
भारत और मोरक्को के बीच रक्षा संबंधों को प्रगाढ़ बनाने के उद्देश्य से नई दिल्ली में संयुक्त रक्षा समिति की पहली बैठक आयोजित की गई है, जिसमें कई द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा हुई।
मुख्य बातें
- भारत और मोरक्को के बीच संयुक्त रक्षा समिति की पहली बैठक 8 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में हुई।
- बैठक की सह-अध्यक्षता अमिताभ प्रसाद और ब्रिगेडियर जनरल अब्देल्लाह अथमानी ने की।
- वर्ष 2027 में दोनों देश द्विपक्षीय सहयोग की 70वीं वर्षगांठ मनाएंगे।
- मोरक्को का प्रतिनिधिमंडल 7 से 10 सितंबर 2026 तक भारत के दौरे पर है।
भारत मोरक्को रक्षा सहयोग को और अधिक मजबूत करने के लिए 8 सितंबर 2026 को राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में संयुक्त रक्षा समिति की पहली बैठक का आयोजन किया गया। पीआईबी के अनुसार, इस उच्चस्तरीय बैठक में दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने सैन्य शिक्षा, प्रशिक्षण, शांति स्थापना अभियानों और रक्षा उद्योग जैसे विभिन्न क्षेत्रों पर विस्तार से चर्चा की। बैठक का मुख्य उद्देश्य दोनों मित्र देशों के बीच सैन्य और सामरिक साझेदारी को भविष्य की जरूरतों के मुताबिक आकार देना है, जिससे रक्षा उत्पादन और तकनीक के क्षेत्र में नए रास्ते खुल सकें।
भारत मोरक्को रक्षा सहयोग पर मुख्य बैठक
भारत और मोरक्को के बीच संयुक्त रक्षा समिति की पहली बैठक नई दिल्ली में संपन्न हुई जिसमें द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देने पर सहमति बनी। इस विशेष बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने आपसी हित के कई अहम मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जिनमें सैन्य अभ्यास, चिकित्सा सहयोग और साइबर सुरक्षा जैसे संवेदनशील विषय भी शामिल थे। पीआईबी के अनुसार, यह बैठक ऐसे महत्वपूर्ण समय पर आयोजित की गई है जब दोनों देश वर्ष 2027 में अपने द्विपक्षीय सहयोग की 70वीं वर्षगांठ मनाने की तैयारी कर रहे हैं। इस ऐतिहासिक मील के पत्थर से पहले रक्षा संबंधों का इस तरह प्रगाढ़ होना दोनों देशों की कूटनीति के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
- संयुक्त रक्षा समिति की पहली बैठक नई दिल्ली में आयोजित हुई।
- बैठक की सह-अध्यक्षता अमिताभ प्रसाद और ब्रिगेडियर जनरल अब्देल्लाह अथमानी ने की।
- मोरक्को का प्रतिनिधिमंडल 7 से 10 सितंबर 2026 तक भारत के आधिकारिक दौरे पर है।
- वर्ष 2027 में भारत और मोरक्को अपने द्विपक्षीय सहयोग के 70 साल पूरे करेंगे।
नेतृत्व और प्रतिनिधिमंडल का विवरण
पीआईबी की रिपोर्ट के मुताबिक, इस बैठक की सह-अध्यक्षता भारत के रक्षा मंत्रालय के संयुक्त सचिव (अंतर्राष्ट्रीय सहयोग) अमिताभ प्रसाद और मोरक्को की रॉयल आर्म्ड फोर्सेज के द्वितीय ब्यूरो के प्रमुख ब्रिगेडियर जनरल अब्देल्लाह अथमानी ने संयुक्त रूप से की। भारतीय प्रतिनिधिमंडल में रक्षा विभाग, तीनों सेनाओं, एकीकृत रक्षा कार्मिक मुख्यालय, रक्षा उत्पादन विभाग, सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा महानिदेशालय, रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन और विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। मोरक्को के इस प्रतिनिधिमंडल ने अपनी यात्रा की शुरुआत नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय समर स्मारक पर वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करके की। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने डीपीएसयू भवन में भारतीय रक्षा उद्योगों के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की।
सैन्य और तकनीकी साझेदारी का विस्तार
भारत मोरक्को रक्षा सहयोग के तहत दोनों पक्षों ने सह-उत्पादन, संयुक्त उद्यम, प्रौद्योगिकी सहयोग, रखरखाव और दीर्घकालिक साझेदारी की संभावनाओं को तलाशने पर आपसी सहमति जताई है। मोरक्को का यह प्रतिनिधिमंडल भारत की बढ़ती रक्षा उत्पादन क्षमताओं और सैन्य चिकित्सा विशेषज्ञता से सीधा परिचय प्राप्त करने के लिए आर्मी हॉस्पिटल (रिसर्च एंड रेफरल) का दौरा भी करेगा। पिछले साल सितंबर 2025 में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मोरक्को की यात्रा की थी और दोनों देशों के बीच एक रक्षा समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे। वर्तमान में हो रही संयुक्त रक्षा समिति की यह बैठक उसी संस्थागत तंत्र का एक महत्वपूर्ण परिणाम है जो दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास को गहरा करता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? भारत और मोरक्को के बीच संयुक्त रक्षा समिति की पहली बैठक कब और कहां आयोजित हुई?
उत्तर। यह बैठक 8 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित की गई थी।
प्रश्न? बैठक की सह-अध्यक्षता किसने की?
उत्तर। इसकी सह-अध्यक्षता अमिताभ प्रसाद और ब्रिगेडियर जनरल अब्देल्लाह अथमानी ने की।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






