
इटली के तुरिन में आयोजित 19वें अंतरराष्ट्रीय पृथ्वी विज्ञान ओलंपियाड में भारतीय छात्रों ने 4 स्वर्ण समेत 9 पदक जीते। केंद्रीय मंत्री डॉ. जीतेंद्र सिंह ने विजेताओं को सम्मानित किया।
मुख्य बातें
- इटली के तुरिन में 20 से 27 अगस्त 2026 तक आयोजित 19वें अंतरराष्ट्रीय पृथ्वी विज्ञान ओलंपियाड में भारत ने कुल 9 पदक (4 स्वर्ण, 3 रजत, 2 कांस्य) जीते।
- पश्चिम बंगाल के सौमिक मंडल ने 2 स्वर्ण और 1 रजत जीतकर 39 देशों के प्रतियोगियों में समग्र वैश्विक रैंकिंग में तीसरा स्थान प्राप्त किया।
- केंद्रीय मंत्री डॉ. जीतेंद्र सिंह ने 4 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के पृथ्वी भवन में विजेता स्कूली छात्रों को सम्मानित किया।
- अखिल भारतीय प्रारंभिक परीक्षा में 500 केंद्रों पर 17,800 छात्रों ने भाग लिया था, जिनमें से चयनित 25 छात्रों को वडोदरा की एम.एस. यूनिवर्सिटी में प्रशिक्षण दिया गया।
अंतरराष्ट्रीय पृथ्वी विज्ञान ओलंपियाड 2026 में भारतीय स्कूली छात्रों के दल ने कुल नौ पदक जीतकर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के केंद्रीय मंत्री डॉ. जीतेंद्र सिंह ने 4 सितंबर 2026 को नई दिल्ली स्थित पृथ्वी भवन में विजयी टीम के सदस्यों का अभिनंदन किया। इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारतीय टीम ने 4 स्वर्ण, 3 रजत और 2 कांस्य पदक अपने नाम किए हैं।
पृथ्वी विज्ञान ओलंपियाड 2026 में भारत का प्रदर्शन कैसा रहा?
19वें अंतरराष्ट्रीय पृथ्वी विज्ञान ओलंपियाड 2026 में भारतीय छात्रों ने कुल नौ पदक जीतकर देश के लिए इतिहास रच दिया। इटली के तुरिन में आयोजित इस स्पर्धा में भारत ने 4 स्वर्ण, 3 रजत और 2 कांस्य पदक हासिल किए। 39 देशों के प्रतिभागियों के बीच भारतीय टीम ने लिखित परीक्षा, व्यावहारिक परीक्षा, अंतरराष्ट्रीय टीम फील्ड जांच और पृथ्वी विज्ञान परियोजना की श्रेणियों में शानदार अंक प्राप्त किए।
सराहना बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री डॉ. जीतेंद्र सिंह ने विजेताओं, उनके अभिभावकों और उनके विद्यालयों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार युवाओं की मौलिक वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने और उन्हें पृथ्वी प्रणाली विज्ञान में अनुसंधान के लिए प्रेरित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
कार्यक्रम में पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव डॉ. टी. श्रीनिवास कुमार भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि ओलंपियाड के इतिहास में यह भारत की ओर से दर्ज किया गया सबसे अधिक पदक संख्या वाला प्रदर्शन है।
पृथ्वी विज्ञान ओलंपियाड के विजेता छात्रों की सूची और उनकी उपलब्धियां
इस वर्ष भारतीय टीम के सभी चार सदस्यों ने विभिन्न श्रेणियों में पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया। विजेताओं का विवरण इस प्रकार है:
- सौमिक मंडल: डीएवी मॉडल स्कूल, दुर्गापुर (पश्चिम बंगाल) के छात्र सौमिक मंडल ने 2 स्वर्ण और 1 रजत पदक जीता। वे 39 देशों के सभी प्रतिस्पर्धियों के बीच वैश्विक स्तर पर तीसरे स्थान पर रहे।
- एरन मैती: डीएवी मॉडल स्कूल, आईआईटी-खड़गपुर (पश्चिम बंगाल) के छात्र एरन मैती ने अपनी स्पर्धाओं में 1 स्वर्ण और 1 कांस्य पदक प्राप्त किया।
- ऋद्धि रंजन: ज्ञान अस्थली इंटरनेशनल स्कूल, पटना (बिहार) की छात्रा ऋद्धि रंजन ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 1 स्वर्ण और 1 रजत पदक जीता।
- मोहम्मद एहतेषाम रिज़वी: जवाहर नवोदय विद्यालय (बिहार) के छात्र मोहम्मद एहतेषाम रिज़वी ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर 1 रजत और 1 कांस्य पदक अपने नाम किया।
अंतरराष्ट्रीय पृथ्वी विज्ञान ओलंपियाड के लिए चयन और प्रशिक्षण प्रक्रिया
इटली के तुरिन में 20 से 27 अगस्त 2026 तक आयोजित इस प्रतियोगिता में भाग लेने से पहले भारतीय छात्रों को एक कड़े चयन दौर से गुजरना पड़ा। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के समर्थन से जियोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया ने देश भर के 500 केंद्रों पर एक अखिल भारतीय परीक्षा आयोजित की थी। इस परीक्षा में लगभग 17,800 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया था।
प्रारंभिक परीक्षा के आधार पर चुने गए शीर्ष 25 मेधावी छात्रों के लिए जून 2026 में गुजरात की एम.एस. यूनिवर्सिटी, वडोदरा में तीन सप्ताह का गहन आवासीय प्रशिक्षण शिविर लगाया गया। इस शिविर में विषय विशेषज्ञों ने छात्रों को भूविज्ञान, मौसम विज्ञान और पर्यावरण विज्ञान के व्यावहारिक सिद्धांतों का प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण के बाद अंतिम मूल्यांकन के आधार पर चार छात्रों की राष्ट्रीय टीम का गठन किया गया।
पृथ्वी विज्ञान अनुसंधान को बढ़ावा देने की राष्ट्रीय पहल
भारत सरकार स्कूली स्तर पर विद्यार्थियों में वैज्ञानिक समझ विकसित करने के उद्देश्य से पृथ्वी विज्ञान ओलंपियाड जैसी पहलों को निरंतर सहायता प्रदान कर रही है। इसका मुख्य उद्देश्य देश में भूवैज्ञानिकों और पर्यावरण शोधकर्ताओं की नई पीढ़ी को तैयार करना है।
पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय ओलंपियाड के अलावा कई प्रमुख राष्ट्रीय कार्यक्रमों का संचालन भी कर रहा है। इनमें समुद्र के रहस्यों और संसाधनों के अध्ययन के लिए ‘डीप ओशन मिशन’, मौसम पूर्वानुमान प्रणालियों को आधुनिक बनाने के लिए ‘मिशन मौसम’ और समग्र पृथ्वी प्रणाली अनुसंधान के लिए ‘पृथ्वी’ योजना शामिल हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न: 19वां अंतरराष्ट्रीय पृथ्वी विज्ञान ओलंपियाड कहां आयोजित किया गया था?
उत्तर: 19वां अंतरराष्ट्रीय पृथ्वी विज्ञान ओलंपियाड 20 से 27 अगस्त 2026 के दौरान इटली के तुरिन शहर में आयोजित किया गया था, जिसमें 39 देशों ने भाग लिया।
प्रश्न: पृथ्वी विज्ञान ओलंपियाड 2026 में भारत को कितने पदक मिले?
उत्तर: भारतीय छात्रों की टीम ने कुल 9 पदक जीते, जिनमें 4 स्वर्ण, 3 रजत और 2 कांस्य पदक शामिल हैं।
प्रश्न: इस ओलंपियाड के लिए भारतीय टीम का चयन कौन करता है?
उत्तर: पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के तत्वावधान में जियोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया राष्ट्रीय स्तर की लिखित परीक्षा और वडोदरा में आयोजित प्रशिक्षण शिविर के जरिए टीम का चयन करती है।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






