
एक भारत श्रेष्ठ भारत पहल के तहत आईआईएम संबलपुर और एनआईटी हमीरपुर के समन्वय में ओडिशा के छात्रों ने हिमाचल प्रदेश का दौरा किया और राष्ट्रपति से संवाद किया।
मुख्य बातें
- युवा संगम चरण 7 का आयोजन शिक्षा मंत्रालय द्वारा ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ पहल के तहत किया गया है।
- ओडिशा का छात्र प्रतिनिधिमंडल 5 अक्टूबर 2026 को हिमाचल प्रदेश पहुंचा, जहां एनआईटी हमीरपुर ने उनकी अगवानी की।
- प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) संबलपुर ने नोडल संस्थान के रूप में किया।
- छात्रों ने 6 अक्टूबर को हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और 7 अक्टूबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की।
- यह पहला मौका था जब युवा संगम के प्रतिभागियों को सीधे भारत के राष्ट्रपति से संवाद करने का अवसर प्राप्त हुआ।
युवा संगम चरण 7 के तहत ओडिशा के एक विशेष छात्र प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली में भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की। प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह पहला अवसर है जब युवा संगम कार्यक्रम के प्रतिभागियों को सीधे देश के राष्ट्रपति से संवाद करने का अवसर मिला है। शिक्षा मंत्रालय की इस पहल का मुख्य उद्देश्य भारत के विभिन्न राज्यों के युवाओं के बीच सांस्कृतिक, शैक्षणिक और सामाजिक संबंधों को मजबूत बनाना है।
युवा संगम चरण 7 का मुख्य उद्देश्य क्या है?
युवा संगम चरण 7 भारत सरकार के ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ अभियान का एक प्रमुख घटक है, जिसके तहत विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के युवाओं को दूसरे राज्यों की संस्कृति, जीवनशैली, शैक्षणिक परिदृश्य और विकासात्मक प्रगति से प्रत्यक्ष रूप से परिचित कराया जाता है। इस चरण में ओडिशा और हिमाचल प्रदेश के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान का आयोजन किया जा रहा है।
ओडिशा और हिमाचल प्रदेश के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान
आईआईएम संबलपुर (भारतीय प्रबंधन संस्थान) के नेतृत्व में ओडिशा का छात्र दल 5 अक्टूबर 2026 को हिमाचल प्रदेश पहुंचा। हिमाचल प्रदेश में इस कार्यक्रम की मेजबानी राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) हमीरपुर द्वारा की जा रही है। एनआईटी हमीरपुर में ओडिशा के प्रतिनिधिमंडल का पारंपरिक तरीके से भव्य स्वागत किया गया।
हिमाचल यात्रा के दौरान ओडिशा के छात्रों को राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं, लोक कला, खान-पान और वहां की जीवन शैली को निकटता से समझने का मौका मिल रहा है। इस दौरान छात्र स्थानीय शैक्षणिक संस्थानों और विकासात्मक परियोजनाओं का भी दौरा कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से संवाद
अपनी इस अध्ययन और सांस्कृतिक यात्रा के क्रम में छात्र प्रतिनिधिमंडल ने 6 अक्टूबर 2026 को हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने युवा प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए राज्य की प्रगति और यहां की अनूठी संस्कृति के बारे में अपने विचार साझा किए।
इसके पश्चात 7 अक्टूबर 2026 को प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति भवन में भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की। इस ऐतिहासिक बैठक में राष्ट्रपति ने युवाओं को भारत की विविधता में एकता के विचार को मजबूत करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे आदान-प्रदान कार्यक्रमों से देश के युवाओं में राष्ट्रीय एकता और साझा सांस्कृतिक विरासत के प्रति सम्मान की भावना गहरी होती है।
यह भी जानें: एक भारत श्रेष्ठ भारत और युवा संगम की कार्यप्रणाली
शिक्षा मंत्रालय के उच्चतर शिक्षा विभाग द्वारा संचालित यह कार्यक्रम देश के युवाओं को अपने गृह राज्य से बाहर के समुदायों के साथ जुड़ने का एक राष्ट्रीय मंच प्रदान करता है। युवा संगम के सातवें चरण की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:
- 20 उच्च शिक्षण संस्थानों की जोड़ियां: इस चरण में देश भर के 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के शीर्ष उच्चतर शिक्षा संस्थानों (HEIs) को आपस में जोड़ा गया है।
- पांच प्रमुख आयाम: यह यात्रा मुख्य रूप से पांच क्षेत्रों—पर्यटन (Paryatan), परंपरा (Parampara), प्रगति (Pragati), परस्पर संपर्क (Paraspar Sampark), और प्रौद्योगिकी (Prodyogiki) पर केंद्रित होती है।
- प्रत्यक्ष अनुभव: छात्र न केवल दूसरे राज्य के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों का भ्रमण करते हैं, बल्कि वहां के स्थानीय निवासियों और नीति निर्माताओं से भी सीधा संवाद करते हैं।
- नोडल संस्थानों की भूमिका: ओडिशा में आईआईएम संबलपुर और हिमाचल प्रदेश में एनआईटी हमीरपुर जैसे प्रतिष्ठित संस्थान इस आदान-प्रदान का संचालन कर रहे हैं।
राष्ट्रीय एकीकरण और युवाओं पर इसका प्रभाव
युवा संगम चरण 7 जैसी पहल देश के दूर-दराज के क्षेत्रों के युवाओं में एक-दूसरे के प्रति समझ और सहिष्णुता बढ़ाने में सहायक साबित हो रही है। जब पूर्वी भारत के ओडिशा से छात्र उत्तर भारत के पर्वतीय राज्य हिमाचल प्रदेश पहुंचते हैं, तो वे एक-दूसरे की भाषाओं, खान-पान और जीवन की चुनौतियों को बेहतर ढंग से समझ पाते हैं।
शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह कार्यक्रम केवल एक पर्यटन यात्रा नहीं है, बल्कि यह युवाओं में भारत की विकासात्मक उपलब्धियों के प्रति गर्व और विविधता में बंधुत्व की भावना जगाने का एक सशक्त माध्यम है। राष्ट्रपति से संवाद के बाद छात्रों ने इस अनुभव को अपने जीवन का सबसे यादगार अवसर बताया।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न 1: युवा संगम चरण 7 किस मंत्रालय की पहल है?
उत्तर: युवा संगम चरण 7 भारत सरकार के केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय (उच्चतर शिक्षा विभाग) की ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ कार्यक्रम के तहत चलाई जा रही एक पहल है।
प्रश्न 2: ओडिशा के प्रतिनिधिमंडल का नोडल संस्थान कौन सा है?
उत्तर: इस चरण में ओडिशा के छात्र प्रतिनिधिमंडल का नोडल संस्थान भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) संबलपुर है, जबकि हिमाचल प्रदेश में इसकी मेजबानी एनआईटी हमीरपुर कर रहा है।
प्रश्न 3: ओडिशा के छात्रों ने किन प्रमुख हस्तियों से मुलाकात की?
उत्तर: छात्रों ने 6 अक्टूबर 2026 को हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से और 7 अक्टूबर 2026 को भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






