
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आगामी ‘खेत बचाओ अभियान’ की तैयारियों को लेकर राज्यों के कृषि मंत्रियों के साथ वर्चुअल बैठक की। यह अभियान 22 अक्टूबर से 30 नवंबर, 2026 तक चलाया जाएगा।
मुख्य बातें
- खेत बचाओ अभियान 22 अक्टूबर से 30 नवंबर 2026 तक आयोजित किया जाएगा।
- केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्यों के कृषि मंत्रियों के साथ वर्चुअल बैठक की।
- अभियान के तहत 1.5 लाख बैठकें आयोजित करने और 50-50 लाख प्रतिभागियों तक पहुँचने का लक्ष्य है।
- इस मुहिम में कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) और ATMA की 4,150 टीमें हिस्सा लेंगी।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आगामी खेत बचाओ अभियान की तैयारियों को लेकर विभिन्न राज्यों के कृषि मंत्रियों के साथ एक उच्च स्तरीय वर्चुअल बैठक की अध्यक्षता की। प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) के अनुसार, यह विशेष राष्ट्रव्यापी अभियान आगामी 22 अक्टूबर से 30 नवंबर, 2026 तक देश भर में आयोजित किया जाएगा। इस वर्चुअल बैठक में मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, गुजरात, उत्तराखंड, राजस्थान, असम, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, बिहार और महाराष्ट्र के कृषि मंत्रियों ने हिस्सा लिया।
खेत बचाओ अभियान 2026 क्या है और किसानों के लिए इसके मायने क्या हैं?
खेत बचाओ अभियान 2026 का मुख्य उद्देश्य देश के किसानों के बीच उन्नत कृषि पद्धतियों, संसाधनों के कुशल उपयोग, टिकाऊ खेती और केंद्र सरकार की विभिन्न किसान-केंद्रित योजनाओं के प्रति व्यापक जागरूकता पैदा करना है। इस अभियान के जरिए सरकार का प्रयास है कि ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों तक आधुनिक कृषि तकनीकों की सटीक जानकारी पहुँचे। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री श्री भागीरथ चौधरी, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव श्री अतिश चंद्रा तथा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के महानिदेशक डॉ. एम.एल. जाट भी इस बैठक में उपस्थित रहे।
राज्य स्तर पर तैयारियां और नोडल अधिकारियों की नियुक्ति
बैठक को संबोधित करते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने सभी राज्यों से इस अभियान को सफल बनाने के लिए सक्रिय भागीदारी और जमीनी स्तर पर प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करने का आग्रह किया। उन्होंने जिला कलेक्टरों को भी अभियान के सुचारु आयोजन के लिए आवश्यक निर्देश देने को कहा। बेहतर संचालन और समयबद्ध कार्यान्वयन के लिए राज्य तथा जिला स्तर पर नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी ताकि योजना का क्रियान्वयन जमीनी स्तर पर सटीक ढंग से हो सके।
अभियान की मुख्य गतिविधियां और फोकस बिंदु
इस राष्ट्रव्यापी अभियान के दौरान कृषि उत्पादकता बढ़ाने और किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए कई तरह की गतिविधियां चलाई जाएंगी:
- फसल अवशेष प्रबंधन और एकीकृत कीट प्रबंधन पर जोर।
- मृदा स्वास्थ्य में सुधार, जलवायु-अनुकूल कृषि और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा।
- तिलहन, दलहन फसलों, जल संरक्षण और उर्वरकों के संतुलित उपयोग की जानकारी।
- किसान पहचान पत्र (फार्मर आईडी), प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) और किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) का लाभ दिलाना।
- कृषि यंत्रों का वितरण और मृदा स्वास्थ्य कार्ड से जुड़ी जागरूकता गतिविधियां।
इसका असर और जमीनी स्तर पर जनभागीदारी का लक्ष्य
यह अभियान केवल औपचारिक बैठकों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसके तहत व्यापक जनसंपर्क का लक्ष्य रखा गया है। प्रस्तुत योजना के अनुसार, कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन एजेंसी (ATMA) और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) दोनों के लिए 50-50 लाख प्रतिभागियों तक पहुँचने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके अलावा कृषि विज्ञान केंद्रों और एटीएमए को मिलाकर कुल 4,150 टीमों का गठन किया जाएगा, जिनमें 12,000 से अधिक वैज्ञानिक और विस्तार कार्यकर्ता शामिल होंगे जो किसानों से सीधा संवाद करेंगे।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? खेत बचाओ अभियान कब से कब तक आयोजित किया जाएगा? उत्तर। यह अभियान 22 अक्टूबर से 30 नवंबर, 2026 तक आयोजित होगा।
प्रश्न? इस अभियान का मुख्य उद्देश्य क्या है? उत्तर। किसानों को उन्नत कृषि पद्धतियों, टिकाऊ खेती, मृदा स्वास्थ्य और केंद्र सरकार की किसान-केंद्रित योजनाओं के बारे में जागरूक करना है।
प्रश्न? अभियान के दौरान कौन-कौन से संस्थान सक्रिय रूप से भाग लेंगे? उत्तर। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR), कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) और कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन एजेंसी (ATMA) इस अभियान में मुख्य भूमिका निभाएंगे।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






