
डिजिटल भुगतान के इस दौर में यूपीआई फ्रॉड से बचना बहुत जरूरी है। जानिए कैसे सुरक्षित रहें और धोखा होने पर क्या कदम उठाएं।
मुख्य बातें
- पैसे प्राप्त करने के लिए कभी भी यूपीआई पिन दर्ज नहीं करना पड़ता है।
- किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ स्क्रीन शेयरिंग ऐप डाउनलोड न करें।
- धोखाधड़ी होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।
- अपनी शिकायत cybercrime.gov.in पोर्टल पर समय रहते दर्ज कराएं।
यूपीआई फ्रॉड से बचने के लिए आपको यह जानना जरूरी है कि किसी भी बैंक खाते में पैसे रिसीव करने के लिए कभी भी यूपीआई पिन (UPI PIN) की जरूरत नहीं होती है। ऑनलाइन भुगतान के बढ़ते चलन के साथ साइबर ठग नए-नए तरीके अपना रहे हैं, इसलिए सतर्क रहना सबसे बड़ा बचाव है।
यूपीआई फ्रॉड क्या है?
यूपीआई फ्रॉड डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म जैसे गूगल पे, फोनपे या पेटीएम के जरिए होने वाली धोखाधड़ी है, जिसमें ठग फर्जी क्यूआर कोड, फेक कलेक्ट रिक्वेस्ट या लॉटरी का झांसा देकर लोगों के बैंक खाते खाली कर देते हैं। इस तरह के मामलों में एनपीसीआई और बैंक लगातार ग्राहकों को जागरूक करते रहते हैं।
यूपीआई फ्रॉड से बचने के तरीके
- पैसे लेते समय कभी भी अपना यूपीआई पिन दर्ज न करें क्योंकि पिन केवल पैसे भेजने के लिए होता है।
- किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपने फोन में एनीडेस्क या टीमव्यूअर जैसे स्क्रीन-शेयरिंग ऐप इंस्टॉल न करें।
- सोशल मीडिया या इंटरनेट पर मिले अनधिकृत कस्टमर केयर नंबरों पर कॉल करने से बचें।
- अनजान स्रोतों से आए क्यूआर कोड को स्कैन करके पेमेंट करने से पूरी तरह परहेज करें।
- अपने बैंक खाते का पासवर्ड और यूपीआई पिन किसी के भी साथ साझा न करें।
गलती से धोखाधड़ी होने पर क्या करें?
अगर आपके साथ यूपीआई फ्रॉड हो गया है, तो बिना समय गंवाए सबसे पहले अपने बैंक को फोन करके खाता ब्लॉक करवाएं। इसके बाद तुरंत साइबर क्राइम की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। जितनी जल्दी आप शिकायत दर्ज करेंगे, पैसे वापस मिलने की संभावना उतनी ही बढ़ जाती है।
साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 का उपयोग करें
भारत सरकार ने वित्तीय धोखाधड़ी के लिए विशेष रूप से 1930 हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। आप किसी भी समय इस नंबर पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। ऑपरेटर को अपने लेन-देन की पूरी जानकारी और ट्रांजैक्शन आईडी दें।
आधिकारिक पोर्टल पर शिकायत कैसे दर्ज करें?
डिजिटल धोखाधड़ी की रिपोर्ट करने के लिए आपको नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल का उपयोग करना चाहिए। इस पोर्टल पर जाकर ‘Report Cyber Crime’ विकल्प चुनें। अपनी ट्रांजैक्शन का स्क्रीनशॉट और बैंक का विवरण सुरक्षित रखें, जो शिकायत दर्ज करते समय काम आएगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? क्या पैसे रिसीव करते समय पिन डालना पड़ता है? उत्तर। बिल्कुल नहीं, पैसे भेजने के लिए ही पिन की जरूरत होती है, रिसीव करने के लिए कभी नहीं।
प्रश्न? फ्रॉड होने पर कितने समय के भीतर शिकायत करनी चाहिए? उत्तर। घटना के तुरंत बाद या पहले ‘गोल्डन आवर्स’ यानी शुरुआती घंटों में शिकायत करना सबसे प्रभावी होता है।
प्रश्न? फर्जी कस्टमर केयर नंबर से कैसे बचें? उत्तर। हमेशा बैंक या ऐप के आधिकारिक ऐप के भीतर दिए गए हेल्प सेक्शन से ही संपर्क नंबर लें।
यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है, निवेश या वित्तीय सलाह नहीं। कोई भी फैसला लेने से पहले किसी योग्य/सेबी-पंजीकृत सलाहकार से परामर्श करें।
आधिकारिक जानकारी और नवीनतम अपडेट के लिए: https://cybercrime.gov.in
यह लेख आज पत्रिका की एक्सप्लेनर डेस्क द्वारा सामान्य जागरूकता के लिए तैयार किया गया है। नियम और प्रक्रियाएं समय-समय पर बदल सकती हैं — कृपया आधिकारिक स्रोत से पुष्टि करें। सुधार/सुझाव: corrections@aajpatrika.com






