
राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा पद्धति आयोग और केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान परिषद ने आयुर्वेद अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए दो नई पहलें शुरू की हैं।
मुख्य बातें
- सीसीआरएएस स्पार्क 5.0 के तहत बीएएमएस के 300 छात्रों को 50,000 रुपये की वित्तीय सहायता मिलेगी।
- स्पार्क 5.0 के लिए पंजीकरण 15 अक्टूबर 2026 से शुरू होकर 15 नवंबर 2026 तक चलेंगे।
- सीसीआरएएस आयुर्शोध 2026 का फाइनल मुकाबला 11 दिसंबर 2026 को आयोजित किया जाएगा।
आयुर्वेद अनुसंधान के क्षेत्र को मजबूत करने के लिए राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा पद्धति आयोग (NCISM) की अध्यक्ष प्रो. मनीषा कोठेकर ने केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान परिषद (CCRAS) के साथ मिलकर सीसीआरएएस स्पार्क 5.0 और सीसीआरएएस आयुर्शोध 2026 के दूसरे सर्कुलर का औपचारिक शुभारंभ किया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य आयुर्वेद के स्नातक छात्रों के बीच वैज्ञानिक सोच को जगाना और शोध संस्कृति को बढ़ावा देना है ताकि पारंपरिक चिकित्सा पद्धति में आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण को जोड़ा जा सके।
आयुर्वेद अनुसंधान को नई दिशा देने के लिए स्पार्क 5.0 और आयुर्शोध
आयुर्वेद अनुसंधान के इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए शुरू की गई इन पहलों में छात्रों से लेकर शोधकर्ताओं तक के लिए बड़े अवसर शामिल हैं। प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) के अनुसार, इस कार्यक्रम के पांचवें संस्करण यानी सीसीआरएएस स्पार्क 5.0 के जरिए छात्रों को अल्पकालिक स्वतंत्र शोध परियोजनाओं से जोड़ा जाएगा। इससे बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी (BAMS) के विद्यार्थियों में विश्लेषणात्मक क्षमता विकसित होगी और वे अपने करियर की शुरुआत में ही शोध के प्रति आकर्षित होंगे।
इस योजना के तहत देश भर के पात्र छात्रों के लिए कई विशेष प्रावधान किए गए हैं:
- कुल 300 स्टूडेंटशिप प्रदान की जा रही हैं, जिनमें प्रत्येक चयनित छात्र को 50,000 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी।
- यह अवसर एनसीआईएसएम या भारत सरकार से मान्यता प्राप्त संस्थानों के तृतीय, चतुर्थ या व्यावसायिक वर्ष के बीएएमएस छात्रों के लिए है।
- स्पार्क 5.0 के लिए पंजीकरण प्रक्रिया 15 अक्टूबर 2026 से शुरू होगी और आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 15 नवंबर 2026 तय की गई है।
सीसीआरएएस आयुर्शोध 2026 और पुरस्कार श्रेणियां
आयुर्वेद अनुसंधान की गुणवत्ता को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता देने के लिए सीसीआरएएस आयुर्शोध मंच की शुरुआत की गई है। इसमें तीन प्रमुख श्रेणियां बनाई गई हैं, जिनमें सीसीआरएएस-प्रबोध 3 मिनट के भीतर थीसिस प्रस्तुति का मंच देता है, सीसीआरएएस-प्रकाश मूल शोध प्रकाशनों को सम्मानित करता है और सीसीआरएएस-नवन्मेष नए प्रोटोटाइप तथा प्रक्रियात्मक नवाचारों को प्रोत्साहित करता है। इन पुरस्कारों के लिए श्री धूतपापेश्वर लिमिटेड द्वारा प्रायोजित पुरस्कार राशि भी शामिल है, और इसका फाइनल मुकाबला 11 दिसंबर 2026 को आयोजित किया जाएगा।
यह भी जानें: आयुर्वेद अनुसंधान का महत्व और पृष्ठभूमि
भारत में पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को आधुनिक वैज्ञानिक कसौटी पर परखने के लिए केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान परिषद लगातार नए प्रयास कर रहा है। आयुर्वेद अनुसंधान के क्षेत्र में पहले छात्रों को इस तरह के फेलोशिप या प्रोजेक्ट्स के लिए सीमित मंच मिलते थे, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में सरकार ने बीएएमएस स्तर पर ही शोध को अनिवार्य या प्रोत्साहित करना शुरू किया है। प्रो. (वैद्य) रबीनारायण आचार्य और डॉ. रणजीत पुराणिक जैसे दिग्गजों की उपस्थिति यह दर्शाती है कि आयुर्वेद अनुसंधान को अकादमिक जगत और उद्योग जगत दोनों का समर्थन मिल रहा है।
छात्र इन कार्यक्रमों के बारे में अधिक जानकारी आधिकारिक पोर्टल्स spark.ccras.org.in और ayurshodh.ccras.org.in पर जाकर प्राप्त कर सकते हैं। आयुर्वेद अनुसंधान से जुड़े इन कार्यक्रमों का उद्देश्य देश के कोने-कोने से युवा प्रतिभाओं को आगे लाना है ताकि वे पारंपरिक ज्ञान को नए वैज्ञानिक प्रमाणों के साथ दुनिया के सामने रख सकें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? सीसीआरएएस स्पार्क 5.0 के लिए कौन पात्र है? उत्तर। एनसीआईएसएम या भारत सरकार से मान्यता प्राप्त कॉलेजों के तृतीय, चतुर्थ या व्यावसायिक वर्ष में अध्ययनरत बीएएमएस छात्र इसके लिए पात्र हैं।
प्रश्न? स्पार्क 5.0 के तहत कितनी वित्तीय सहायता मिलेगी? उत्तर। इस कार्यक्रम के तहत कुल 300 स्टूडेंटशिप दी जाएंगी और प्रत्येक छात्र को 50,000 रुपये की वित्तीय सहायता मिलेगी।
प्रश्न? सीसीआरएएस आयुर्शोध 2026 का फाइनल कब होगा? उत्तर। आयुर्शोध 2026 का फाइनल मुकाबला 11 दिसंबर 2026 को आयोजित किया जाना तय है।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






