
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा अगस्त 2026 के दौरान सिटीजन चार्टर के अंतर्गत प्राप्त, संसाधित और लंबित आवेदनों का सारांश जारी कर दिया गया है।
मुख्य बातें
- भारतीय रिज़र्व बैंक के अनुसार अगस्त 2026 के महीने में कुल 18,099 नए आवेदन प्राप्त हुए।
- समीक्षा अवधि के दौरान 17,554 आवेदनों का निष्पादन तय समय सीमा के भीतर किया गया।
- महीने के अंत तक कुल 3,011 आवेदन लंबित बचे हुए थे।
- सिटीजन चार्टर के अंतर्गत कुल सेवाओं की संख्या 213 बनी हुई है।
रिजर्व बैंक ने अगस्त 2026 महीने के लिए अपने सिटीजन चार्टर के तहत आने वाले आवेदनों के प्रदर्शन का पूरा विवरण सार्वजनिक कर दिया है। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में विभिन्न विभागों में नागरिकों और संस्थाओं द्वारा भेजे गए आवेदनों पर तेजी से कार्रवाई की गई है। केंद्रीय बैंक द्वारा समय-समय पर अपनी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए ऐसे आंकड़े साझा किए जाते हैं ताकि जनता को सेवाओं की स्थिति स्पष्ट रूप से पता चल सके।
रिजर्व बैंक का अगस्त 2026 का आवेदन डेटा
पीआईबी के अनुसार, अगस्त 2026 की शुरुआत में कुल 3,258 आवेदन लंबित थे और महीने के दौरान 18,099 नए आवेदन प्राप्त हुए। इसके अलावा, 778 आवेदनों को अतिरिक्त जानकारी के लिए संबंधित आवेदकों के पास वापस भेजा गया था। कुल मिलाकर विचारणीय आवेदनों की संख्या 20,579 रही। इनमें से अधिकांश मामलों का निपटारा निर्धारित समय सीमा के भीतर ही कर लिया गया, जो केंद्रीय बैंक की कार्यकुशलता को दर्शाता है।
- महीने की शुरुआत में लंबित आवेदन: 3,258
- महीने के दौरान प्राप्त कुल आवेदन: 18,099
- समय सीमा के भीतर संसाधित आवेदन: 17,554 (99.9%)
- महीने के अंत में कुल लंबित आवेदन: 3,011
विभिन्न कार्यों के अंतर्गत आवेदनों की स्थिति
रिजर्व बैंक की रिपोर्ट के अनुसार, ‘बैंकर टू बैंक्स एंड गवर्नमेंट्स’ और ‘करेंसी मैनेजमेंट’ जैसे क्षेत्रों में सबसे अधिक आवेदन प्राप्त हुए। करेंसी मैनेजमेंट के तहत 7,760 आवेदन मिले जिनमें से अधिकांश का समय पर निपटारा हुआ। इसी तरह फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट और रेगुलेशन एंड सुपरविजन के अंतर्गत भी हजारों की संख्या में आवेदन संसाधित किए गए। जिन मामलों में देरी हुई, उनके पीछे बाहरी एजेंसियों से इनपुट का इंतजार या प्रक्रिया का जारी होना मुख्य कारण रहा है।
केंद्रीय बैंक ने यह भी जानकारी दी है कि वह नियमित रूप से अपने सिटीजन चार्टर के तहत आने वाली सेवाओं की समीक्षा करता है। हालिया समीक्षा के आधार पर दो सेवाओं के मामले में समय सीमा में संशोधन किया गया है, जबकि चार्टर के अंतर्गत कुल सेवाओं की संख्या 213 पर बरकरार है। आम नागरिकों और संस्थाओं को ऑनलाइन आवेदन दाखिल करने में किसी प्रकार की कठिनाई न हो, इसके लिए प्रवाह (PRAVAAH) पोर्टल पर यूजर मैनुअल, अक्सर पूछे जाने वाले सवाल और निर्देशात्मक वीडियो उपलब्ध कराए गए हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? रिजर्व बैंक के सिटीजन चार्टर का मुख्य उद्देश्य क्या है? उत्तर। यह चार्टर विभिन्न बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं के लिए स्पष्ट समय सीमा तय करता है ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
प्रश्न? ऑनलाइन आवेदन जमा करने के लिए किस पोर्टल का उपयोग किया जाता है? उत्तर। आवेदक प्रवाह (PRAVAAH) पोर्टल के माध्यम से अपने ऑनलाइन आवेदन सुगमता से दर्ज कर सकते हैं।
यह रिपोर्ट RBI (भारतीय रिज़र्व बैंक) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: RBI (भारतीय रिज़र्व बैंक)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






