
केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने ‘सागरमंथन: द ग्रेट ओशन्स डायलॉग 2026’ के दौरान कई देशों के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं।
मुख्य बातें
- सऊदी अरब ने वधावन और गलाथिया खाड़ी जैसी परियोजनाओं और समुद्री विकास कोष में निवेश करने में रुचि दिखाई है।
- भारतीय नाविकों की संख्या 2015 के 1.27 लाख से बढ़कर 2026 में 3.23 लाख हो गई है।
- सक्रिय महिला नाविकों की संख्या 2021 में 1,599 से बढ़कर 2025 में 7,033 हो गई है।
- बंदरगाहों की क्षमता पिछले 12 वर्षों में 1,561 मिलियन टन से बढ़कर 2,817 मिलियन टन प्रति वर्ष हो गई है।
केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने नई दिल्ली में आयोजित ‘सागरमंथन: द ग्रेट ओशन्स डायलॉग 2026’ के दूसरे दिन सऊदी अरब, बेल्जियम और भूटान के साथ महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठकें कीं। इस सम्मेलन के माध्यम से भारत की समुद्री साझेदारी को खाड़ी, यूरोप और पड़ोसी देशों तक विस्तारित किया गया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत की इस पूरी समुद्री यात्रा के केंद्र में देश के युवा और महिलाएं हैं।
समुद्री साझेदारी और वैश्विक सहयोग
केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने सागरमंथन 2026 के मंच से सऊदी अरब, बेल्जियम और भूटान के साथ द्विपक्षीय बातचीत की। सऊदी बंदरगाह प्राधिकरण के प्रतिनिधिमंडल के साथ वधावन और गलाथिया खाड़ी जैसी बड़ी भारतीय बंदरगाह परियोजनाओं में सऊदी अरब की भागीदारी पर गहन चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने जहाज निर्माण, नाविक प्रशिक्षण और मजबूत आपूर्ति श्रृंखलाओं में सहयोग की संभावनाओं को तलाशा। सऊदी अरब ने भारत के समुद्री विकास कोष में भी निवेश करने में रुचि व्यक्त की है।
बेल्जियम की फ्लेमिश गतिशीलता और बंदरगाह मंत्री एनिक डी रिडर के साथ हुई बैठक में भारतीय बंदरगाहों को एंटवर्प-ब्रुग्स से जोड़ने वाले एक हरित शिपिंग कॉरिडोर की संभावना तलाशने का प्रस्ताव रखा गया। इसके अलावा, वीओसी पोर्ट ने एंटवर्प पोर्ट के साथ हरित शिपिंग और हरित ईंधन में क्षमता निर्माण प्रशिक्षण के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। भूटान के अवसंरचना और परिवहन मंत्री ल्योंपो चंद्र बहादुर गुरुंग के साथ राष्ट्रीय जलमार्ग-2 और जोगीघोपा टर्मिनल को वैश्विक व्यापार के लिए भूटान का प्रवेश द्वार बताया गया।
यह भी जानें: भारत के समुद्री क्षेत्र में आए बड़े बदलाव
प्रेस सूचना ब्यूरो के आंकड़ों के अनुसार, पिछले बारह वर्षों में देश के समुद्री बुनियादी ढांचे में अभूतपूर्व सुधार हुआ है। बंदरगाहों की कुल क्षमता 1,561 मिलियन टन प्रति वर्ष से बढ़कर 2,817 मिलियन टन प्रति वर्ष हो गई है। कुल माल ढुलाई 1,052 मिलियन टन से बढ़कर 1,668 मिलियन टन पर पहुंच गई है। इसके अलावा, कंटेनर जहाजों का औसत टर्नअराउंड समय 35 घंटे से घटकर अब केवल 23 घंटे रह गया है।
- सक्रिय महिला नाविकों की संख्या 2021 में 1,599 से बढ़कर 2025 में 7,033 हो गई है।
- भारतीय नाविकों की कुल संख्या 1.27 लाख से बढ़कर 3.23 लाख हो गई है।
- भारत दुनिया में नाविकों का दूसरा सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता बन गया है।
- सागरमंथन 2026 में 70 से अधिक देशों के 1,700 से अधिक प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
युवाओं और महिलाओं के लिए नए अवसर
श्री सोनोवाल ने ‘द फ्यूचर इज़ ब्लू’ और ‘ओशन चेंजमेकर्स: वीमेन, यूथ एंड इंडियाज़ मैरीटाइम जर्नी’ सत्रों में युवा भारतीयों और महिलाओं से संवाद किया। इस दौरान तीनों सेनाओं की महिला अधिकारियों द्वारा गठित एक नौकायन अभियान दल ने भी भाग लिया। सरकार का लक्ष्य मिशन 2030 के माध्यम से मर्चेंट नेवी में महिलाओं की हिस्सेदारी को 20% तक बढ़ाना है। शिपयार्ड और आईटीआई की साझेदारी अब युवाओं को 150 घंटे का ऑन-द-जॉब प्रशिक्षण दे रही है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ा भारत का प्रभाव
केंद्रीय राज्य मंत्री शांतनु ठाकुर ने भी ग्रीस, लिथुआनिया, मोज़ाम्बिक और म्यांमार के प्रतिनिधियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं। लिथुआनिया के साथ जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह प्राधिकरण और क्लैपेडा बंदरगाह के बीच समझौता ज्ञापन पर कार्य योजना प्रस्तावित की गई। म्यांमार के साथ सिटवे बंदरगाह के अगले चरण और सीमा पार अंतर्देशीय जल व्यापार पर चर्चा हुई। भारत नेट ज़ीरो 2070 के लक्ष्य के तहत हरित हाइड्रोजन, अमोनिया और मेथनॉल उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर भी काम कर रहा है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? सागरमंथन 2026 सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य क्या था? उत्तर। इस सम्मेलन का उद्देश्य भारत की समुद्री साझेदारी को खाड़ी, यूरोप और पड़ोसी देशों तक फैलाना तथा हरित शिपिंग और निवेश को बढ़ावा देना था।
प्रश्न? भारतीय नाविकों की वैश्विक रैंकिंग क्या है? उत्तर। भारत अब विश्व में नाविकों का दूसरा सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता बन गया है, जहां वैश्विक कार्यबल का 12% से अधिक हिस्सा भारतीय नाविकों का है।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






