
एनएलएमसी विशाखापट्टनम में आरआईएनएल के 459 भूखंडों की ई-नीलामी आयोजित कर रहा है। जानें तारीखें, बयाना राशि और भाग लेने की पूरी प्रक्रिया।
मुख्य बातें
- विशाखापट्टनम के मद्दिलापलेम और गाजुवाका में 459 भूखंड (93,572.21 वर्ग गज) सीधे बिक्री के लिए पेश।
- प्रतिस्पर्धी ई-नीलामी रेलटेल पोर्टल पर 12 अक्टूबर 2026 और 16 अक्टूबर 2026 को होगी।
- इच्छुक बोलीदाताओं के लिए ₹2 लाख प्रति भूखंड की बयाना राशि (EMD) जमा करना अनिवार्य।
- क्विकर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (QIPL) को लेनदेन सलाहकार के रूप में नियुक्त किया गया।
आरआईएनएल भूमि नीलामी के जरिए केंद्र सरकार की एजेंसी राष्ट्रीय भूमि मुद्रीकरण निगम (NLMC) विशाखापट्टनम में राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड (RINL) की 459 रणनीतिक भू-संपत्तियों को बेचने जा रही है। पीआईबी के अनुसार आरआईएनएल भूमि नीलामी की यह प्रक्रिया वित्त मंत्रालय के लोक उद्यम विभाग (DPE) के प्रशासनिक नियंत्रण में आयोजित की जा रही है। सरकारी बयान के मुताबिक, आरआईएनएल के विशाखापट्टनम स्टील प्लांट से जुड़े कुल 93,572.21 वर्ग गज क्षेत्रफल के 459 भूखंडों को बिना किसी कानूनी विवाद या भारमुक्त दस्तावेजों के साथ सीधे नीलामी के लिए प्रस्तुत किया गया है।
इस पूरी प्रक्रिया को आसान, पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाने के लिए क्विकर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (QIPL) को लेन-देन सलाहकार के तौर पर नियुक्त किया गया है। यह नीलामी उन निवेशकों, विकासकर्ताओं और व्यक्तिगत खरीदारों के लिए एक बड़ा अवसर प्रदान करती है, जो आंध्र प्रदेश के प्रमुख तटीय शहर विशाखापट्टनम में जमीन हासिल करना चाहते हैं।
आरआईएनएल भूमि नीलामी का विवरण और भूखंडों का आकार
एनएलएमसी की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, बेचे जाने वाले 459 भूखंडों का आकार 128.94 वर्ग गज से लेकर 2,728 वर्ग गज तक है। यह विविधता छोटे आवासीय मकान बनाने वालों से लेकर बड़े वाणिज्यिक और लॉजिस्टिक्स प्रोजेक्ट स्थापित करने वाले विकासकर्ताओं के लिए बेहद अनुकूल है।
इस आरआईएनएल भूमि नीलामी पोर्टफोलियो की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:
- कुल भूखंड: 459 ई-नीलामी प्लॉट।
- कुल क्षेत्रफल: 93,572.21 वर्ग गज।
- भूखंड आकार सीमा: 128.94 वर्ग गज से 2,728 वर्ग गज तक।
- ई-नीलामी तिथियां: 12 अक्टूबर 2026 और 16 अक्टूबर 2026।
- प्रति प्लॉट EMD: ₹2 लाख रुपये बयाना राशि।
- लेन-देन सलाहकार: क्विकर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (QIPL)।
- ई-नीलामी पोर्टल: eauction.enivida.com (रेलटेल प्लेटफॉर्म)।
विशाखापट्टनम में आरआईएनएल भूमि नीलामी की प्रमुख लोकेशन
इस आरआईएनएल भूमि नीलामी के तहत बेची जाने वाली संपत्तियां विशाखापट्टनम के दो अत्यंत विकसित और रणनीतिक इलाकों में फैली हुई हैं:
1. एचबी कॉलोनी, मद्दिलापलेम: यहां कुल 456 आवासीय एमआईजी (मध्यम आय वर्ग) और एलआईजी (निम्न आय वर्ग) भूखंड मौजूद हैं। यह इलाका पूरी तरह से विकसित है और नागरिक तथा सामाजिक इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ा हुआ है। यहां 24 फीट से लेकर 60 फीट चौड़ी कंक्रीट सड़कें उपलब्ध हैं और यह राष्ट्रीय राजमार्ग 16 (NH-16) के काफी समीप स्थित है।
2. ऑटो नगर, गाजुवाका: इस क्षेत्र में एनएच-16 से केवल 0.5 किलोमीटर की दूरी पर ब्लॉक 2 में 2,728 वर्ग गज का एक बड़ा भूखंड शामिल है, जो व्यावसायिक गतिविधियों और लॉजिस्टिक्स जरूरतों के लिए उपयुक्त है। इसके अतिरिक्त, ब्लॉक 3 में दो आवासीय भूखंड भी बिक्री के लिए रखे गए हैं।
आरआईएनएल भूमि नीलामी की प्रक्रिया और पंजीकरण नियम
इस आरआईएनएल भूमि नीलामी प्रक्रिया को पूरी तरह से डिजिटल और प्रतिस्पर्धी बनाया गया है। ई-नीलामी का आयोजन रेलटेल ई-निविदा ई-प्रोक्योरमेंट प्लेटफॉर्म पर दो निर्धारित तिथियों, यानी 12 अक्टूबर 2026 और 16 अक्टूबर 2026 को किया जाएगा।
भाग लेने के इच्छुक बोलीदाताओं को आधिकारिक पोर्टल (https://eauction.enivida.com) के माध्यम से ऑनलाइन पंजीकरण पूरा करना होगा। पंजीकरण के बाद निर्धारित समय सीमा के भीतर केवाईसी (KYC) सत्यापन कराना और प्रति भूखंड ₹2 लाख रुपये की बयाना राशि (EMD) ऑनलाइन जमा करना अनिवार्य है।
सार्वजनिक संपत्ति मुद्रीकरण और एनएलएमसी का महत्व
केंद्र सरकार की यह पहल केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (CPSEs) और सरकारी निकायों के पास पड़ी गैर-जरूरी तथा अतिरिक्त जमीनों का मुद्रीकरण करने के विजन के अनुरूप है। आरआईएनएल भूमि नीलामी के माध्यम से सरकार अनुपयोगी संपत्तियों को अनलॉक करके अर्थव्यवस्था में उत्पादक परिसंपत्तियों के रूप में शामिल कर रही है।
राष्ट्रीय भूमि मुद्रीकरण निगम (NLMC) भारत सरकार के पूर्ण स्वामित्व वाली संस्था है, जिसे सीपीएसई और सरकारी एजेंसियों की बची हुई भूमि और गैर-मुख्य परिसंपत्तियों का मुद्रीकरण निष्पादित करने के लिए गठित किया गया है। एनएलएमसी के माध्यम से संपत्ति मुद्रीकरण से मिलने वाले फंड का इस्तेमाल सार्वजनिक उपक्रमों के विकास और राष्ट्रीय बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण में किया जाता है।
राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड (RINL) की पृष्ठभूमि
विशाखापट्टनम स्टील प्लांट की मूल कॉरपोरेट इकाई, राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड (RINL), इस्पात मंत्रालय के अधीन संचालित एक प्रतिष्ठित ‘नवरत्न’ केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र का उद्यम है। आरआईएनएल भूमि नीलामी के जरिए कंपनी अपनी गैर-मुख्य आवासीय व वाणिज्यिक जमीनों का मुद्रीकरण करके संसाधन जुटा रही है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, विशाखापट्टनम में स्पष्ट और विवादरहित सरकारी दस्तावेजों वाली जमीनों की बिक्री से रियल एस्टेट बाजार में पारदर्शिता बढ़ेगी और निवेशकों को कानूनी रूप से सुरक्षित निवेश का बेहतर मौका मिलेगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न: आरआईएनएल भूमि नीलामी की मुख्य तिथियां क्या हैं?
उत्तर: ई-नीलामी 12 अक्टूबर 2026 और 16 अक्टूबर 2026 को आयोजित की जाएगी।
प्रश्न: आरआईएनएल भूमि नीलामी में शामिल होने के लिए कितनी EMD जमा करनी होगी?
उत्तर: प्रत्येक भूखंड के लिए बोलीदाताओं को ₹2 लाख रुपये की निर्धारित बयाना राशि (EMD) जमा करनी होगी।
प्रश्न: ई-नीलामी की प्रक्रिया किस वेब पोर्टल पर होगी?
उत्तर: नीलामी रेलटेल ई-निविदा ई-प्रोक्योरमेंट पोर्टल (eauction.enivida.com) पर आयोजित की जाएगी।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






