
चेन्नई के जयगोपाल गरोडिया विद्यालय के 50 वर्ष पूरे होने पर पीएम मोदी ने छात्रों को संबोधित किया और विकसित भारत के राष्ट्रीय लक्ष्यों का खाका खींचा।
मुख्य बातें
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चेन्नई में जयगोपाल गरोडिया विद्यालय के स्वर्ण जयंती समारोह में हिस्सा लिया।
- वर्ष 1975 में 7 छात्रों से शुरू हुआ यह संस्थान आज तमिलनाडु में 15 शाखाओं का रूप ले चुका है।
- देश में विश्वविद्यालयों की संख्या 2014 के 750 से बढ़कर 1,300 से अधिक हो गई है।
- भारत वर्ष 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स और 2036 के ओलंपिक खेलों की मेजबानी की तैयारी कर रहा है।
जयगोपाल गरोडिया विद्यालय का स्वर्ण जयंती समारोह: पीएम मोदी का संबोधन
चेन्नई स्थित जयगोपाल गरोडिया विद्यालय के स्वर्ण जयंती समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिरकत की। 11 अक्टूबर 2026 को आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने भारतीय शिक्षा व्यवस्था के विस्तार, 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स और 2036 ओलंपिक की मेजबानी की तैयारियों के साथ-साथ विकसित भारत 2047 के संकल्प को रेखांकित किया।
जयगोपाल गरोडिया विद्यालय के स्वर्ण जयंती समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चेन्नई पहुंचकर छात्रों और अध्यापकों को संबोधित किया। 11 अक्टूबर 2026 को आयोजित इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने कहा कि युवाओं के उत्साह में ही भारत का भविष्य झलकता है। नवरात्रि के पहले दिन शिव और शक्ति की भूमि तमिलनाडु में उपस्थित होने पर उन्होंने प्रसन्नता जताई।
प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) के अनुसार, प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि भारत का युवा आज ‘विकसित भारत’ के दृष्टिकोण की सबसे बड़ी ताकत बनना चाहता है। देश और दुनिया की समस्याओं के नए समाधान खोजने की क्षमता आज के युवाओं में मौजूद है।
1975 से शुरू हुआ जयगोपाल गरोडिया विद्यालय का सफर
विश्व हिंदू विद्या केंद्र द्वारा संचालित इस विद्यालय की शुरुआत वर्ष 1975 में चेन्नई के वेस्ट माम्बलम इलाके में हुई थी। उस समय स्कूल की शुरुआत महज सात छात्रों और बेहद सीमित संसाधनों के साथ की गई थी। उस दौर में न तो पक्की इमारत थी और न ही आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध थीं।
संस्थापकों की मजबूत इच्छाशक्ति और सेवा भावना के बल पर इस छोटी सी शुरुआत ने धीरे-धीरे एक बड़े शैक्षिक आंदोलन का रूप ले लिया। प्रधानमंत्री ने बताया कि आज तमिलनाडु के विभिन्न हिस्सों में इस संस्थान की 15 शाखाएं संचालित हो रही हैं। उन्होंने स्कूल की इमारत के निर्माण में श्री जयगोपाल गरोडिया के योगदान को याद किया और शिक्षकों, कर्मचारियों, अभिभावकों तथा पूर्व छात्रों के 50 वर्षों के समर्पण का आभार व्यक्त किया।
प्रधानमंत्री ने विद्यालय द्वारा छात्रों में देशभक्ति और सामाजिक सेवा के मूल्य विकसित करने की सराहना की। उन्होंने ‘मन की बात’ कार्यक्रम का स्मरण करते हुए बताया कि गिरिजा अम्मा की प्रेरणा से हजारों छात्रों ने देश के सैनिकों के लिए प्रतिदिन एक रुपया बचाकर 40 लाख रुपये की राशि जुटाई थी।
देश में शिक्षा और विश्वविद्यालयों के बदलते आंकड़े
अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2014 के बाद से देश के शैक्षणिक ढांचे में आए बड़े बदलावों के आंकड़े भी प्रस्तुत किए। उन्होंने बताया कि देश में उच्च शिक्षा की पहुंच बढ़ाने के लिए बुनियादी ढांचे में अभूतपूर्व विस्तार किया गया है।
पीआईबी (PIB) के अनुसार, प्रधानमंत्री द्वारा साझा किए गए प्रमुख आंकड़े इस प्रकार हैं:
- देश में विश्वविद्यालयों की संख्या वर्ष 2014 में 750 थी, जो अब बढ़कर 1,300 से अधिक हो गई है।
- देश भर में कॉलेजों की संख्या 38,000 से बढ़कर 52,000 से अधिक हो चुकी है।
- देश में नए आईआईटी (IIT), आईआईएम (IIM), आईआईआईटी (IIIT) और एम्स (AIIMS) संस्थानों की स्थापना की गई है।
- वैश्विक स्तर पर अंतरराष्ट्रीय क्यूएस (QS) रैंकिंग में शामिल भारतीय विश्वविद्यालयों की संख्या वर्ष 2015 के केवल 14 से बढ़कर अब 52 हो गई है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि नई शिक्षा नीति और बुनियादी ढांचे के विस्तार से युवाओं के लिए विकल्पों और अवसरों में बड़ा इजाफा हुआ है।
2030 कॉमनवेल्थ और 2036 ओलंपिक गेम्स पर भारत का लक्ष्य
खेलों के क्षेत्र में युवाओं के बढ़ते रुझान पर चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि खेल अब केवल मनोरंजन का साधन नहीं बल्कि एक सम्मानजनक करियर का माध्यम बन चुका है। सरकार युवाओं के लिए आधुनिक खेल इंफ्रास्ट्रक्चर और विश्वस्तरीय प्रशिक्षण की व्यवस्था कर रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की कि भारत वर्ष 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी के लिए पूरी गंभीरता से तैयारी कर रहा है। इसके साथ ही, देश वर्ष 2036 में ओलंपिक खेलों की मेजबानी का बड़ा राष्ट्रीय सपना लेकर आगे बढ़ रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर की इन खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन से भारतीय खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने के लिए व्यापक मंच मिलेगा।
तमिल भाषा, तिरुवल्लुवर और भरतियार की सांस्कृतिक विरासत
संस्कृति और राष्ट्रीय एकता पर बात करते हुए प्रधानमंत्री ने महान संत तिरुवल्लुवर और महाकवि भरतियार के विचारों का संदर्भ दिया। उन्होंने बताया कि हाल ही में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात के दौरान उन्होंने तिरुक्कुरल का रूसी भाषा में अनुवाद उन्हें उपहार स्वरूप भेंट किया था। तिरुक्कुरल की सीख केवल पढ़ने के लिए नहीं, बल्कि जीवन में अपनाने के लिए है।
प्रधानमंत्री ने महाकवि भरतियार और काशी के बीच के गहरे सांस्कृतिक संबंध का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि काशी के लोग आज भी भरतियार को बहुत सम्मान और प्रेम से याद करते हैं। उन्होंने छात्रों को भरतियार के प्रसिद्ध मंत्र ‘अचमिल्लई, अचमिल्लई’ (निडर, निडर) को अपनाकर अपने सपनों को पूरा करने के लिए निडरता से आगे बढ़ने की सलाह दी। अपनी 1990 के दशक की कन्याकुमारी से कश्मीर तक की ‘एकता यात्रा’ का स्मरण करते हुए प्रधानमंत्री ने तमिल भाषा और संस्कृति के प्रति अपने गहरे अनुराग को व्यक्त किया।
इसका असर: विकसित भारत 2047 की दिशा में युवाओं की भूमिका
प्रधानमंत्री के इस संबोधन का सीधा प्रभाव देश की युवा पीढ़ी की सोच और भविष्य के राष्ट्रीय लक्ष्यों पर पड़ता है। जयगोपाल गरोडिया विद्यालय के मंच से दिए गए इस संदेश में वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने की स्पष्ट रूपरेखा पेश की गई है।
आने वाले वर्षों में भारत के सामने प्रमुख राष्ट्रीय लक्ष्य इस प्रकार हैं:
- वर्ष 2047 तक भारत को पूरी तरह से विकसित राष्ट्र का दर्जा दिलाना।
- भारतीय अर्थव्यवस्था को दुनिया की शीर्ष-तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल करना।
- भारत को एक आत्मनिर्भर वैश्विक विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) केंद्र के रूप में स्थापित करना।
- अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों जैसे कॉमनवेल्थ गेम्स और ओलंपिक की सफल मेजबानी करना।
- अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में प्रगति करते हुए चंद्रमा पर भारतीय नागरिक को भेजना।
इन लक्ष्यों को पूरा करने के लिए युवाओं को वैश्विक स्तर की शिक्षा और खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने की रणनीति पर काम किया जा रहा है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? जयगोपाल गरोडिया विद्यालय की शुरुआत कब और कहाँ हुई थी?
उत्तर। इस विद्यालय की शुरुआत वर्ष 1975 में चेन्नई के वेस्ट माम्बलम इलाके में महज 7 छात्रों के साथ हुई थी। आज तमिलनाडु में इसकी 15 शाखाएं हैं।
प्रश्न? भारत कौन-कौन से बड़े खेल आयोजनों की मेजबानी की तैयारी कर रहा है?
उत्तर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अनुसार, भारत वर्ष 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी की तैयारी कर रहा है और वर्ष 2036 के ओलंपिक खेलों की मेजबानी का लक्ष्य लेकर काम कर रहा है।
प्रश्न? 2014 के बाद देश में विश्वविद्यालयों और कॉलेजों की संख्या में क्या बदलाव आया है?
उत्तर। वर्ष 2014 में देश में 750 विश्वविद्यालय थे जो बढ़कर 1,300 से अधिक हो गए हैं। वहीं कॉलेजों की संख्या 38,000 से बढ़कर 52,000 से अधिक हो गई है।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






