
क्रिकेट में नो-बॉल और फ्री-हिट के नियम हरफनमौला खेल का अहम हिस्सा हैं। जानिए कैसे तय होती है नो-बॉल और क्या मिलते हैं अधिकार।
मुख्य बातें
- नो-बॉल फेंकने पर batting टीम को 1 अतिरिक्त रन और अगली गेंद पर फ्री-हिट मिलती है।
- फ्री-हिट गेंद पर बल्लेबाज रन आउट के अलावा किसी अन्य तरीके से आउट नहीं हो सकता।
- पैर की लाइन पार करना, कमर से ऊपर की फुल टॉस और गलत फील्डिंग सेटअप नो-बॉल के मुख्य कारण हैं।
क्रिकेट में नो-बॉल फ्री-हिट नियम खेल के रोमांच को कई गुना बढ़ा देता है। जब गेंदबाज कोई अवैध गेंद फेंकता है, तो उसे नो-बॉल घोषित किया जाता है और उसके बाद बल्लेबाजी करने वाली टीम को अगली गेंद पर फ्री-हिट का फायदा मिलता है।
नो-बॉल फ्री-हिट क्या है?
नो-बॉल फ्री-हिट आधुनिक सीमित ओवरों के क्रिकेट (टी20 और वनडे) का एक ऐसा नियम है जिसके तहत अंपायर द्वारा नो-बॉल दिए जाने के बाद अगली गेंद पर बल्लेबाज को आउट होने का खतरा नहीं रहता है। इस गेंद पर बल्लेबाज केवल रन आउट हो सकता है। यह नियम बल्लेबाजों को बिना किसी डर के खुलकर शॉट खेलने का मौका देता है।
क्रिकेट में नो-बॉल कब दी जाती है?
अंपायर कई अलग-अलग स्थितियों में नो-बॉल का इशारा कर सकता है। इसमें सबसे आम कारण गेंदबाज द्वारा क्रीज की लाइन पार करना होता है। इसके अलावा भी कई तकनीकी नियम तय किए गए हैं।
- फ्रंट फुट नो-बॉल: जब गेंदबाज का आगे का पैर पॉपिंग क्रीज की लाइन को पार कर जाता है।
- बैक फुट नो-बॉल: जब गेंदबाज का पिछला पैर रिटर्न क्रीज को छू लेता है या क्रॉस कर जाता है।
- कमर से ऊपर की गेंद: बिना टप्पा खाए (फुल टॉस) गेंद यदि बल्लेबाज की कमर की ऊंचाई से ऊपर आती है।
- बाउंसर नियम: एक ओवर में तय सीमा (आमतौर पर दो) से ज्यादा बाउंसर फेंकना।
- फील्डिंग प्रतिबंध: लेग साइड में तय सीमा से अधिक फील्डर खड़े होने पर।
नो-बॉल होने पर क्या दंड मिलता है?
मैच के दौरान नो-बॉल होने पर गेंदबाजी करने वाली टीम को नुकसान उठाना पड़ता है। सबसे पहले बल्लेबाजी टीम के खाते में 1 अतिरिक्त रन जुड़ जाता है। इसके अलावा गेंदबाज को उस गेंद की भरपाई के लिए एक वैध गेंद और फेंकनी पड़ती है। सीमित ओवरों के मैचों में इस अवैध गेंद के ठीक बाद की गेंद को फ्री-हिट घोषित किया जाता है।
फ्री-हिट के दौरान कौन से नियम लागू होते हैं?
फ्री-हिट मिलने पर खेल की स्थिति पूरी तरह से बदल जाती है। बल्लेबाज खुलकर अपने शॉट्स का प्रयास करता है क्योंकि उसके पास खोने के लिए कुछ नहीं होता।
- बल्लेबाज बोल्ड, कैच आउट, स्टंप आउट या एलपीडब्ल्यू (LBW) आउट नहीं हो सकता है।
- यदि बल्लेबाज गेंद को हिट करने के बाद रन लेते समय क्रीज से बाहर रह जाता है, तो उसे रन आउट किया जा सकता है।
- विकेटकीपर द्वारा गेंद स्टंप्स पर लगाने से पहले यदि बल्लेबाज रन पूरा नहीं कर पाता, तो रन आउट माना जाएगा।
नो-बॉल फ्री-हिट से जुड़ी खास बातें
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) के नियमों के अनुसार फ्री-हिट केवल पैर की नो-बॉल पर ही नहीं, बल्कि कमर से ऊपर की नो-बॉल पर भी लागू होती है। हालांकि, यदि गेंदबाज अगली गेंद भी नो-बॉल फेंक देता है, तो उससे अगली गेंद भी फ्री-हिट बन जाती है। इस दौरान विकेटकीपर और फील्डर्स की स्थिति में कोई बदलाव नहीं किया जा सकता है, सिवाय इसके कि बल्लेबाज रन लेते समय क्रॉस कर चुके हों।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? क्या फ्री-हिट पर बल्लेबाज कैच आउट हो सकता है?
उत्तर। नहीं, फ्री-हिट गेंद पर कैच आउट होने का नियम लागू नहीं होता।
प्रश्न? क्या टेस्ट क्रिकेट में फ्री-हिट मिलती है?
उत्तर। नहीं, पारंपरिक टेस्ट क्रिकेट में फ्री-हिट का नियम लागू नहीं होता है, केवल नो-बॉल का 1 रन और एक्स्ट्रा गेंद मिलती है।
प्रश्न? नो-बॉल पर रन आउट कैसे हो सकते हैं?
उत्तर। यदि बल्लेबाज रन लेते वक्त क्रीज तक नहीं पहुंच पाता और गिल्लियां बिखर जाती हैं, तो उसे रन आउट माना जाता है।
यह लेख आज पत्रिका की एक्सप्लेनर डेस्क द्वारा सामान्य जागरूकता के लिए तैयार किया गया है। नियम और प्रक्रियाएं समय-समय पर बदल सकती हैं — कृपया आधिकारिक स्रोत से पुष्टि करें। सुधार/सुझाव: corrections@aajpatrika.com






