रविवार, सितम्बर 20, 2026

बैंक खाते में बैंक नॉमिनी जोड़ना क्यों जरूरी है और इसका नियम

Date:

बैंक नॉमिनी

बैंक खाते, फिक्स डिपॉजिट और लॉकर में बैंक नॉमिनी का होना परिवार के लिए कानूनी उलझनों को कम करता है। जानिए इसे जोड़ने का पूरा तरीका।

मुख्य बातें

  • बैंक नॉमिनी वह व्यक्ति होता है जो खाताधारक की मृत्यु के बाद बैंक खाते के पैसे या लॉकर की सामग्री को सुरक्षित रूप से प्राप्त करने के लिए अधिकृत होता है।
  • नॉमिनी का मतलब स्वचालित रूप से कानूनी उत्तराधिकारी होना नहीं है, बल्कि वह फंड का ट्रस्टी या रिसीवर होता है।
  • आप बैंक की आधिकारिक नेट बैंकिंग या मोबाइल ऐप के जरिए घर बैठे ऑनलाइन नॉमिनी जोड़ या बदल सकते हैं।
  • शाखा जाकर फॉर्म भरकर भी ऑफलाइन माध्यम से नॉमिनी का नाम दर्ज कराया जा सकता है।

बैंक नॉमिनी वह व्यक्ति होता है जिसे खाताधारक अपने बैंक खाते, फिक्स डिपॉजिट यानी सावधि जमा, रिकरिंग डिपॉजिट और सेफ डिपॉजिट लॉकर के लिए नामांकित करता है। खाताधारक की मृत्यु के बाद बैंक का बैलेंस और अन्य संपत्तियां बिना किसी लंबी कानूनी प्रक्रिया के इस नामित व्यक्ति को सौंप दी जाती हैं। भारतीय रिजर्व बैंक के नियमों के तहत हर बैंक खाते में एक उत्तराधिकारी का नाम दर्ज होना सुरक्षा के लिहाज से बेहद आवश्यक है।

बैंक नॉमिनी क्या है?

बैंक नॉमिनी वह अधिकृत व्यक्ति है जो खाताधारक के निधन के बाद बैंक से जमा राशि प्राप्त करने का हकदार बनता है। यह व्यवस्था इसलिए बनाई गई है ताकि उत्तराधिकारियों को पैसे निकालने के लिए कोर्ट से सक्सेशन सर्टिफिकेट या कानूनी उत्तराधिकार प्रमाण पत्र के लिए सालों न भटकना पड़े। बैंक नॉमिनी का नाम होने पर मृत व्यक्ति के परिजनों को तुरंत राहत मिलती है और बैंक आसानी से प्रक्रिया पूरी कर देता है।

बैंक खाते में बैंक नॉमिनी क्यों जरूरी है?

अक्सर लोग बैंक खाता खोलते समय इस विकल्प को टाल देते हैं, जो बाद में परिवार के लिए बड़ी मुसीबत बन जाता है। यदि खाते में कोई नाम दर्ज नहीं है, तो बैंक खाते के पैसे निकालने के लिए सभी कानूनी वारिसों को नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट और कोर्ट के चक्कर काटने पड़ते हैं। इसमें महीनों या सालभर का समय लग सकता है। नॉमिनी होने से यह प्रक्रिया बेहद आसान हो जाती है और बैंक तुरंत क्लेम सेटलमेंट की प्रक्रिया शुरू कर देता है।

क्या नॉमिनी ही असली कानूनी वारिस होता है?

यह सबसे बड़ा भ्रम है जिसे दूर करना जरूरी है। कानून के अनुसार बैंक नॉमिनी केवल पैसे का संरक्षक या रिसीवर होता है। वह उस धन का वास्तविक मालिक तब तक नहीं बनता, जब तक कि वह मृत व्यक्ति का एकमात्र कानूनी वारिस न हो। यदि खाताधारक ने वसीयत बनाई है, तो संपत्ति और धन वसीयत में उल्लेखित लोगों के बीच ही बांटे जाएंगे। नॉमिनी का कर्तव्य है कि वह बैंक से पैसे लेकर कानूनी वारिसों तक पहुंचाए।

चरण-दर-चरण तरीका: ऑनलाइन बैंक नॉमिनी कैसे जोड़ें?

  1. अपने बैंक के आधिकारिक नेट बैंकिंग पोर्टल या मोबाइल बैंकिंग ऐप में लॉगिन करें।
  2. सर्विस रिक्वेस्ट या रिक्वेस्ट सेक्शन में जाकर ‘ऑनलाइन नॉमिनेशन’ विकल्प को चुनें।
  3. उस बैंक खाते, एफडी या लॉकर का चयन करें जिसमें आप नॉमिनी जोड़ना चाहते हैं।
  4. नॉमिनी का पूरा नाम, जन्म तिथि, खाताधारक के साथ उसका रिश्ता और पता दर्ज करें।
  5. अपनी नेट बैंकिंग पासवर्ड या वन-टाइम पासवर्ड दर्ज करके अनुरोध को सत्यापित और सबमिट करें।

ऑफलाइन फॉर्म भरकर नॉमिनी कैसे बदलें?

यदि आप इंटरनेट बैंकिंग का उपयोग नहीं करते हैं, तो ऑफलाइन माध्यम से भी यह काम आसानी से किया जा सकता है। अपनी बैंक शाखा में जाएं और नॉमिनेशन फॉर्म मांगें। इस फॉर्म को आमतौर पर फॉर्म DA-1 कहा जाता है। फॉर्म में मांगी गई सभी जानकारियां साफ-साफ भरें। नॉमिनी और अपने हस्ताक्षर करें। यदि नॉमिनी नाबालिग है, तो एक अभिभावक का विवरण भी देना अनिवार्य होता है। फॉर्म को बैंक में जमा करने के बाद आपको एक पावती रसीद मिलती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न? क्या एक से अधिक नॉमिनी बनाए जा सकते हैं? उत्तर। कुछ विशेष प्रकार के खातों और फिक्स डिपॉजिट में बैंक के नियमों के अनुसार एक से अधिक लोगों को हिस्सा तय करके नॉमिनी बनाया जा सकता है।

प्रश्न? क्या नाबालिग को नॉमिनी बना सकते हैं? उत्तर। हां, नाबालिग को नॉमिनी बनाया जा सकता है, लेकिन फॉर्म में एक वयस्क व्यक्ति को उसका अभिभावक नियुक्त करना जरूरी होता है।

प्रश्न? क्या नाम बदलने या अपडेट करने का कोई शुल्क लगता है? उत्तर। बैंक खाता नॉमिनी जोड़ने, बदलने या अपडेट करने के लिए सामान्यतः कोई शुल्क नहीं लेते हैं।

यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है, निवेश या वित्तीय सलाह नहीं। कोई भी फैसला लेने से पहले किसी योग्य/सेबी-पंजीकृत सलाहकार से परामर्श करें।

आधिकारिक जानकारी और नवीनतम अपडेट के लिए: https://www.rbi.org.in

यह लेख आज पत्रिका की एक्सप्लेनर डेस्क द्वारा सामान्य जागरूकता के लिए तैयार किया गया है। नियम और प्रक्रियाएं समय-समय पर बदल सकती हैं — कृपया आधिकारिक स्रोत से पुष्टि करें। सुधार/सुझाव: corrections@aajpatrika.com

अभिषेक सिंह
अभिषेक सिंह
अभिषेक सिंह आज पत्रिका में समाचार एवं व्यापार संपादक हैं। वे अर्थव्यवस्था, भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI), बैंकिंग, शेयर बाजार, सरकारी योजनाओं, रोज़गार और भर्ती से जुड़ी खबरों तथा पाठकों के काम आने वाली व्यावहारिक जानकारी (कैसे करें/स्टेप-बाय-स्टेप गाइड) की रिपोर्टिंग और संपादन करते हैं। वे सुनिश्चित करते हैं कि हर आँकड़ा, तिथि और प्रक्रिया आधिकारिक स्रोत से सत्यापित हो और लेख में मूल विज्ञप्ति या पोर्टल का लिंक दिया जाए। किसी गलती की सूचना के लिए: corrections@aajpatrika.com।

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

एसिडिटी के उपाय: गैस और सीने की जलन से राहत पाने के घरेलू तरीके

एसिडिटी के उपाय तलाश रहे हैं? जानिए खानपान में बदलाव, घरेलू नुस्खे और जीवनशैली से गैस और सीने की जलन से तुरंत राहत पाने के आसान तरीके।

सेमिकॉन इंडिया 2026 का समापन, नई दिल्ली में 15 प्रमुख घोषणाएं और समझौते हुए

नई दिल्ली के यशोभूमि में सेमिकॉन इंडिया 2026 का समापन हो गया है, जिसमें स्वदेशी नवाचार और सेमीकंडक्टर कौशल विकास पर 15 नई घोषणाएं की गईं।

सेमिकॉन इंडिया 2026 का समापन: सेमिकॉन 2.0 और 56 नए समझौते

सेमिकॉन इंडिया 2026 का नई दिल्ली में समापन हुआ। जानिए 1,27,500 करोड़ रुपये के सेमिकॉन 2.0 और 56 समझौतों से भारत के टेक सेक्टर पर क्या असर पड़ेगा।

सामुदायिक संसाधन व्यक्ति नेटवर्क से ग्रामीण विकास को मिली नई गति

सामुदायिक संसाधन व्यक्ति के 9 लाख से अधिक कैडर देश भर में तैनात हैं। जानिए कैसे कृषि, बैंकिंग और स्वास्थ्य सेवाओं में आ रहा है बड़ा बदलाव।
हमारे बारे में · संपादकीय नीति · सुधार नीति · स्वामित्व एवं वित्त पोषण · गोपनीयता नीति · संपर्क करें
© 2026 Aaj Patrika