रविवार, अक्टूबर 18, 2026

छात्र कल्याण और मानसिक स्वास्थ्य पर आईआईटी इंदौर में विशेष कार्यशाला का समापन

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छात्र कल्याण

आईआईटी इंदौर के निदेशक डॉ. सुहास एस. जोशी ने मजबूत सोच विकसित करने और छात्र कल्याण को बढ़ावा देने पर जोर दिया है।

मुख्य बातें

  • आईआईटी इंदौर के निदेशक डॉ. सुहास एस. जोशी ने छात्र कल्याण के लिए सामूहिक प्रतिबद्धता का आह्वान किया।
  • यह दो दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यशाला केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित की गई थी।
  • कार्यशाला में गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, पंजाब और मध्य प्रदेश के 21 उच्च शिक्षा संस्थानों से 94 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
  • इसका आयोजन मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम (एमएमटीटीपी) के ‘टीचर कनेक्ट प्रोग्राम’ के तहत किया गया।

छात्र कल्याण और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के उद्देश्य से भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) इंदौर में आयोजित दो दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यशाला का सफलतापूर्वक समापन हो गया है। पीआईबी के अनुसार, आईआईटी इंदौर के निदेशक डॉ. सुहास एस. जोशी ने इस अवसर पर मजबूत सोच विकसित करने और परिसरों को आपस में जोड़कर छात्र कल्याण को बढ़ावा देने के लिए एक सामूहिक प्रतिबद्धता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजनों से मिलने वाली सीख को भविष्य की स्थायी संस्थागत प्रक्रियाओं में शामिल किया जाना आवश्यक है ताकि उच्च शिक्षा संस्थानों का माहौल अधिक सकारात्मक बन सके।

संवर्धन: अकादमिक उत्कृष्टता से सतत कल्याण तक शीर्षक वाली इस कार्यशाला का आयोजन केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग के सहयोग से किया गया था। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शिक्षण संस्थानों में एक स्वस्थ, अधिक सहयोगी और आपस में जुड़े हुए उच्च शिक्षा पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करना था। इस पहल से उच्च शिक्षा संस्थानों में छात्र कल्याण की दिशा में नए रास्ते खुलेंगे और शैक्षणिक तनाव को कम करने में मदद मिलेगी।

छात्र कल्याण और मानसिक स्वास्थ्य कार्यशाला की मुख्य बातें

इस दो दिवसीय महत्वपूर्ण कार्यशाला में देश के विभिन्न हिस्सों से आए प्रमुख लोगों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में संस्थानों के प्रमुखों, संकाय सदस्यों, छात्र मामलों से जुड़े पेशेवरों, मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों, छात्रावास वार्डनों, छात्रों और काउंसलरों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। सभी ने अपने अनुभवों को साझा किया और छात्र कल्याण को बढ़ावा देने के लिए व्यावहारिक तरीकों पर गहराई से विचार-विमर्श किया। कार्यशाला के दौरान मनोचिकित्सा, पोषण, भारतीय ज्ञान प्रणाली और छात्र सहायता जैसे विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने अपने विचार रखे।

कार्यशाला के पहले दिन उच्च शिक्षा संस्थानों के मनोसामाजिक परिदृश्य, मजबूत नीतियों, टिकाऊ प्रक्रियाओं, सामाजिक जुड़ाव और समस्याओं की शुरुआती पहचान जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर कई सत्र आयोजित किए गए। इसके अलावा, जीवन-कौशल आधारित सहकर्मी मार्गदर्शन और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों की रोकथाम पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

व्यावहारिक अनुभव और भविष्य की कार्ययोजना

कार्यक्रम के दूसरे दिन प्रतिभागियों को कई प्रकार के व्यावहारिक अनुभव प्रदान किए गए। इसमें चेतावनी संकेतों की पहचान, विशिष्ट सीखने संबंधी अक्षमताओं, नशीले पदार्थों के सेवन की रोकथाम, छात्रावास के सकारात्मक वातावरण और सहयोगात्मक रहने की जगहों के बारे में समझ विकसित करना शामिल था। कार्यशाला के अंत में सभी भाग लेने वाले संस्थानों ने अपने विश्वविद्यालय कल्याण संकेतकों और अंतिम सिफारिशों की रूपरेखा तैयार की।

  • मध्य और पश्चिमी क्षेत्रों के लिए मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत आयोजन।
  • गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, पंजाब और मध्य प्रदेश के संस्थानों की भागीदारी।
  • कुल 21 उच्च शिक्षा संस्थानों से 94 प्रतिनिधियों ने लिया हिस्सा।
  • मानसिक स्वास्थ्य और छात्र कल्याण के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करना।

इस प्रकार के आयोजनों से उच्च शिक्षा संस्थानों में छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता बढ़ती है। जब शैक्षणिक संस्थानों में छात्र कल्याण को प्राथमिकता दी जाती है, तो युवा अधिक आत्मविश्वास और मानसिक मजबूती के साथ अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर पाते हैं। अधिकारियों का मानना है कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम आने वाले समय में देश भर के अन्य विश्वविद्यालयों के लिए भी एक मजबूत नींव का काम करेंगे।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न? यह कार्यशाला कहाँ आयोजित की गई थी। उत्तर। यह कार्यशाला भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) इंदौर में आयोजित की गई थी।

प्रश्न? इस कार्यशाला का मुख्य विषय क्या था। उत्तर। इसका मुख्य विषय संवर्धन: अकादमिक उत्कृष्टता से सतत कल्याण तक था।

प्रश्न? इसमें कितने संस्थानों ने भाग लिया था। उत्तर। इसमें गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, पंजाब और मध्य प्रदेश के 21 संस्थानों ने हिस्सा लिया।

यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com

अभिषेक सिंह
अभिषेक सिंह
अभिषेक सिंह आज पत्रिका में समाचार एवं व्यापार संपादक हैं। वे अर्थव्यवस्था, भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI), बैंकिंग, शेयर बाजार, सरकारी योजनाओं, रोज़गार और भर्ती से जुड़ी खबरों तथा पाठकों के काम आने वाली व्यावहारिक जानकारी (कैसे करें/स्टेप-बाय-स्टेप गाइड) की रिपोर्टिंग और संपादन करते हैं। वे सुनिश्चित करते हैं कि हर आँकड़ा, तिथि और प्रक्रिया आधिकारिक स्रोत से सत्यापित हो और लेख में मूल विज्ञप्ति या पोर्टल का लिंक दिया जाए। किसी गलती की सूचना के लिए: corrections@aajpatrika.com।

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