सीटीटीसी भुवनेश्वर के समर इंटर्नशिप कार्यक्रम 2026 में देश-विदेश के 8,000 से अधिक इंजीनियरिंग छात्रों ने 39 आधुनिक तकनीकों में प्रशिक्षण प्राप्त किया।
मुख्य बातें
- मई और जून 2026 में आयोजित 4 सप्ताह के कार्यक्रम में 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 8,083 छात्रों ने प्रशिक्षण लिया।
- सूडान और यमन के 26 अंतरराष्ट्रीय छात्रों सहित आईआईटी, एनआईटी और पॉलिटेक्निक के छात्रों ने भाग लिया।
- मैकेनिकल विभाग के 3,193, इलेक्ट्रॉनिक्स के 2,209 और आईटी/सॉफ्टवेयर के 1,948 छात्र शामिल हुए।
- एआई (1,748 छात्र) और पीएलसी प्रोग्रामिंग (1,000 छात्र) जैसे 39 तकनीकी डोमेन में प्रशिक्षण दिया गया।
- सीटीटीसी ने चंद्रयान-3 के लिए 54,000 कलपुर्जे और आदित्य-एल1 के लिए वाल्व व सेंसर की आपूर्ति की है।
केंद्रीय टूल रूम और प्रशिक्षण केंद्र द्वारा आयोजित सीटीटीसी भुवनेश्वर समर इंटर्नशिप 2026 के माध्यम से देश-विदेश के 8,083 इंजीनियरिंग विद्यार्थियों को चार सप्ताह का गहन उद्योग-उन्मुख और व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया है। पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME) के अधीन काम करने वाले सीटीटीसी भुवनेश्वर ने मई और जून 2026 के दौरान इस प्रतिष्ठित समर ट्रेनिंग प्रोग्राम का सफल संचालन किया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में भारत के 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के इंजीनियरिंग छात्रों के साथ-साथ सूडान और यमन के 26 अंतरराष्ट्रीय छात्रों ने भी भाग लिया।
उद्योग जगत की बदलती मांगों और आधुनिक तकनीकी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सीटीटीसी भुवनेश्वर समर इंटर्नशिप का मुख्य उद्देश्य युवाओं की रोजगार क्षमता और तकनीकी दक्षता को बढ़ाना था। संस्थान ने चार सप्ताह के संरचित मॉड्यूल के जरिए कक्षाओं में दी जाने वाली सैद्धांतिक शिक्षा और औद्योगिक कामकाज के व्यावहारिक अभ्यास के बीच मौजूद अंतर को समाप्त करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। इसमें भाग लेने वाले छात्रों को आधुनिक लैब और उन्नत टूल्स के माध्यम से प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त हुआ।
सीटीटीसी भुवनेश्वर समर इंटर्नशिप के प्रमुख आंकड़े और शाखाएं
पीआईबी द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के मुताबिक, इस वर्ष की समर इंटर्नशिप में विभिन्न इंजीनियरिंग शाखाओं के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। कुल 8,083 प्रशिक्षित छात्रों में से मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के छात्रों का प्रदर्शन सबसे उत्कृष्ट रहा। इस विभाग से सर्वाधिक 3,193 छात्रों ने अपना प्रशिक्षण पूरा किया। इसके बाद इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग शाखा से 2,209 छात्रों ने और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) तथा सॉफ्टवेयर विभाग से 1,948 छात्रों ने व्यावहारिक कौशल हासिल किया।
इसके अतिरिक्त सिविल इंजीनियरिंग विभाग के 388 छात्रों तथा अन्य उभरते हुए तकनीकी क्षेत्रों के 345 विद्यार्थियों ने भी इस इंटर्नशिप में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इस सीटीटीसी भुवनेश्वर समर इंटर्नशिप कार्यक्रम के तहत कोर इंजीनियरिंग विषयों के साथ-साथ नवीनतम डिजिटल प्रौद्योगिकियों में भी छात्रों का रुझान स्पष्ट रूप से देखा गया। देश के प्रमुख तकनीकी संस्थानों जैसे भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी), विभिन्न डीम्ड विश्वविद्यालयों, राज्य स्तरीय इंजीनियरिंग कॉलेजों और पॉलिटेक्निक संस्थानों के विद्यार्थियों ने इस प्रशिक्षण में सहभागिता की।
39 विषयों में तकनीकी कौशल और आधुनिक तकनीकों पर जोर
सीटीटीसी भुवनेश्वर समर इंटर्नशिप में भाग लेने वाले छात्रों को कुल 39 विविध इंजीनियरिंग और इमर्जिंग टेक्नोलॉजी डोमेन में प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इस दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग (AI-ML), क्लाउड कंप्यूटिंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) और एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग (3D प्रिंटिंग) जैसी आधुनिक तकनीकों पर विशेष ध्यान दिया गया। इन पाठ्यक्रमों को इस प्रकार तैयार किया गया था कि छात्र उद्योग की वर्तमान जरूरतों के अनुरूप स्वयं को ढाल सकें।
विभिन्न तकनीकी विषयों में पंजीकरण के मामले में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कोर्स सबसे लोकप्रिय रहा, जिसमें 1,748 छात्रों ने भाग लिया। इसके बाद पीएलसी (PLC) प्रोग्रामिंग में 1,000 छात्रों ने प्रशिक्षण लिया। ऑटोकैड (AutoCAD) में 991 छात्रों ने, पायथन प्रोग्रामिंग (Python) में 413 छात्रों ने और डेटा एनालिटिक्स (Data Analytics) में 392 विद्यार्थियों ने अपना नामांकन कराया। सीटीटीसी भुवनेश्वर समर इंटर्नशिप के माध्यम से छात्रों को इन एडवांस्ड सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर तकनीकों में विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।
- कुल प्रशिक्षित छात्र: 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से 8,083 इंजीनियरिंग छात्र (26 अंतरराष्ट्रीय छात्रों सहित)।
- सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन वाली शाखाएं: मैकेनिकल (3,193 छात्र), इलेक्ट्रॉनिक्स (2,209 छात्र) और आईटी/सॉफ्टवेयर (1,948 छात्र)।
- लोकप्रिय तकनीकी विषय: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (1,748), पीएलसी प्रोग्रामिंग (1,000), ऑटोकैड (991), पायथन (413) और डेटा एनालिटिक्स (392)।
- अंतरराष्ट्रीय भागीदारी: सूडान और यमन के 26 विदेशी इंजीनियरिंग छात्रों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया।
- अंतरिक्ष और रक्षा योगदान: चंद्रयान-3 के लिए 54,000 सटीक कलपुर्जे और आदित्य-एल1 के लिए वाल्व व सेंसर की आपूर्ति।
सीटीटीसी भुवनेश्वर का अंतरिक्ष और रक्षा क्षेत्र में ऐतिहासिक योगदान
केंद्रीय टूल रूम और प्रशिक्षण केंद्र (CTTC), भुवनेश्वर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को टूल डिजाइन, टूल निर्माण और तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान करने वाला देश का एक प्रमुख संस्थान है। यह केंद्र ऑटो पार्ट्स, उच्च परिशुद्धता वाले पार्ट्स, गुणवत्तापूर्ण प्रेस टूल्स, मोल्ड्स, डाइज़, गेज, जिग्स और फिक्स्चर के डिजाइन और विनिर्माण में अपनी विशिष्ट सेवाएं देता है। इसके अलावा टूल एंड डाई टेक्नोलॉजी, प्रोडक्ट डिजाइन, मेकाट्रॉनिक्स, सीएनसी मशीनिंग और सीएडी/सीएएम जैसे आधुनिक क्षेत्रों में प्रशिक्षण देने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है।
राष्ट्रीय अभियानों में सीटीटीसी भुवनेश्वर का योगदान अत्यंत गौरवपूर्ण रहा है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के 14 जुलाई 2023 को प्रक्षेपित चंद्रयान-3 मिशन के लिए सीटीटीसी ने 437 प्रकार के 54,000 से अधिक अत्यधिक सटीक घटकों (प्रेसिजन कंपोनेंट्स) का निर्माण और आपूर्ति की थी। इसके अलावा, सितंबर 2023 में लॉन्च किए गए भारत के पहले सौर मिशन आदित्य-एल1 के लिए भी संस्थान ने रेगुलेटर, फ्लो कंट्रोल वाल्व, जाइरोस्कोप, तापमान सेंसर और नेविगेशन पार्ट्स जैसे महत्वपूर्ण उपकरणों का निर्माण किया। एरोस्पेस और रक्षा क्षेत्रों में लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) कार्यक्रम के लिए स्वदेशी कलपुर्जों का निर्माण कर यह संस्थान मेक इन इंडिया पहल को मजबूती प्रदान कर रहा है।
उद्योग की जरूरतों और व्यावहारिक ज्ञान के बीच तालमेल
वर्तमान समय में जब उद्योग जगत तेजी से ऑटोमेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की ओर बढ़ रहा है, तब सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक कौशल की मांग अत्यधिक बढ़ गई है। सीटीटीसी भुवनेश्वर समर इंटर्नशिप जैसे कार्यक्रम इंजीनियरिंग विद्यार्थियों के लिए एक ऐसा मंच प्रदान करते हैं, जहां वे वास्तविक औद्योगिक माहौल और आधुनिक मशीनों पर काम करने का अनुभव प्राप्त कर सकते हैं। संस्थान का यह प्रयास न केवल छात्रों की कार्यकुशलता में सुधार करता है, बल्कि देश के विनिर्माण और तकनीकी क्षेत्र को सक्षम जनशक्ति प्रदान करने में भी सहायक सिद्ध हो रहा है।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






