
केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो ने मिशन युवा रक्षा के अंतर्गत मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों में विद्यार्थियों के बीच मादक पदार्थों के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाए।
मुख्य बातें
- अक्टूबर 2026 के दौरान मध्य प्रदेश में पाँच स्थानों पर नशा-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
- नीमच, जावरा, जावद, मंदसौर और गरोठ के शैक्षणिक संस्थानों को इस अभियान में शामिल किया गया।
- स्वामी विवेकानन्द गवर्नमेंट पीजी कॉलेज नीमच और सरदार पटेल कॉलेज ऑफ नर्सिंग जावरा में लगभग दो-दो सौ छात्रों ने हिस्सा लिया।
- सीएम राइज स्कूल जावद और सबाखेड़ा मंदसौर में प्रत्येक जगह लगभग साढ़े चार सौ छात्रों और शिक्षकों ने भाग लिया।
- संस्कार वैली हायर सेकेंडरी स्कूल गरोठ के लगभग दो सौ तीस छात्रों ने नशा मुक्ति की प्रतिज्ञा ली।
मिशन युवा रक्षा के तहत केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन) की मध्य प्रदेश इकाई ने अक्टूबर 2026 के दौरान राज्य के कई जिलों में मादक पदार्थों के खिलाफ पांच बड़े जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया। इन आयोजनों का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों से बचाना और स्वस्थ जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था। पीआईबी के अनुसार, इन सत्रों में छात्रों को वैज्ञानिक तथ्यों के जरिए समझाया गया कि नशा शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के साथ-साथ उनके भविष्य को कैसे बर्बाद करता है।
मिशन युवा रक्षा अभियान से जुड़ी मुख्य बातें क्या हैं?
मिशन युवा रक्षा अभियान के तहत अक्टूबर 2026 में नीमच, जावरा, जावद, मंदसौर और गरोठ के विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों को जोड़ा गया। केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो ने स्थानीय संस्थानों और ब्रह्माकुमारीज के सहयोग से इन शिविरों को सफलतापूर्वक पूरा किया, जिसमें हजारों की संख्या में छात्र और शिक्षक शामिल हुए।
- 5 अक्टूबर 2026: स्वामी विवेकानन्द गवर्नमेंट पीजी कॉलेज, नीमच में करीब 200 विद्यार्थियों और शिक्षकों की भागीदारी।
- 13 अक्टूबर 2026: सरदार पटेल कॉलेज ऑफ नर्सिंग, जावरा में 200 छात्र और 25 स्टाफ सदस्यों ने लिया हिस्सा।
- 15 अक्टूबर 2026: सीएम राइज गवर्नमेंट स्कूल, जावद में 450 छात्र-छात्राओं की उपस्थिति।
- 15 अक्टूबर 2026: सीएम राइज स्कूल, सबाखेड़ा (मंदसौर) में 450 विद्यार्थियों द्वारा जागरूकता सत्र में सहभागिता।
- 15 अक्टूबर 2026: संस्कार वैली हायर सेकेंडरी स्कूल, गरोठ में लगभग 230 छात्रों की उपस्थिति दर्ज की गई।
छात्रों के बीच कैसे चलाया गया यह नशा मुक्ति अभियान?
इन सभी कार्यक्रमों को केवल भाषण तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि इसमें संवादात्मक शिक्षण विधियों का इस्तेमाल किया गया। गतिविधियों में प्रश्नोत्तर प्रतियोगिताएं, शैक्षिक वीडियो का प्रदर्शन, प्रस्तुतियां, ध्यान शिविर और पोस्टर बनाने की प्रतियोगिताएं शामिल थीं। आयोजकों ने युवाओं को बताया कि वे अपनी व्यक्तिगत जिम्मेदारी को समझें और अपने परिवारों व समाज को नशा मुक्त बनाने में मदद करें। सत्र के अंत में सभी प्रतिभागियों ने नशीली दवाओं से दूर रहने की प्रतिज्ञा भी ली।
नशा मुक्त भारत की परिकल्पना और सीबीएन की भूमिका
केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो केवल कानून प्रवर्तन और जब्ती तक सीमित नहीं है, बल्कि वह निवारक शिक्षा और मांग-कमी की पहलों के जरिए समाज को सुधारने का काम भी कर रहा है। मध्य प्रदेश इकाई की इन पहलों का उद्देश्य युवाओं को सही दिशा दिखाना है ताकि वे समाज में नशीली दवाओं की रोकथाम के सक्रिय राजदूत बन सकें। इस तरह के आयोजनों से आने वाले समय में छात्र अपने समुदायों में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रेरित होंगे।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? मिशन युवा रक्षा अभियान की शुरुआत किसने की है? उत्तर। केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन) की मध्य प्रदेश इकाई ने यह अभियान शुरू किया है।
प्रश्न? इस अभियान के तहत कौन-से जिले शामिल किए गए हैं? उत्तर। अक्टूबर 2026 के दौरान नीमच, जावरा, जावद, मंदसौर और गरोठ के शैक्षणिक संस्थान शामिल किए गए।
प्रश्न? कार्यक्रमों में किस प्रकार की गतिविधियां हुईं? उत्तर। जागरूकता सत्र, प्रश्नोत्तर प्रतियोगिताएं, शैक्षिक वीडियो प्रदर्शन, ध्यान और पोस्टर निर्माण जैसी गतिविधियां हुईं।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






