
विशेष अभियान 3 के तहत केंद्र सरकार ने 2,306 लंबे समय से अटकी पेंशन शिकायतों का निपटारा किया, जिसमें रक्षा पेंशनभोगियों को लाखों रुपये का बकाया जारी किया गया।
मुख्य बातें
- 7 जुलाई से 31 अगस्त 2026 तक चले विशेष अभियान 3 के तहत 2,306 पेंशन शिकायतों का निवारण हुआ।
- 40 केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों के समन्वित प्रयासों से 72 प्रतिशत समाधान दर हासिल की गई।
- अंगूरी देवी को 37.40 लाख रुपये और सरनजीत कौर को 31.17 लाख रुपये का एरियर भुगतान मिला।
- सुलझाए गए अधिकांश मामले ग्रामीण क्षेत्रों के पेंशनभोगियों और उनके परिवारों से जुड़े हैं।
केंद्र सरकार के पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग (डीओपीपीडब्ल्यू) ने विशेष अभियान 3 के तहत पेंशन शिकायत निवारण प्रक्रिया को तेज करते हुए 2,306 लंबित मामलों का सफलतापूर्वक निपटारा किया है। पीआईबी के अनुसार, 7 जुलाई 2026 से 31 अगस्त 2026 तक चले इस अभियान के तहत केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में वर्षों से अटके पेंशन दावों को निपटाया गया। इस समन्वित प्रयास में 40 मंत्रालयों और विभागों ने हिस्सा लिया, जिसके चलते 72 प्रतिशत की समाधान दर हासिल की गई।
पेंशन शिकायत निवारण के तहत क्या बड़ी राहत मिली है?
पेंशन शिकायत निवारण के तहत केंद्र सरकार के विशेष अभियान 3 के दौरान 31 अगस्त 2026 तक 2,306 पुरानी शिकायतों का समाधान किया गया है। 40 मंत्रालयों और विभागों के समन्वित प्रयासों से 72 प्रतिशत मामलों का निष्पादन हुआ, जिससे कई रक्षा पेंशनभोगियों को लाखों रुपये का बकाया भुगतान प्राप्त हुआ है।
विशेष अभियान 3 में पेंशन शिकायत निवारण की स्थिति
डीओपीपीडब्ल्यू द्वारा संचालित पेंशन शिकायत निवारण अभियान के तीसरे संस्करण की शुरुआत 7 जुलाई 2026 को की गई थी, जिसका औपचारिक समापन 31 अगस्त 2026 को हुआ। इस अभियान को दो मुख्य चरणों में विभाजित किया गया था—पहला तैयारी चरण और दूसरा कार्यान्वयन चरण। तैयारी चरण के दौरान सभी केंद्रीय मंत्रालयों, विभागों और उनके अधीनस्थ कार्यालयों को ऑनलाइन और प्रत्यक्ष माध्यम से प्राप्त पुरानी लंबित समस्याओं की पहचान करने के सख्त निर्देश दिए गए थे।
तैयारी चरण के तहत विभिन्न मंत्रालयों ने 1,062 विशेष लक्षित मामलों को चिन्हित किया। इसके अलावा, सीपीईएनजीआरएएमएस (CPENGRAMS) पोर्टल पर एक महीने से अधिक समय से लंबित 2,131 पेंशन शिकायत निवारण मामलों को समाधान के लिए कार्यसूची में जोड़ा गया। इस प्रकार कुल 3,193 मामले इस विशेष मुहिम का हिस्सा बने। कार्यान्वयन चरण के दौरान विभाग ने अंतर-मंत्रालयी बैठकों और समीक्षा सत्रों के माध्यम से प्रगति का निरंतर मूल्यांकन किया।
प्रमुख पेंशनभोगियों को मिले लाखों रुपये के बकाये
इस अभियान के दौरान सालों से लंबित पड़े रक्षा पेंशनभोगियों और उनके परिजनों के बकाये राशि का भुगतान किया गया। कुल निपटाए गए मामलों में से कई ऐसे उदाहरण सामने आए हैं जहां पेंशनभोगियों को दशक से अधिक समय का एरियर प्राप्त हुआ है।
विशेष अभियान 3 के तहत निपटाए गए प्रमुख मामलों की सूची नीचे दी गई है:
- सुश्री अंगूरी देवी: रक्षा पेंशनभोगी की पत्नी को सामान्य और विशेष पारिवारिक पेंशन के अंतर के रूप में 1 जनवरी 1996 से 37.40 लाख रुपये की बकाया राशि मिली।
- सुश्री सरनजीत कौर: सेना के जवान की माता को 28 जुलाई 2008 से बकाया विशेष पारिवारिक पेंशन एरियर के रूप में 18.57 लाख रुपये और अनुग्रह राशि के 12.60 लाख रुपये (कुल 31.17 लाख रुपये) प्राप्त हुए।
- सुश्री कोरांगा लक्ष्मी: रक्षा पेंशनभोगी की पत्नी को जून 2011 से फरवरी 2026 तक के पारिवारिक पेंशन एरियर के तौर पर 30.15 लाख रुपये का भुगतान किया गया।
- श्री इदान सिंह: रक्षा पेंशनभोगी के पक्ष में 16 सितंबर 2016 से 30 लाख रुपये की विकलांगता पेंशन बकाया का निपटारा हुआ।
- श्री कपूर सिंह: रक्षा पेंशनभोगी को 1 जनवरी 2006 से वॉर इंजरी एलिमेंट के बकाये के रूप में 26.12 लाख रुपये की राशि दी गई।
- श्री रंजीत सिंह: रक्षा पेंशनभोगी को अक्टूबर 2004 से दिसंबर 2023 तक के टाइम-बार्ड सर्विस पेंशन एरियर के रूप में 25.99 लाख रुपये का भुगतान किया गया।
- सुश्री रुक्मणी नायर: रक्षा पेंशनभोगी की पत्नी को 24 सितंबर 2012 से दोहरी पारिवारिक पेंशन का 19 लाख रुपये का एरियर मिला।
- सुश्री जयलक्ष्मी कर्णन: रक्षा पेंशनभोगी की दिव्यांग आश्रित बेटी को जून 2013 से पारिवारिक पेंशन एरियर के 16.70 लाख रुपये जारी किए गए।
- श्रीमती सिमरतो: रक्षा पेंशनभोगी की पत्नी को 1 जनवरी 1996 से उदार पारिवारिक पेंशन के एरियर के रूप में 10.66 लाख रुपये मिले।
- सुश्री सुनैना कुमारी: रक्षा पेंशनभोगी की विधवा बेटी को 18 मार्च 2022 से पारिवारिक पेंशन एरियर के 6.27 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई।
ग्रामीण क्षेत्रों में पेंशन शिकायत निवारण का प्रभाव
आंकड़ों के विश्लेषण से स्पष्ट होता है कि पेंशन शिकायत निवारण का सबसे बड़ा लाभ ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले पेंशनभोगियों और पारिवारिक पेंशनभोगियों तक पहुंचा है। दूरदराज के इलाकों में रहने वाले बुजुर्गों के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटना हमेशा से एक बड़ी चुनौती रहा है। विभिन्न सरकारी पोर्टल और सीपीईएनजीआरएएमएस के माध्यम से ऑनलाइन पेंशन शिकायत निवारण की सुविधा ने ग्रामीण इलाकों के नागरिकों की पहुंच सुलभ बनाई है।
इस अभियान के दौरान जिस तरह से ग्रामीण क्षेत्रों से आई शिकायतों का निपटारा किया गया है, उससे डिजिटल विभाजन को कम करने में सफलता मिली है। केंद्रीय पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग के अनुसार, ऑनलाइन व्यवस्था के माध्यम से शिकायतों को दर्ज करना और उनकी डिजिटल ट्रैकिंग करना पेंशनभोगियों के लिए अत्यधिक सुविधाजनक साबित हुआ है। इससे दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले उन पेंशनभोगियों को सीधा वित्तीय न्याय मिला है जो कागजी प्रक्रियाओं के कारण वर्षों से अपनी वैध राशि से वंचित थे।
पेंशन शिकायत निवारण के लिए आगे की प्रक्रिया
विशेष अभियान 3 के समापन के बाद भी प्रक्रिया पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन 28 प्रतिशत मामलों का समाधान अभी नहीं हो पाया है, वहां पेंशन शिकायत निवारण के लिए निरंतर फॉलो-अप जारी रहेगा। कुल 3,193 मामलों में से 2,306 का समाधान होने के बाद शेष 887 मामलों पर संबंधित मंत्रालयों के साथ प्रशासनिक समन्वय स्थापित किया जा रहा है।
विभाग का मुख्य ध्यान इस बात पर है कि प्रशासनिक देरी, दस्तावेज सत्यापन की कमी या अन्य तकनीकी कारणों से लटके मामलों का भी जल्द निष्पादन हो। पेंशनभोगियों के जीवन को सरल बनाने के लिए नियमित समीक्षा बैठकों का आयोजन किया जा रहा है, ताकि केंद्रीय सेवाओं से सेवानिवृत्त कर्मचारियों और उनके आश्रितों को उनके अधिकारों से वंचित न रहना पड़े।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न: केंद्र सरकार के पोर्टल पर पेंशन शिकायत निवारण कैसे होता है? उत्तर: केंद्र सरकार का सीपीईएनजीआरएएमएस पोर्टल पेंशनभोगियों को ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने और उसकी ट्रैकिंग करने की सुविधा देता है, जिससे समयबद्ध समाधान सुनिश्चित होता है।
प्रश्न: विशेष अभियान 3 में पेंशन शिकायत निवारण की सफलता दर क्या रही? उत्तर: इस अभियान के तहत कुल 3,193 मामलों में से 2,306 मामलों को निपटाया गया, जिससे सफलता दर 72 प्रतिशत रही।
प्रश्न: पेंशन शिकायत निवारण अभियान कब से कब तक आयोजित किया गया था? उत्तर: विशेष अभियान 3 का तैयारी और कार्यान्वयन चरण 7 जुलाई 2026 से शुरू होकर 31 अगस्त 2026 को संपन्न हुआ।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






