रविवार, अक्टूबर 11, 2026

चंडीगढ़ में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी क्लस्टरों का चौथा सम्मेलन संपन्‍न, सहयोग बढ़ाने पर जोर

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एस एंड टी क्लस्टर

भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रो. अजय कुमार सूद ने चंडीगढ़ में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी क्लस्टरों के चौथे सम्मेलन की अध्यक्षता की, जिसमें क्षेत्रीय चुनौतियों और तकनीकी समाधानों पर चर्चा हुई।

मुख्य बातें

  • चंडीगढ़ के पंजाब विश्वविद्यालय में 9-10 अक्टूबर 2026 को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी क्लस्टरों का चौथा सम्मेलन आयोजित हुआ।
  • प्रो. अजय कुमार सूद ने सम्मेलन की अध्यक्षता की और स्वचालित मौसम केंद्र का शुभारंभ किया।
  • सम्मेलन के दौरान उत्तर भारत के पहले डिजिटल पोडियाट्रिक क्लिनिक का उद्घाटन किया गया।
  • देशभर के आठ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी क्लस्टरों के प्रतिनिधियों ने इस दो दिवसीय आयोजन में हिस्सा लिया।

प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रो. अजय कुमार सूद ने 9 से 10 अक्टूबर 2026 को पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ में आयोजित विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी (एस एंड टी) क्लस्टरों के चौथे सम्मेलन की अध्यक्षता की। इस दो दिवसीय आयोजन की मेजबानी पीयू-आईआईटी रोपड़ रीजनल एक्सेलरेटर फॉर होलिस्टिक इनोवेशंस फाउंडेशन (पीआई-राही) द्वारा की गई। पीआईबी के अनुसार, इस सम्मेलन में देश भर से आए आठ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी क्लस्टरों के प्रतिनिधियों, शिक्षाविदों और उद्योग जगत के दिग्गजों ने हिस्सा लिया।

एस एंड टी क्लस्टर सम्मेलन 2026 की मुख्य बातें क्या हैं?

चंडीगढ़ में आयोजित एस एंड टी क्लस्टर के चौथे सम्मेलन में प्रो. अजय कुमार सूद ने बताया कि ये क्लस्टर अब क्षेत्रीय और सामाजिक चुनौतियों का समाधान करने वाले राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी त्वरक के रूप में उभर रहे हैं। उद्घाटन सत्र के दौरान उन्होंने जलवायु-अनुकूल खेती को बढ़ावा देने के लिए एक स्वचालित मौसम केंद्र का शुभारंभ किया। इसके साथ ही, पंचकूला में ईवीचार्जेक्स बैटरी स्वैपिंग स्टेशन और हिमाचल प्रदेश में ईवी चार्जिंग स्टेशन जैसी पहलों को भी प्रदर्शित किया गया।

उत्तर भारत के पहले डिजिटल पोडियाट्रिक क्लिनिक का उद्घाटन

सम्मेलन के दूसरे दिन प्रो. सूद ने पंजाब विश्वविद्यालय के स्वास्थ्य केंद्र में उत्तर भारत के पहले डिजिटल पोडियाट्रिक क्लिनिक का उद्घाटन किया। यह क्लिनिक पीआई-राही द्वारा एचएल क्लेमोव के कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) सहयोग से स्थापित किया गया है। इसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित तकनीक का उपयोग किया जाता है, जिससे मधुमेह रोगियों के पैरों की समस्याओं का समय रहते पता लगाया जा सकता है और शुरुआती रोकथाम सुनिश्चित की जा सकती है।

अंतरराष्ट्रीय सहयोग और नई पहलें

इस सम्मेलन में विभिन्न अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय साझेदारियों पर भी जोर दिया गया। वैज्ञानिक सचिव डॉ. (श्रीमती) परविंदर मैनी ने अनुसंधान एवं विकास से लेकर व्यावसायीकरण तक की प्रक्रिया में उद्योग जगत की मजबूत भागीदारी का आह्वान किया। इस अवसर पर निम्नलिखित प्रमुख रिपोर्टों और पोर्टलों का विमोचन किया गया:

  • पंजाब तथा जम्मू-कश्मीर के शिल्पकारों के लिए ‘कलानुभव’ पोर्टल का शुभारंभ।
  • फाइकोट्री-माइक्रोएल्गल फोटोबायोरिएक्टर पर आधारित रिपोर्ट का विमोचन।
  • उत्तर भारत के एसटीआई इकोसिस्टम पर आधारित स्पार्क्स 2.0, इग्नाइट 2.0 और गिनी 2.0 रिपोर्टों का प्रकाशन।
  • यूके कैटापल्ट नेटवर्क के साथ स्वास्थ्य सेवा और नेट जीरो प्रौद्योगिकियों पर सहयोग की घोषणा।

देश के आठ प्रमुख विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी क्लस्टर

इस दो दिवसीय मंच पर देश के सभी आठ प्रमुख एस एंड टी क्लस्टरों ने अपनी प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की और भावी योजनाओं पर चर्चा की। इन क्लस्टरों में पुणे नॉलेज क्लस्टर फाउंडेशन (पीकेसीएफ), जोधपुर सिटी नॉलेज एंड इनोवेशन फाउंडेशन (जेसीकेआईएफ), भुवनेश्वर सिटी नॉलेज एंड इनोवेशन क्लस्टर (बीसीकेआईसी), दिल्ली रिसर्च इम्प्लीमेंटेशन एंड इनोवेशन (डीआरआईआईवी), एएमटीजेड-विशाखापत्तनम क्लस्टर, बेंगलुरु साइंस एंड टेक्नोलॉजी क्लस्टर (बीईएसटी), रिसर्च एंड इनोवेशन सर्कल ऑफ हैदराबाद (आरआईसीएस) और पीआई-राही शामिल हैं।

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी क्लस्टर कार्यक्रम की पृष्ठभूमि

प्रधानमंत्री की विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार सलाहकार परिषद (पीएम-एसटीआईएसी) की सिफारिशों के आधार पर वर्ष 2020 में प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार कार्यालय के तहत एस एंड टी क्लस्टर कार्यक्रम की परिकल्पना की गई थी। इस पहल का मुख्य उद्देश्य देश के विभिन्न क्षेत्रों में शिक्षाविदों, अनुसंधान संस्थानों, उद्योगों और स्टार्टअप्स को एक मंच पर लाकर क्षेत्रीय समस्याओं का वैज्ञानिक और तकनीकी समाधान निकालना है। पिछले कुछ वर्षों में इन क्लस्टरों ने स्थानीय स्तर पर नवाचार को गति देने में अहम भूमिका निभाई है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न? विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी क्लस्टरों का चौथा सम्मेलन कहाँ आयोजित किया गया था?

उत्तर। यह सम्मेलन पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ में 9 से 10 अक्टूबर 2026 के दौरान आयोजित किया गया था।

प्रश्न? इस सम्मेलन की अध्यक्षता किसने की?

उत्तर। इस सम्मेलन की अध्यक्षता भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रो. अजय कुमार सूद ने की।

प्रश्न? डिजिटल पोडियाट्रिक क्लिनिक की क्या विशेषता है?

उत्तर। यह उत्तर भारत का पहला डिजिटल पोडियाट्रिक क्लिनिक है, जो मधुमेह से जुड़े पैरों के विकारों का कृत्रिम बुद्धिमत्ता की मदद से शुरुआती चरण में पता लगाने में मदद करता है।

यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com

सौरभ तिवारी
सौरभ तिवारी
सौरभ तिवारी आज पत्रिका में राष्ट्रीय एवं राजनीतिक मामलों के संपादक हैं। वे संसद और विधानसभाओं की कार्यवाही, सरकारी नीतियों, चुनाव, और भारत से जुड़ी बड़ी राष्ट्रीय खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। उनका ज़ोर तथ्य-आधारित, संतुलित और स्रोत-सहित रिपोर्टिंग पर रहता है — हर लेख में वे प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB), संबंधित मंत्रालयों की विज्ञप्तियों और आधिकारिक दस्तावेज़ों का हवाला देते हैं। राय और विश्लेषण को वे समाचार से स्पष्ट रूप से अलग रखते हैं। सुझाव या तथ्य-सुधार के लिए: corrections@aajpatrika.com।

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