
केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय शैक्षिक योजना एवं प्रशासन संस्थान (NIEPA) के नए शैक्षणिक भवन और मुख्य प्रवेश द्वार का अनावरण किया है।
मुख्य बातें
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने नई दिल्ली में एनआईईपीए के नए शैक्षणिक भवन का उद्घाटन किया।
- यह नया भवन संस्थान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों का विस्तार करने में मदद करेगा।
- शिक्षा मंत्री ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के कार्यान्वयन और रटकर सीखने की पद्धति से दूर हटने पर जोर दिया।
- कार्यक्रम के दौरान उच्च शिक्षा विभाग की सचिव दीप्ति गौर मुखर्जी और एनआईईपीए की कुलपति प्रो. शशिकला वंजारी मौजूद रहीं।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री प्रल्हाद जोशी ने राष्ट्रीय शैक्षिक योजना एवं प्रशासन संस्थान (NIEPA) के नए शैक्षणिक भवन का उद्घाटन किया है जिससे देश की उच्च शिक्षा संरचना को एक नई दिशा मिलने की उम्मीद है। यह नया ढांचागत विस्तार शैक्षणिक गतिविधियों और अनुसंधान कार्यों को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाने में मददगार साबित होगा। प्रेस सूचना कार्यालय (PIB) द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस उद्घाटन समारोह में संस्थान के वरिष्ठ अधिकारी और मंत्रालय के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
शैक्षणिक भवन का उद्घाटन और इसका महत्व
केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने नई दिल्ली में आयोजित एक समारोह के दौरान राष्ट्रीय शैक्षिक योजना एवं प्रशासन संस्थान (एनआईईपीए) के इस नए शैक्षणिक भवन और मुख्य प्रवेश द्वार का औपचारिक अनावरण किया। उद्घाटन अवसर पर बोलते हुए मंत्री ने स्पष्ट किया कि आधुनिक और मजबूत बुनियादी ढांचा किसी भी शैक्षणिक संस्थान की कार्यक्षमता को बढ़ाने के लिए अनिवार्य है। उन्होंने संस्कृत के प्राचीन श्लोक का हवाला देते हुए संस्थागत ढांचे की तुलना एक स्वस्थ शरीर से की, जिसके माध्यम से संस्थान अपने कर्तव्यों का पालन और भी अधिक प्रभावी ढंग से कर सकेंगे।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और अनुसंधान क्षमताएं
इस अवसर पर शिक्षा मंत्री ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के लक्ष्यों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि एनआईईपीए राज्य सरकारों के साथ मिलकर इस नीति के कार्यान्वयन की लगातार निगरानी कर रहा है और आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों का समाधान ढूंढ रहा है। शिक्षा प्रणाली में रटकर सीखने की पुरानी प्रथा को छोड़कर मूल अवधारणाओं को स्पष्ट रूप से समझने की पद्धति पर जोर दिया जा रहा है। नया शैक्षणिक भवन इस प्रकार की अनुसंधान और प्रशिक्षण गतिविधियों को तेज गति प्रदान करेगा।
डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म और वित्तीय पहल
मंत्री ने अपने संबोधन में सरकार की अन्य प्रमुख शैक्षणिक पहलों जैसे ‘पीएम विद्यालक्ष्मी योजना’ का भी उल्लेख किया। इस योजना के तहत उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के लिए 60,000 करोड़ रुपये के आसान ऋण उपलब्ध कराए जाने का प्रावधान है। इसके अलावा, ‘स्वयं’ (SWAYAM) और ‘दीक्षा’ (DIKSHA) जैसे डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म देश भर के छात्र-छात्राओं तक गुणवत्तापूर्ण डिजिटल शिक्षा पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
एनआईईपीए का परिचय और पृष्ठभूमि
राष्ट्रीय शैक्षिक योजना एवं प्रशासन संस्थान (NIEPA) भारत में शैक्षिक योजना और प्रशासन के क्षेत्र में एक प्रमुख राष्ट्रीय संगठन है। यह संस्थान शिक्षा नीति, योजना और प्रबंधन से जुड़े मामलों पर उच्च स्तर का अनुसंधान, क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण प्रदान करता है। स्थापना के बाद से ही यह निकाय केंद्र और राज्य सरकारों को शिक्षा प्रणाली के सुदृढ़ीकरण के लिए परामर्श और अकादमिक सहायता प्रदान करता आ रहा है। नए भवन के जुड़ने से इसके दायरे और क्षमता में और अधिक वृद्धि हुई है।
समारोह में उपस्थित गणमान्य अतिथि
इस उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान शिक्षा मंत्रालय और संस्थान के कई प्रमुख चेहरे मौजूद रहे। उच्च शिक्षा विभाग की सचिव सुश्री दीप्ति गौर मुखर्जी, एनआईईपीए के कुलाधिपति प्रोफेसर रामा शंकर दुबे और एनआईईपीए की कुलपति प्रोफेसर शशिकला वंजारी इस अवसर पर विशेष रूप से उपस्थित थीं। इन सभी ने संस्थान के आगामी शोध कार्यक्रमों और शैक्षणिक विस्तार की रूपरेखा पर भी चर्चा की।
- नई दिल्ली में एनआईईपीए के नए शैक्षणिक भवन का उद्घाटन
- राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत अनुसंधान और निगरानी पर जोर
- पीएम विद्यालक्ष्मी योजना के तहत 60,000 करोड़ रुपये के आसान ऋण
- स्वयं और दीक्षा प्लेटफार्मों के माध्यम से डिजिटल शिक्षा का विस्तार
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? राष्ट्रीय शैक्षिक योजना एवं प्रशासन संस्थान का नया शैक्षणिक भवन कहाँ खुला है?
उत्तर। इस नए शैक्षणिक भवन का उद्घाटन नई दिल्ली में किया गया है।
प्रश्न? इस उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि कौन थे?
उत्तर। केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री प्रल्हाद जोशी ने इस नए भवन का उद्घाटन किया।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






