शनिवार, सितम्बर 5, 2026

पंजाब विश्वविद्यालय में उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने नई अनुसंधान सुविधाओं का किया उद्घाटन

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पंजाब विश्वविद्यालय

उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ का दौरा कर उन्नत वैज्ञानिक उपकरणों और टेक इनोवेशन फोरम का शुभारंभ किया।

मुख्य बातें

  • उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ का दौरा किया।
  • एसएआईएफ/सीआईएल में पांच उन्नत वैज्ञानिक उपकरणों की स्थापना की गई।
  • पंजाब विश्वविद्यालय टेक इनोवेशन फोरम (पीयू-टीआईएफ) का भी उद्घाटन किया गया।
  • कार्यक्रम में पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया और अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

पंजाब विश्वविद्यालय के पदेन कुलाधिपति और देश के उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने चंडीगढ़ स्थित परिसर का दौरा किया। पीआईबी के अनुसार, इस दौरे के दौरान उन्होंने सोफिस्टिकेटेड एनालिटिकल इंस्ट्रूमेंट फैसिलिटी/सेंट्रल इंस्ट्रूमेंटेशन लेबोरेटरीज (एसएआईएफ/सीआईएल) में उन्नत इंस्ट्रूमेंटेशन सुविधा का औपचारिक उद्घाटन किया। इसके साथ ही उन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय टेक इनोवेशन फोरम (पीयू-टीआईएफ) का भी शुभारंभ किया। ये दोनों केंद्र शैक्षणिक, अनुप्रयुक्त और ट्रांसलेशनल अनुसंधान पारितंत्र के अहम स्तंभ हैं, जो शोधकर्ताओं और उद्योगों को उन्नत विश्लेषणात्मक व उद्यमशीलता संबंधी सहायता प्रदान करते हैं।

पंजाब विश्वविद्यालय में उन्नत वैज्ञानिक सुविधाओं का शुभारंभ

पंजाब विश्वविद्यालय में आयोजित समारोह के दौरान उपराष्ट्रपति ने कहा कि पांच नए उन्नत वैज्ञानिक उपकरणों की स्थापना से संस्थान की अनुसंधान क्षमताएं कई गुना बढ़ जाएंगी। इन उपकरणों में एटॉमिक फोर्स माइक्रोस्कोप, रमन स्पेक्ट्रोमीटर, डीएनए सीक्वेंसर, फ्लो साइटोमीटर और एफटीआईआर स्पेक्ट्रोमीटर शामिल हैं, जो नैनोटैक्नोलॉजी, पदार्थ विज्ञान, पर्यावरण विज्ञान और जीनोमिक्स के क्षेत्रों में शोध को मजबूती देंगे।

संयंत्र और प्रयोगशालाओं के आधुनिकीकरण की यह पहल उच्च शिक्षा के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश का वैज्ञानिक अनुसंधान पारितंत्र तेजी से विकसित हो रहा है। आज भारत को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और नवाचार के वैश्विक गंतव्य के रूप में देखा जा रहा है, जहां युवा वैज्ञानिकों को आगे बढ़ने के लिए निरंतर नए अवसर मिल रहे हैं।

नवाचार और तकनीकी विकास के नए आयाम

उपराष्ट्रपति ने सभा को संबोधित करते हुए 1882 में स्थापित इस संस्थान की गौरवशाली विरासत को याद किया। उन्होंने कहा कि बायो-नेस्ट का सेक्शन 8 गैर-लाभकारी कंपनी के रूप में पंजाब विश्वविद्यालय टेक इनोवेशन फोरम में रूपांतरण एक नया संस्थागत ढांचा तैयार करता है। जब शिक्षा जगत, उद्योग और निवेशक मिलकर काम करते हैं, तभी सही मायनों में नवाचार फलता-फूलता है।

  • एसएआईएफ/सीआईएल में पांच उन्नत वैज्ञानिक उपकरणों की स्थापना की गई।
  • पीयू-टीआईएफ के जरिए शोधकर्ताओं और नवोन्मेषकों को इनक्यूबेशन सहायता मिलेगी।
  • परिसर की सुरक्षा के लिए एक आंतरिक समिति का गठन कर विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है।
  • छात्रों को नशामुक्त भारत अभियान में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया गया।

युवा शोधकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने आग्रह किया कि वे उद्देश्यपूर्ण ढंग से विज्ञान का अनुसरण करें और ऐसे नवाचार विकसित करें जो समाज की वास्तविक जरूरतों को पूरा कर सकें।

परिसर की सुरक्षा और नशामुक्त अभियान

परिसर की सुरक्षा के मुद्दे पर उपराष्ट्रपति ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि एक पीएच.डी. छात्र की दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु के बाद उन्होंने अधिकारियों को तुरंत पूरे परिसर का व्यापक सुरक्षा ऑडिट करने के निर्देश दिए थे। इसके लिए एक आंतरिक समिति का गठन किया गया है, जो मौजूदा अवसंरचना की समीक्षा कर विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्रों और कर्मचारियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके अलावा, उन्होंने युवाओं से ‘नशामुक्त भारत’ के निर्माण में सहयोग देने की अपील भी की।

इस अवसर पर पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया, हरियाणा के राज्यपाल प्रो. आशिम कुमार घोष, लोकसभा सांसद मनीष तिवारी और पंजाब विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर मीनाक्षी गोयल समेत कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न? पंजाब विश्वविद्यालय में किन नई सुविधाओं का उद्घाटन किया गया है?

उत्तर। उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने उन्नत इंस्ट्रूमेंटेशन सुविधा (एसएआईएफ/सीआईएल) और पंजाब विश्वविद्यालय टेक इनोवेशन फोरम (पीयू-टीआईएफ) का उद्घाटन किया।

प्रश्न? इस उद्घाटन समारोह में कौन-कौन प्रमुख हस्ती उपस्थित थीं?

उत्तर। इस अवसर पर पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया, हरियाणा के राज्यपाल प्रो. आशिम कुमार घोष और कुलपति प्रोफेसर मीनाक्षी गोयल उपस्थित थे।

यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com

दीक्षा कुमारी
दीक्षा कुमारी
दीक्षा कुमारी आज पत्रिका में वरिष्ठ संपादक हैं और शिक्षा, परीक्षाएँ एवं परिणाम, खेल, मनोरंजन, धर्म-संस्कृति तथा लाइफस्टाइल कवरेज की ज़िम्मेदारी संभालती हैं। वे परीक्षा अधिसूचनाओं, रिजल्ट, प्रवेश प्रक्रिया, त्योहारों की परंपराओं और स्वास्थ्य-जीवनशैली से जुड़ी सामग्री को सरल, सटीक और सत्यापित रूप में पाठकों तक पहुँचाती हैं। स्वास्थ्य से जुड़े लेखों में वे हमेशा योग्य विशेषज्ञ से सलाह लेने की सलाह जोड़ती हैं। सुझाव/सुधार: corrections@aajpatrika.com।

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