इकाई
- संबद्ध कानून: सीमा शुल्क अधिनियम 1962 (धारा 110) एवं कोटपा अधिनियम 2003
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न: मिजोरम सिगरेट तस्करी मामले में कितनी सिगरेट जब्त की गई है?
उत्तर: राजस्व आसूचना निदेशालय (DRI) ने मिजोरम में तुइरियल गांव के पास एक ट्रक से 8.64 करोड़ रुपये मूल्य की 43.2 लाख विदेशी सिगरेट जब्त की हैं।
प्रश्न: यह विदेशी सिगरेट किस रास्ते से भारत में लाई गई थी?
उत्तर: यह विदेशी सिगरेट म्यांमार सीमा पर स्थित जोखावथर इलाके से अवैध रूप से मिजोरम में प्रवेश कराई गई थी और आइजोल ले जाई जा रही थी।
प्रश्न: तस्करों पर किन कानूनों के तहत कार्रवाई की गई है?
उत्तर: यह कार्रवाई सीमा शुल्क अधिनियम 1962 की धारा 110 और कोटपा (COTPA) अधिनियम 2003 के तहत स्वास्थ्य चेतावनियों के उल्लंघन के आधार पर की गई है।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






