रविवार, अक्टूबर 11, 2026

जयगोपाल गारोडिया विद्यालय के 50 वर्ष पूरे, पीएम मोदी ने दिए बड़े लक्ष्य

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जयगोपाल गारोडिया विद्यालय

चेन्नई में विश्व हिंदू विद्या केंद्र के 50 साल पूरे होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विद्यालय के सफर, देश में शिक्षा के विस्तार और 2047 के लक्ष्यों पर अपनी बात रखी।

मुख्य बातें

  • चेन्नई में जयगोपाल गारोडिया हिंदू विद्यालय का स्वर्ण जयंती समारोह आयोजित हुआ, जो 1975 में महज 7 छात्रों से शुरू हुआ था।
  • विद्यालय की गिरिजा अम्मा की प्रेरणा से बच्चों ने 1-1 रुपये बचाकर देश के सैनिकों के लिए 40 लाख रुपये एकत्र किए थे।
  • देश में 2014 के 750 विश्वविद्यालयों के मुकाबले अब 1300 से अधिक विश्वविद्यालय और 52,000 से अधिक कॉलेज हैं।
  • भारत 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी की तैयारी कर रहा है और 2036 ओलंपिक की मेजबानी का लक्ष्य रखा है।

चेन्नई में आयोजित जयगोपाल गारोडिया विद्यालय के स्वर्ण जयंती समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिरकत की और विद्यार्थियों, शिक्षकों तथा अभिभावकों को संबोधित किया। पीआईबी के अनुसार, इस अवसर पर तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र आर्लेकर, केंद्रीय मंत्री डॉक्टर एल. मुरुगन और विश्व हिंदू विद्या केंद्र से जुड़े गणमान्य लोग उपस्थित रहे। प्रधानमंत्री ने अपने भाषण की शुरुआत तमिल भाषा में अभिवादन के साथ की और नवरात्र के अवसर पर तमिलनाडु आगमन को सौभाग्य बताया।

जयगोपाल गारोडिया विद्यालय के स्वर्ण जयंती समारोह में पीएम मोदी

जयगोपाल गारोडिया विद्यालय के 50 साल पूरे होने के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने युवाओं को भारत के भविष्य की ताकत बताया। उन्होंने कहा कि आज विश्व जिन चुनौतियों के समाधान ढूंढ रहा है, उन्हें भारत का युवा प्रदान कर सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को निडर होकर नए विचारों पर काम करने की सलाह दी।

जयगोपाल गारोडिया विद्यालय की 1975 से शुरू हुई ऐतिहासिक यात्रा

इस शैक्षणिक संस्थान की शुरुआत 1975 में चेन्नई के वेस्ट माम्बलम इलाके में एक छोटे से स्कूल के रूप में हुई थी। उस समय इस विद्यालय में केवल सात विद्यार्थी थे। न तो कोई स्थायी इमारत थी और न ही पर्याप्त संसाधन उपलब्ध थे। संस्थान की दृढ़ इच्छाशक्ति और सेवा भावना के बल पर यह धीरे-धीरे एक बड़े शैक्षणिक आंदोलन में बदल गया।

प्रेस सूचना ब्यूरो के अनुसार, आज तमिलनाडु के विभिन्न हिस्सों में विश्व हिंदू विद्या केंद्र के तहत 15 संस्थान संचालित हो रहे हैं। प्रधानमंत्री ने विद्यालय के भवन निर्माण में योगदान देने वाले श्री जयगोपाल गारोडिया के प्रयासों को याद किया। इसके साथ ही उन्होंने डॉक्टर गिरिजा शेषाद्रि अम्मा के उस अभियान का विशेष उल्लेख किया, जिसमें बच्चों ने प्रतिदिन एक रुपया बचाकर देश के जवानों के लिए लगभग 40 लाख रुपये जुटाए थे।

देश में शिक्षा ढांचे का विस्तार और नए आंकड़े

संबोधन के दौरान देश के शैक्षणिक परिदृश्य में आए बदलावों के आंकड़े भी साझा किए गए। साल 2014 में भारत में लगभग 750 विश्वविद्यालय मौजूद थे, जिनकी संख्या अब बढ़कर 1,300 से अधिक हो चुकी है। इसी प्रकार कॉलेजों की संख्या भी लगभग 38,000 से बढ़कर 52,000 के पार पहुंच गई है।

  • विश्वविद्यालयों की संख्या: 2014 में 750 से बढ़कर 2026 में 1300 से अधिक हुई।
  • कॉलेजों की संख्या: 38,000 से बढ़कर 52,000 के पार पहुंची।
  • ग्लोबल रैंकिंग: 2015 की QS रैंकिंग में केवल 14 भारतीय विश्वविद्यालय शामिल थे, जो अब बढ़कर 52 हो चुके हैं।
  • संस्थानों में वृद्धि: देशभर में नए आईआईटी, आईआईएम, ट्रिपल आईटी और एम्स स्थापित किए गए हैं।

नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के लागू होने से पठन-पाठन की गुणवत्ता में सुधार हुआ है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय शिक्षण संस्थानों की स्वीकार्यता लगातार बढ़ रही है।

तिरुवल्लुवर और महाकवि भारतियार के विचारों से प्रेरणा

प्रधानमंत्री ने तमिल साहित्य के महान संत तिरुवल्लुवर और महाकवि भारतियार के योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि हाल ही में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को तिरुक्कुरल का रूसी अनुवाद उपहार में दिया गया था। तिरुक्कुरल यह सीख देता है कि जो भी ज्ञान प्राप्त किया जाए, उसे जीवन में उतारना जरूरी है।

महाकवि भारतियार के जीवन पर काशी के आध्यात्मिक वातावरण का गहरा प्रभाव था। भारतियार के प्रसिद्ध शब्द ‘अच्चमिल्लै, अच्चमिल्लै’ आज भी लोगों को बिना किसी डर के जीने और नए प्रयास करने की प्रेरणा देते हैं। युवाओं को अपनी जड़ों से जुड़े रहते हुए देश की सांस्कृतिक विविधता को समझने का सुझाव दिया गया।

खेल क्षेत्र और विकसित भारत 2047 का संकल्प

खेलों के क्षेत्र में देश की तैयारियों पर बात करते हुए बताया गया कि भारत अब केवल खेलों को मनोरंजन तक सीमित नहीं रख रहा है। खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा और प्रशिक्षण दिया जा रहा है। भारत वर्ष 2030 के राष्ट्रमंडल खेलों (Commonwealth Games) की मेजबानी की तैयारी में जुटा है। इसके अलावा 2036 के ओलंपिक खेलों की मेजबानी का लक्ष्य भी सामने रखा गया है।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित विद्यार्थियों के साथ वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण, भारत को दुनिया की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल करने, आत्मनिर्भर भारत बनाने, वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में उभारने और चंद्रमा पर भारतीय को भेजने जैसे संकल्प दोहराए गए।

यह भी जानें: इस संबोधन के प्रमुख मायने

चेन्नई का यह कार्यक्रम केवल एक स्कूल का वार्षिकोत्सव नहीं था, बल्कि यह तमिलनाडु की समृद्ध तमिल संस्कृति और राष्ट्रीय चेतना के जुड़ाव को दर्शाता है। 1990 के दशक की शुरुआत में कन्याकुमारी से कश्मीर तक निकली एकता यात्रा के दौरान भी इस क्षेत्र की भूमिका रही थी। इस तरह के आयोजनों से दक्षिण भारत और उत्तर भारत के बीच सांस्कृतिक और शैक्षणिक आदान-प्रदान को बल मिलता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न? जयगोपाल गारोडिया हिंदू विद्यालय की शुरुआत कब और कैसे हुई थी?
उत्तर। इस विद्यालय की शुरुआत 1975 में चेन्नई के वेस्ट माम्बलम में सिर्फ 7 विद्यार्थियों के साथ हुई थी। आज इसके अंतर्गत तमिलनाडु में 15 संस्थान चल रहे हैं।

प्रश्न? भारत किन बड़े खेल आयोजनों की मेजबानी की तैयारी कर रहा है?
उत्तर। भारत 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी की तैयारी कर रहा है और 2036 में ओलंपिक खेलों के आयोजन का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहा है।

प्रश्न? पिछले एक दशक में देश में विश्वविद्यालयों की संख्या में कितनी वृद्धि हुई है?
उत्तर। 2014 में देश में लगभग 750 विश्वविद्यालय थे, जिनकी संख्या अब बढ़कर 1300 से अधिक हो गई है।

यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com

दीक्षा कुमारी
दीक्षा कुमारी
दीक्षा कुमारी आज पत्रिका में वरिष्ठ संपादक हैं और शिक्षा, परीक्षाएँ एवं परिणाम, खेल, मनोरंजन, धर्म-संस्कृति तथा लाइफस्टाइल कवरेज की ज़िम्मेदारी संभालती हैं। वे परीक्षा अधिसूचनाओं, रिजल्ट, प्रवेश प्रक्रिया, त्योहारों की परंपराओं और स्वास्थ्य-जीवनशैली से जुड़ी सामग्री को सरल, सटीक और सत्यापित रूप में पाठकों तक पहुँचाती हैं। स्वास्थ्य से जुड़े लेखों में वे हमेशा योग्य विशेषज्ञ से सलाह लेने की सलाह जोड़ती हैं। सुझाव/सुधार: corrections@aajpatrika.com।

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