
शिक्षा मंत्रालय ने एनएमएमएसएस 2026-27 के तहत राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल पर आवेदन जमा करने की अंतिम समयसीमा 30 सितंबर 2026 तक बढ़ा दी है।
मुख्य बातें
- एनएसपी पोर्टल पर एनएमएमएसएस आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 30 सितंबर 2026 निर्धारित।
- संस्थान नोडल अधिकारी द्वारा एल1 सत्यापन की अंतिम तिथि 15 अक्टूबर 2026 रखी गई है।
- जिला नोडल अधिकारी द्वारा एल2 सत्यापन की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर 2026 तय की गई है।
- आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के कक्षा 9 के मेधावी छात्रों को हर साल 12,000 रुपये की छात्रवृत्ति दी जाती है।
- 31 अगस्त 2026 तक पोर्टल पर 79,398 नए और 1,87,208 नवीनीकरण आवेदन जमा हो चुके हैं।
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने मेधावी विद्यार्थियों के लिए संचालित एनएमएमएसएस छात्रवृत्ति 2026-27 के तहत राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल पर आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि को बढ़ाकर 30 सितंबर 2026 कर दिया है। पीआईबी के अनुसार, विद्यालय शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा कार्यान्वित इस योजना के अंतर्गत चयनित छात्रों को अब अपनी ऑनलाइन अर्जी पूरी करने के लिए अतिरिक्त समय मिल गया है। जो छात्र आर्थिक तंगी के कारण अपनी स्कूली पढ़ाई बीच में छोड़ने पर मजबूर हो जाते हैं, उन्हें उच्च माध्यमिक स्तर यानी कक्षा बारहवीं तक पढ़ाई जारी रखने के लिए यह वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
एनएमएमएसएस छात्रवृत्ति 2026-27 के लिए महत्वपूर्ण तिथियां
शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी नई समयसीमा के अनुसार, राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल पर पात्र विद्यार्थियों द्वारा आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 30 सितंबर 2026 है। इसके बाद सत्यापन की प्रक्रिया शुरू होगी। सत्यापन प्रक्रिया को दो चरणों में बांटा गया है ताकि किसी भी तरह की त्रुटि न रहे।
सत्यापन की पूरी समयसीमा इस प्रकार निर्धारित की गई है:
- ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि: 30 सितंबर 2026
- एल1 सत्यापन (संस्थान नोडल अधिकारी – आईएनओ): 15 अक्टूबर 2026
- एल2 सत्यापन (जिला नोडल अधिकारी – डीएनओ): 31 अक्टूबर 2026
मंत्रालय ने बताया कि पोर्टल पर 1 जून 2026 से ही आवेदन प्रक्रिया चल रही है। 31 अगस्त 2026 तक दर्ज आंकड़ों के अनुसार, कुल 79,398 नए आवेदन और 1,87,208 नवीनीकरण आवेदन पहले ही जमा किए जा चुके हैं। जो छात्र पहले ही आवेदन फॉर्म भर चुके हैं, उन्हें अपने संबंधित विद्यालय और जिला नोडल अधिकारियों से समय पर सत्यापन पूरा कराने की सलाह दी गई है।
एनएमएमएसएस छात्रवृत्ति योजना का उद्देश्य और लाभ
राष्ट्रीय साधन-सह-योग्यता छात्रवृत्ति योजना यानी एनएमएमएसएस छात्रवृत्ति का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर मेधावी छात्रों को आर्थिक सहायता देकर कक्षा आठवीं के बाद ड्रॉपआउट दर को कम करना है। भारत में कई बार देखा जाता है कि प्रतिभाशाली छात्र पारिवारिक आर्थिक तंगी के कारण आठवीं कक्षा के बाद स्कूल जाना छोड़ देते हैं। यह योजना उन्हें कक्षा 9 से 12 तक बिना किसी रुकावट के शिक्षा प्राप्त करने में मदद करती है।
इस योजना के तहत प्रतिवर्ष कक्षा नौ के विद्यार्थियों को 1 लाख नई छात्रवृत्तियां आवंटित की जाती हैं। चयनित विद्यार्थियों को प्रति छात्र 12,000 रुपये प्रति वर्ष की सहायता राशि प्रदान की जाती है। यह वित्तीय राशि सीधे लाभार्थी छात्र के बैंक खाते में हस्तांतरित की जाती है। शैक्षणिक प्रदर्शन के आधार पर यह छात्रवृत्ति कक्षा 10, 11 और 12 में नवीनीकरण के माध्यम से लगातार जारी रहती है।
एनएमएमएसएस छात्रवृत्ति के लिए पात्रता मानदंड
शिक्षा मंत्रालय के नियमों के अनुसार, इस योजना का लाभ केवल उन्हीं छात्रों को दिया जाता है जो विशिष्ट पात्रता शर्तों को पूरा करते हैं। एनएमएमएसएस छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करने वाले छात्र के माता-पिता की कुल वार्षिक आय 3.50 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।
इसके अलावा, छात्र को राज्य या केंद्र शासित प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित चयन परीक्षा में सफलता प्राप्त करनी होती है। इस चयन परीक्षा में बैठने के लिए छात्र का कक्षा 7वीं में न्यूनतम 55 प्रतिशत अंक या उसके समकक्ष ग्रेड होना आवश्यक है। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों के लिए न्यूनतम अंक सीमा में 5 प्रतिशत की विशेष छूट दी गई है। यह योजना केवल राज्य सरकार, सरकारी सहायता प्राप्त और स्थानीय निकायों द्वारा संचालित विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों पर लागू होती है। निजी स्कूलों के छात्र इस योजना के दायरे में नहीं आते।
राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल पर एनएमएमएसएस छात्रवृत्ति आवेदन प्रक्रिया
राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल भारत सरकार का एक एकीकृत डिजिटल मंच है, जहां विभिन्न केंद्रीय और राज्यस्तरीय छात्रवृत्तियों का संचालन होता है। परियोजना वर्ष 2026-27 के लिए चयनित छात्रों को सबसे पहले एनएसपी पोर्टल पर वन टाइम रजिस्ट्रेशन (ओटीआर) प्रक्रिया पूरी करनी अनिवार्य है। ओटीआर पूरा करने के बाद छात्र अपनी संबंधित योजना का चयन करके ऑनलाइन आवेदन पत्र भर सकते हैं।
आवेदन सबमिट होने के बाद यह सत्यापन प्रक्रिया में जाता है। एनएमएमएसएस छात्रवृत्ति में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सत्यापन के दो स्तर निर्धारित हैं। पहले स्तर (एल1) पर स्कूल या संस्थान के नोडल अधिकारी दस्तावेजों और पात्रता की जांच करते हैं। संस्थान स्तर से मंजूरी मिलने के बाद आवेदन दूसरे स्तर (एल2) यानी जिला नोडल अधिकारी के पास जाता है। दोनों स्तरों से मंजूरी मिलने के बाद ही छात्रवृत्ति की राशि जारी की जाती है।
डीबीटी मोड से सीधे बैंक खाते में पहुंचेगी राशि
शिक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि एनएमएमएसएस छात्रवृत्ति की पूरी राशि का वितरण सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (पीएफएमएस) के माध्यम से प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) मोड में किया जाता है। इलेक्ट्रॉनिक्स हस्तांतरण के जरिए पैसा सीधे पात्र छात्र के आधार से जुड़े बैंक खाते में भेजा जाता है। इससे न केवल पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहती है, बल्कि बिचौलियों की गुंजाइश भी समाप्त हो जाती है और सहायता राशि बिना किसी देरी के छात्रों तक पहुंचती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? एनएमएमएसएस छात्रवृत्ति 2026 के लिए आवेदन की अंतिम तिथि क्या है?
उत्तर। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 30 सितंबर 2026 कर दी है।
प्रश्न? एनएमएमएसएस योजना के तहत छात्रों को कितनी छात्रवृत्ति राशि मिलती है?
उत्तर। चयनित विद्यार्थियों को प्रतिवर्ष 12,000 रुपये की वित्तीय सहायता सीधे उनके बैंक खाते में दी जाती है।
प्रश्न? एनएमएमएसएस छात्रवृत्ति के लिए आय सीमा और न्यूनतम अंक क्या हैं?
उत्तर। अभिभावक की वार्षिक आय 3.50 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए और छात्र के कक्षा 7 में कम से कम 55% अंक होने चाहिए (एससी/एसटी के लिए 50%)।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






